पंचायती राज विभाग के सफाईकर्मियों द्वारा विद्यालय परिसर की सफाई कराने के सम्बन्ध में शासनादेश

उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए बनेंगे आवासीय स्कूल

  • एससी बाहुल्य 17 जिलों में खोले जाएंगे स्कूल
  • सर्व शिक्षा अभियान के तहत तैयार हो रहा प्रस्ताव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के बच्चों को शिक्षित करने के लिए आवासीय स्कूल खोलने की तैयारी है। इन स्कूलों में बच्चों को रखने के साथ पढ़ाने की भी व्यवस्था होगी। इसके लिए एससी बाहुल्य 17 जिलों को 50-50 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट में इसे शामिल करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एससी बच्चों के लिए नवाचार शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया है। यूपी में इस योजना के तहत 2011-12 में एससी बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रस्ताव तो भारत सरकार के पास भेजा गया, लेकिन 2012-13 में नई कार्य योजना तैयार नहीं की गई। यही नहीं पुराने प्रस्ताव को ही बजट में शामिल करते हुए भारत सरकार को भेज दिया गया। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आपत्ति लगा दी। मंत्रालय ने लिख दिया कि केवल कास्ट शीट में ही पैसा मांगा गया है। इसको नए सिरे से तैयार करते हुए प्रस्ताव भेजा जाए।
नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें 25 फीसदी से अधिक आबादी वाले एससी बाहुल्य जिलों में एक-एक आवासीय स्कूल खोलने का प्रस्ताव है। परियोजना निदेशालय ने जिलेवार प्रस्ताव मांग लिया है।
                                            (साभार-अमर उजाला)

शिक्षक भर्ती में आरक्षितों का रहेगा दबदबा,सामान्य वर्ग को महज 26 हजार पद

  • बेसिक शिक्षा परिषद ने भेजा पदों के बंटवारे का ब्यौरा
  • सीटें कम होने की वजह से कटऑफ अधिक जाने की संभावना
  • अधिक नंबर पाने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी भी सामान्य श्रेणी में आएंगे
लखनऊ। शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की राह बहुत कठिन है। भर्ती भले ही 72,825 पदों पर होे रही हो लेकिन सामान्य वर्ग के खाते में केवल 26 हजार सीटें ही आएंगी। सबसे ज्यादा सीटें आरक्षित वर्ग के खाते में जाएंगी।
आरक्षण व्यवस्था के मुताबिक अनुसूचित जाति को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 2 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 21 प्रतिशत पदों पर तैनाती मिलेगी। जबकि निशक्तों के लिए तीन, स्वंतत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के लिए 2 और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत पद आरक्षित हैं। सामान्य वर्ग के खाते में कम पद होने की वजह से कटऑफ अधिक होने की संभावना है।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था के अनुसार पदों का विभाजन कर दिया गया है। इसके मुताबिक 19 हजार 660 सीटें पिछड़ा वर्ग, 15 हजार 299 अनुसूचित जाति, 1455 सीटें अनुसूचित जनजाति और 36 हजार 412 सीटें सामान्य वर्ग के लिए है।
सामान्य वर्ग के पदों में आरक्षित वर्ग के टॉप मेरिट वालों की हिस्सेदारी तो होगी ही साथ में निशक्त वर्ग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों और भूतपूर्व सैनिकों की भी हिस्सेदारी होगी। इसके बाद बचे पदों पर सामान्य वर्ग के पुरुषों और महिलाओं का चयन किया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पदों के बंटवारे से संबंधित निर्देश भेज दिया है।
जिलों में आए आवेदन के आधार पर कटऑफ मेरिट तय होगी। अभी केवल रैंक जारी किया गया है। कटऑफ तो जिला चयन समिति तय करेगी। काउंसलिंग में शामिल होने वालों के मूल प्रमाण पत्र जमा करा लिए जाएंगे ताकि वे दूसरे जिलों की काउंसलिंग में न शामिल हो पाएं। -संजय सिन्हा, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद
  • ऐसे निर्धारित होगा कटऑफ
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए नया तरीका अपनाया गया है। इस बार गुणांक के आधार पर मेरिट का निर्धारण किया जाएगा। हाईस्कूल 10 इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड को 30 प्रतिशत गुणांक मानते हुए मेरिट का निर्धारण किया जाएगा। यानी हाईस्कूल से लेकर बीएड तक 60 प्रतिशत अंक मिले हैं तो हाईस्कूल में 6, इंटर में 12, स्नातक में 24 और बीएड में 18 अंक मिलेंगे। इन अंकों को जोड़ा जाएगा और योग से जिले में आए आवेदनों में भाग दिया जाएगा और कटऑफ जारी किया जाएगा। पहले चरण में टॉप मेरिट वालों को काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिलेगा।
  • भ्रम भी कम नहीं
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में इस बार कटऑफ को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके पहले शिक्षकों की भर्ती में मेरिट के निर्धारण का तरीका सामान्य था। उदाहरण के लिए हाईस्कूल में यदि 64 प्रतिशत अंक मिले हैं, इंटर में 72 प्रतिशत, स्नातक में 60 और बीएड में 65 प्रतिशत अंक मिले हैं तो इसे सामान्य तरीके से जोड़ते हुए 261 प्रतिशत अंतिम कटऑफ जाता था। इस कटऑफ के टॉप मेरिट में आने वालों को काउंसलिंग में बुलाकर उनको प्रशिक्षण के लिए भेज दिया जाता था। इस बार गुणांक के आधार पर मेरिट बनाए जाने के चलते भ्रम की स्थिति उत्पन्‍न्‍ा हुई है।
                                                                 (साभार-अमर उजाला)

