जनपदीय स्थानान्तरण : अब नहीं चलेगी बीएसए की मनमानी

  • महिला शिक्षकों को सहूलियत देने का इरादा
  • अगले स्थानांतरण सत्र से कंप्यूटरीकृत व्यवस्था लागू करने की योजना
  • एनआइसी से सॉफ्टवेयर तैयार कराएगा बेसिक शिक्षा विभाग
बेसिक शिक्षा विभाग जिले के अंदर होने वाले तबादलों और समायोजन में महिला शिक्षकों को खास सहूलियत देने पर विचार कर रहा है। विभाग की मंशा है कि महिला शिक्षकों को मुख्य सड़कों और उनसे सौ से दो सौ मीटर अंदर पड़ने वाले स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती दी जाए। पुरुष शिक्षक सुदूरवर्ती क्षेत्रों में तैनात किए जाएं। इसके लिए महिला शिक्षकों से विकल्प मांगे जाएंगे। तबादलों के लिए इन नीतिगत बदलावों पर यदि सहमति बनी तो उन्हें अमली जामा पहनाने के लिए अध्यापक तैनाती नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
 अगले स्थानांतरण सत्र से बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों के शिक्षकों के तबादले व समायोजन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की मनमानी व अड़ंगेबाजी नहीं चलेगी। जिले के अंदर शिक्षकों के तबादले और समायोजन कंप्यूटरीकृत व्यवस्था के तहत होंगे।
इस व्यवस्था से पता चलेगा कि छात्र संख्या के अनुपात में किस स्कूल में शिक्षक ज्यादा हैं और कहां कम। इसके बाद स्थानांतरण के लिए शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदनों की प्रोसेसिंग कर तबादलों को अंजाम देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआइसी) से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तैयार कराएगा।
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का पद जिला संवर्गीय होता है। जिले के अंदर तबादले व समायोजन के लिए शिक्षक अभी बीएसए की ‘कृपा’ पर निर्भर हैं। तबादलों और समायोजन में बीएसए जहां मनमानी करते हैं, वहीं मनपसंद स्कूल में तैनाती के लिए अक्सर विभागीय अधिकारियों पर प्रभावशाली लोगों से दबाव भी डलवाते हैं। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार के मुताबिक इनपर अंकुश लगाने के लिए अगले स्थानांतरण सत्र से जिले के अंदर शिक्षकों के तबादले कंप्यूटरीकृत व्यवस्था से होंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के पास एक मास्टर डाटा उपलब्ध है जिसमें प्रत्येक परिषदीय स्कूल और उनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या उपलब्ध है। वहीं सर्व शिक्षा अभियान परियोजना के तहत ‘डिस्टिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम ऑफ एजुकेशन’ (डाइस) का मास्टर डाटा भी सुलभ है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में परिषदीय स्कूलों के वेतन वितरण की व्यवस्था को कंप्यूटरीकृत किया है जिससे उसके पास प्रत्येक शिक्षक का डाटा भी मौजूद है। इन तीनों डाटा को एकीकृत करने पर यह पता चल सकेगा कि किस स्कूल में छात्र संख्या के हिसाब से ज्यादा या कम शिक्षक तैनात हैं। अगले स्थानांतरण सत्र से जिलों के अंदर शिक्षकों के तबादले में इस जानकारी का इस्तेमाल किया जाएगा। जिस स्कूल में छात्र संख्या के अनुपात में अधिक शिक्षक तैनात हैं, वहां के अध्यापकों का उन स्कूलों में स्थानांतरण किया जाएगा जहां शिक्षक कम हैं।
जनपदीय स्थानान्तरण : अब नहीं चलेगी बीएसए की मनमानी Reviewed by Brijesh Shrivastava on 7:49 AM Rating: 5

1 comment:

laxman tewari said...

ek hi block ke ander ek school se dusre school mein transfer ki prakriya ke sandarbh ki prakriya kab, kaise,aur adhar kya hoga. iss vishay mein please margdarshan chaiye ,aur shanadesh yadi koi ho to kripya prakashit kare.

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