क्या आप मोबाइल से फेसबुक समूह पर पीडीएफ फाइल डाउनलोड नहीं कर पाते हैं ?

मोबाइल से फेसबुक पर आने पर यूजर को फेसबुक ग्रुप में अपलोड की गईं पीडीएफ, वर्ड आदि फाइलों को डाउनलोड करने के लिए लिंक नहीं दिखता है | जिससे वो फाइल डाउनलोड नहीं कर पाते हैं और मोबाइल में फ़ाइल दर्शक(File Viewer) जैसे-पीडीएफ रीडर होते हुए भी फाइल पढ़ने का लाभ नहीं उठा पाते हैं |



इस समस्या को दूर करने का एक जुगाड़ है | आप जिस फेसबुक पोस्ट की फाइल डाउनलोड करना चाहते हैं उसके लिंक में एड्रेस बार में जाकर m. या www. को हटाकर उसकी जगह पर touch. लिखें और सर्च कर दें | आपको पीडीएफ फाइल दिखने लगेगी और आप उसे डाउनलोड कर सकेंगे |

उदाहरण- अगर किसी फेसबुक समूह में किसी पोस्ट की लिंक  https://m.facebook.com/groups/basicshiksha/460089454031270/  है | इस  लिंक से आपको  m. हटाकर  touch. लिखकर  https://touch.facebook.com/groups/basicshiksha/460089454031270/ करके सर्च करना है | इस जुगाड़ से आप सभी प्रकार की फाइल फेसबुक पर डाउनलोड कर सकेंगे |

शिक्षक भर्ती काउंसलिंग अब चार फरवरी से

  • पहले 29 जनवरी  से होनी थी काउंसलिंग
  • जिलों में 30 जनवरी को जारी होगी कट आफ सूची
  • कटऑफ के डिटेल्स तैयार
लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग अब 29 जनवरी के बजाय चार फरवरी से शुरू होगी। जिलों में कट ऑफ सूची 30 जनवरी को जारी की जाएगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जिलों को जरूरी ब्यौरे 26 जनवरी तक भेज दिए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद ने 72825 शिक्षकों की भर्ती के लिए पिछले दिनों रैंकिंग जारी करते हुए 29 जनवरी से काउंसलिंग शुरू कराने की बात कही थी। शुक्रवार को इस कार्यक्रम में संशोधन कर दिया गया। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया, कट ऑफ सूची जारी करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
  • कटऑफ के डिटेल्स तैयार
लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए कटऑफ के जिलेवार डिटेल तैयार हैं। डिटेल्स छह सेटों में शनिवार तक सभी जिलों को भेज दिए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला चयन समिति से कटऑफ का अनुमोदन कराकर 30 जनवरी को जारी किए जाएंगे जिसे जिलों की एनआईसी की वेबसाइट पर देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग अब 29 जनवरी के स्थान पर चार फरवरी से होगी। जानकारों के अनुसार काउंसलिंग तीन चरणों में कराए जाने की संभावना है।
                                                                 (साभार-अमर उजाला )



प्रशिक्षु शिक्षकों के मामले में सुनवाई 28 को

  • कोर्ट ने पिछले विज्ञापन के समय अर्ह लोगों को भर्ती प्रक्रिया शामिल करने  का दिया था आदेश
  • आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट नहीं खुली और अभ्यर्थी नहीं कर सके आवेदन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश में प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में आयुसीमा पार कर चुके लोगों को भी शामिल किए जाने संबंधी आदेश का अनुपालन करने के मामले में अब 28 जनवरी को सुनवाई होगी। कोर्ट ने नौ जनवरी को आदेश दिया था कि भर्ती प्रक्रिया में उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो पिछले विज्ञापन के समय अर्ह थे, परंतु इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट नहीं खुली और अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके। न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने राज्य सरकार से बृहस्पतिवार को इस पर अपना पक्ष रखने को कहा था। स्थायी अधिवक्ता ने सुनवाई के समय जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की।
                                                             (साभार-अमर उजाला)

शिक्षक भर्ती में कटऑफ भेजने की प्रक्रिया आज से

  • जिलों में कटऑफ भेजे जाने के बाद तय किया जाएगा काउंसलिंग का कार्यक्रम
  • विभागीय जानकारों की मानें तो कम से कम तीन बार की जाएगी काउंसलिंग
  • पहली काउंसलिंग से रिक्त बचने वाले पदों के लिए की जाएगी दूसरी और तीसरी काउंसलिंग
  • काउंसलिंग में शामिल होने मात्र से नहीं किया जा सकेगा नियुक्ति के लिए दावा
  • टीईटी में 55 फीसदी अंक वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को पात्र मान जारी की सूची
लखनऊ (ब्यूरो)। प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलों में कटऑफ भेजने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी इसके आधार पर विज्ञापन प्रकाशित करते हुए मेरिट में आने वालों को काउंसलिंग के लिए बुलाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने गुरुवार को काउंसलिंग के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिया है। इसके अलावा टीईटी में 55 फीसदी अंक पाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को पात्र मानते हुए उनकी सूची भी जारी कर दी गई है।
प्रदेश में 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की होने वाली भर्ती के लिए रैंक जारी की जा चुकी है। बेसिक शिक्षा परिषद ने गुणांक के आधार पर कटऑफ तय कर लिया है। इसे जिलों में भेजने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने की योजना है। जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इसे कब चस्पा किया जाएगा, इस पर फैसला अभी नहीं किया जा सका है। जिलों में कटऑफ भेजे जाने के बाद काउंसलिंग का कार्यक्रम तय किया जाएगा। विभागीय जानकारों की मानें तो कम से कम तीन बार काउंसलिंग की जाएगी। पहली काउंसलिंग से रिक्त बचने वाले पदों के लिए दूसरी और तीसरी काउंसलिंग की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि काउंसलिंग में शामिल होने मात्र से नियुक्ति के लिए दावा नहीं किया जा सकेगा। काउंसलिंग में जाने के लिए कोई यात्रा भत्ता भी नहीं दिया जाएगा।
                                            {साभार-अमर उजाला}

सूबे में बनाई जाएगी शिक्षक डायरी : रामगोविंद चौधरी

  • शिक्षकों की सुविधाओं के लिए बनेगी ‘शिक्षक डायरी’
  • डायरी में दी जाएंगी महत्वपूर्ण जानकारियाँ
लखनऊ (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की सुविधाओं के लिए ‘शिक्षक डायरी’ बनाई जाएगी। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने बताया कि इस डायरी में शिक्षकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम और नियमावली से संबंधित जानकारियां दी जाएंगी। स्कूल के लिए नियिमत की जाने वाली गतिविधियों, गुणवत्तापरक शिक्षा, भयरहित वातावरण में शिक्षा व्यवस्था की इसमें जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही पाठ्यक्रम पूरा करने, विद्यालय प्रबंधन समिति की नियमित बैठक कराने, विद्यालय विकास योजना बनाने, बच्चों में सीख के स्तर को अभिभावकों के साथ शेयर करने संबंधी जानकारियां भी डायरी में दी जाएंगी।
                                                          (साभार-अमर उजाला)

गणतंत्र दिवस पर शिक्षा मंत्री महोदय एवं शिक्षा निदेशक महोदय का संदेश

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2013 के राष्‍ट्रीय पर्व पर शिक्षा मंत्री जी (बेसिक) के द्वारा एवं शिक्षा निदेशक (बेसिक) उ0प्र0 लखनउ के द्वारा उत्‍तर प्रदेश राज्‍य के नाम संदेश जारी किया है, उनके द्वारा जारी संदेश को अपने विद्यालय में पढें -पढ़ाएं और जागरूक बने।












शिक्षक भर्ती काउन्सिलिंग के लिए आवश्य शपथ-पत्र के प्रारूप

शिक्षक भर्ती : मेरिट और पद देख जिले का चयन करें अभ्यर्थी

  • 12 से 14 फरवरी के बीच जारी होगी की चयनितों की पहली सूची
  • ऑनलाइन जारी होंगे कटऑफ, जिलों में दर्ज होंगी शिकायतें
इलाहाबाद : अभ्यर्थी पहले जिलों में रिक्त पदों की संख्या देखें, फिर जिलों की मेरिट सूची में अपना स्थान। जिस जिले में चयन की सर्वाधिक संभावना नजर आ रही हो, उसी जिले की चयन समिति के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करें। यह सलाह बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा की है। उन्होंने चयन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए हर स्तर पर व्यापक प्रबंध करने का दावा किया। उनकी मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती फिलहाल कानूनी दांव-पेंच से निकलकर अब अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। कहा कि जिलों में चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों की पहली सूची 12 से 14 फरवरी के बीच जारी हो जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पिछले दो माह में तमाम उतार चढ़ाव से गुजरी है। यह आशंका बनी रही कि प्रक्रिया एक या दूसरे कारण से स्थगित हो जाएगी। कई वर्ष बाद नए नियम और नई प्रक्रिया के तहत आयोजित हुई इस भर्ती में 72 जिलों में 69 लाख आवेदन आए हैं। उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे दर्जनों मुकदमों के बीच बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को मेरिट सूची जारी कर दी। इसमें प्रत्येक आवेदनकर्ता का पूरा विवरण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि अभ्यर्थी अपना टीईटी का अनुक्रमांक व जन्म तिथि फीड कर मेरिट देख सकते हैं। संबंधित जानकारी फीड करते ही वेबसाइट पर अभ्यर्थी ने जितने जिलों में आवेदन किया होगा, उनमें से हर जिले की मेरिट सूची में वह किस क्रम पर है, यह जानकारी एक साथ उपलब्ध हो जाएगी। इसमें सामान्य मेरिट सूची में अभ्यर्थी का स्थान, वर्गवार आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान, महिला व अन्य क्षैतिज आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान आदि का पूरा विवरण दिया गया है।
                                                          (साभार-दैनिक जागरण)








शिक्षक भर्ती में निरस्त फार्म वाले दे सकेंगे प्रत्यावेदन : रामगोविंद चौधरी

  • मामूली गलती के चलते आवेदन निरस्त होने वाले अभ्यर्थियों को राहत
  • चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी गड़बड़ी या अनियमितता पर दंडित होंगे अफसर
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मामूली गलती पर आवेदन निरस्त होने वालों को राहत दी है। प्रदेश के सभी डायट पर शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से अभ्यर्थियों की कठिनाइयों का निस्तारण किया जाएगा और दावा सही होने पर उनके चयन पर विचार किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि  बनाए गए शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ में दे सकते हैं। परीक्षण के बाद यदि दावा सही पाया जाता है तो उनके चयन पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि अपने गुणांक को सही प्रकार से आंकने के बाद कटऑफ से ऊपर होने पर ही संबंधित जिले में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें। फर्जी चयन कराने की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने कहा है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। पात्रों को शिक्षक बनने का पूरा मौका दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या फिर किसी प्रकार की अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
                                                            (साभार-अमर उजाला)

शिक्षक भर्ती मामला : आवेदन स्वीकार न करने पर हाईकोर्ट नाराज

  • ऑवर एज अभ्यर्थियों के आवेदन 24 जनवरी तक स्वीकार करने का था आदेश
  • दोहरे आरक्षण के विरोध में याचिका खारिज,कहा कि टीईटी में 5% छूट आरक्षण नहीं
इलाहाबाद। प्रदेश में 72825 प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती के मामले में इस बार आयु सीमा से बाहर हो चुके अभ्यर्थियों का आवेदन स्वीकार नहीं करने पर हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट क्यों बंद कर दी गई। कोर्ट ने 30 नवंबर-11 के विज्ञापन में आवेदन करने वाले ऐसे सभी लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया था जो इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन करने की अर्हता से बाहर हो गए थे। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होगी।
नौ जनवरी को दिए आदेश में न्यायालय ने ऐसे सभी लोगों का आवेदन 24 जनवरी तक स्वीकार करने का निर्देश दिया था। मगर बेसिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट बंद होने के कारण लोग आवेदन नहीं कर सके। न्यायालय ने पांच सौ रुपये प्रति जिले के हिसाब से शुल्क जमा करके आवेदन करने की छूट प्रदान की थी। आदित्य त्यागी और अन्य की ओर से इस मामले में संशोधन प्रार्थनापत्र देकर कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद् ने अभ्यर्थी का आवेदन आयु सीमा अधिक होने के आधार पर निरस्त कर दिया। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई बृहस्पतिवार को नियत की है।
प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में आरक्षित श्रेणी को दोहरा आरक्षण देने के विरोध में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। संजय कुमार आदि की याचिका में कहा गया था कि आरक्षित श्रेणी को टीईटी में पांच प्रतिशत की छूट गई है। अब नियुक्ति के समय भी उनको आरक्षण का लाभ दिया जाएगा इस प्रकार से उनको दोहरे आरक्षण का लाभ मिल रहा है। ऐसा करना नियमानुसार गलत होगा। याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि टीईटी में पांच प्रतिशत की छूट देने को आरक्षण नहीं माना जा सकता है। इसी याचिका पर कोर्ट ने एक बार फिर कहा कि जिन आवेदकों को आयु सीमा के मामले में पुन: आवेदन करने की छूट दी गई है वह 24 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
                                                             (साभार-अमर उजाला)

परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2013 में दिए जाने वाले अवकाशों के सम्बन्ध में शासनादेश




  •  अवकाश तालिका



  • टिप्पणी

‘माननीय’ भी परखेंगे स्कूलों की व्यवस्था : रामगोविन्द चौधरी

  • परिषदीय स्कूलों के बच्चे पहनेंगे प्राइवेट स्कूलों की तरह स्कर्ट और टाई
  • शिक्षामित्रों की मेहनत को देखते हुए उन्हें टीईटी के दायरे से रखा गया है दूर
  • प्रशिक्षण खत्म होते हीशिक्षामित्रों को बतौर सहायक अध्यापक मिलेगी नियुक्ति
  • शिक्षामित्रों का मानदेय होगा पांच हजार
  • 41 हजार शारीरिक शिक्षकों की होगी भर्ती 
  • अगले वर्ष तक चार सौ से पांच सौ किमी वाले दूरस्थ शिक्षकों को गृह जिलों में तैनाती मिलेगी
  • अनौपचारिक शिक्षा अनुपदेशकों को दिया उनकी लड़ाई लड़ने का भरोसा


 बागपत : बाल विकास पुष्टाहार और बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। सांसद, विधायक समेत अन्य जन प्रतिनिधि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर अपने सुझाव देंगे। इन्हीं के आधार पर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।

पूर्व विधायक एवं सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य साहब सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने माना कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर गिरा है। नौकरी के नाम पर खानापूरी करने वाले शिक्षकों पर सरकार शिकंजा कसेगी ताकि शिक्षा का स्तर सुधर सके।

सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधान आदि जन प्रतिनिधि स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की खामियों को दूर करने के सुझाव रजिस्टर में दर्ज करेंगे। संबंधित अधिकारी व मंत्री को इसकी प्रतिलिपि जाएगी। अगर उन्हें कोई गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति बीएसए से भी कर सकते हैं।

इसके बाद सुझावों के आधार पर व्यवस्था बनाई जाएगी। कहा, जल्द ही परिषदीय स्कूलों के बच्चे प्राइवेट स्कूलों की तरह स्कर्ट और टाई पहने नजर आएंगे। चौधरी ने कहा कि सरकारी शिक्षकों की ढिलाई के कारण ही अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों से भरोसा उठ गया है। जो भी थोड़ा बहुत बचा है वह शिक्षामित्रों के भरोसे। शिक्षामित्रों की मेहनत को देखते हुए उन्हें टीईटी के दायरे से दूर रखा गया है। प्रशिक्षण का पहला बैच खत्म होते ही उन्हें बतौर सहायक अध्यापक नियुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही शिक्षामित्रों का मानदेय पांच हजार होगा।
                                                    (साभार-दैनिक जागरण)

बड़ौत : मंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने 72825 शिक्षकों की भर्ती शुरू की है। इसके बाद करीब 41 हजार शारीरिक शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। शिक्षामित्रों को नियमित बनाने की प्रक्रिया चल रही है। कहा कि अगले वर्ष तक चार सौ से पांच सौ किमी वाले दूरस्थ शिक्षकों को गृह जिलों में तैनाती मिलेगी। अनौपचारिक शिक्षा अनुपदेशकों को उनकी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया


  • भर्ती प्रक्रिया में बी.एड. को शामिल करने पर स्थिति स्पष्ट नहीं

शिक्षक भर्ती के लिए काउन्सिलिंग 29 जनवरी से

  • अपनी रैंक और जिले में उपलब्ध सीटों के आधार पर अभ्यर्थी पता कर सकते हैं कि पहली काउन्सिलिंग में वे शामिल हो सकते हैं कि नहीं
  • अभ्यर्थी द्वारा पसंदीदा जिले में अपनी सीट लॉक करने पर अन्य जिलों में उसकी सीट हो जाएंगी खाली
  • सीट लॉक करने वाले अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज जमा करा लिये जाएंगे
  • ऐसी खाली सीटों को भरने के लिए की जाएगी दूसरी काउन्सिलिंग

लखनऊ : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त 72,825 पदों पर प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए मंगलवार को जिलों में मेरिट लिस्ट जारी कर दी गईं। 29 जनवरी को काउंसिलिंग शुरू होने पर सफल अभ्यर्थी जिस जिले में अपनी सीट लॉक करेंगे, अन्य जिलों से उनकी रैंक अपने आप समाप्त हो जाएगी। सीट लॉक करने वाले अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज जमा करा लिये जाएंगे। ऑनलाइन प्रणाली के तहत अभ्यर्थी द्वारा वेबसाइट पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि अंकित करते ही उनकी उन सभी जिलों में रैंक प्रदर्शित कर दी जा रही है जिनमें उन्होंने आवेदन किया था। अपनी रैंक और जिले में उपलब्ध सीटों के आधार पर अभ्यर्थी यह पता कर सकते हैं कि 29 जनवरी को पहली काउन्सिलिंग में वे शामिल हो सकते हैं कि नहीं। नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (एनआइसी) बेसिक शिक्षा परिषद को जिलों में उपलब्ध पदों के सापेक्ष श्रेणीवार कटऑफ अंक का ब्योरा तीन दिनों में भेज देगा। बेसिक शिक्षा परिषद जिलों को यह ब्योरा उपलब्ध करा देगा। काउंसिलिंग के दौरान अभ्यर्थी जैसे ही किसी जिला विशेष में अपनी सीट लॉक करेगा, अन्य जिलों में उसकी रैंक खुद-ब-खुद समाप्त हो जाएगी। चूंकि एक अभ्यर्थी ने कई जिलों में आवेदन किया है। इसलिए एक अभ्यर्थी द्वारा एक से ज्यादा जिलों में चयनित होने पर पसंदीदा जिले में अपनी सीट लॉक करने पर अन्य जिलों में उसकी सीट खाली हो जाएंगी। ऐसी खाली सीटों को भरने के लिए दूसरी काउन्सिलिंग की जाएगी।
                (साभार-दैनिक जागरण)                                 

शिक्षक भर्ती : अधिक आवेदनों ने ऊंची की मेरिट

  • आवेदकों ही पता नहीं किस पायदान पर खड़े है वो
  • ठगा महसूस कर रहे है यूपी बोर्ड के अभ्यर्थी
लखनऊ, शिक्षक भर्ती के लिए मंगलवार को मेरिट सूची जारी कर दी गई। सूची ने अभ्यर्थियों की धड़कन बढ़ा दी है। जो लोग मेरिट सूची में बेहतर स्थिति का अंदाजा लगाए थे वे खुद को काफी निचले पायदान पर पा रहे हैं। यह स्थिति एक-एक अभ्यर्थी द्वारा 10 जिलों से लेकर अधिकतम 75 जिलों में आवेदन के कारण आ खड़ी हुई है। वहीं मेरिट में यूपी बोर्ड के अभ्यर्थी पिछड़ते नजर आ रहे हैं। ऊंची मेरिट से अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरेगी और अभ्यर्थियों को अपनी बारी के लिए खासा इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षक भर्ती का मौका हर कीमत पर पाने के लिए आवेदकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। ज्यादा से ज्यादा जिलों में आवेदन की होड़ सी लग गई। इसका नतीजा अब मेरिट में दिखाई पड़ रहा है। हाईस्कूल, इंटर, स्नातक और बीएड के अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की गई है। यूपी बोर्ड वाले अभ्यर्थी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि चंद वर्षो को छोड़ दें तो यहां हमेशा कम अंक देने की परंपरा रही है। स्थिति और खराब कर दी है बीबीए और बीसीए के विद्यार्थियों ने। हरदोई निवासी मुकेश पाण्डेय ने 12 जिलों से आवेदन किया था। उनका गुणांक 59.57 है। मुकेश का कहना है कि यूपी बोर्ड से उस वर्ष हाईस्कूल किया था जब परिणाम 19 फीसद था। यही हाल इंटर में भी रहा। अंक कितनी कड़ाई से दिए जाते थे। आज यूपी बोर्ड में पढ़ने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। किसी भी जिले में मेरिट 50,000 से कम नहीं है। अब तो शिक्षक बनने की उम्मीद ही छूटती जा रही है। मिर्जापुर निवासी आलोक जायसवाल ने बताया कि गुणांक 67.738 फीसद है। यूपी बोर्ड से पढ़ाई की। हाईस्कूल में 66, इंटर में 65, स्नातक में 66 और बीएड में तकरीबन 73 फीसद अंक हासिल किए लेकिन फिर भी माथे पर चिंता की लकीरें हैं। मेरिट में खुद को नीचे पाकर आलोक दुखी है और प्रक्रिया में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
                             (साभार-दैनिक जागरण)

शिक्षक भर्ती : स्वतंत्रता सेनानी कोटे को नहीं मिली वरीयता


इलाहाबाद/लखनऊ(ब्यूरो)। शिक्षक भर्ती के लिए जारी रैंक में परिषद की ओर से स्वतंत्रता सेनानी और भूतपूर्व सैनिक कोटे को कोई वरीयता नहीं दी गई है। एनआईसी की ओर से बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर जारी सूची में इस वर्ग को कोई महत्व नहीं मिला है।
  • सीतापुर की रैंक सबसे अधिक 
शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों ने सबसे अधिक आवेदन उन जिलों में किए जहां पर पदों की संख्या अधिक थी। परिषद की ओर से जारी विज्ञापन में सीतापुर जिले में सबसे अधिक पद थे, इस जिले की रैंक भी सबसे अधिक है। उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी जिसका हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड का औसत अंक 61.3 है, इसकी सीतापुर में रैंक 83 हजार से अधिक है। इसी अभ्यर्थी की सबसे कम रैंक वाराणसी जिले में 8287 है। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक अपना रैंक नहीं निकाला है, उन्हें इससे अपनी स्थिति समझने में आसानी होगी।
  • काउंसिलिंग को लेकर भ्रम 
शिक्षक भर्ती की रैंक जारी होने के बाद आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में सबसे अधिक भ्रम है। 40 जिले में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में कहां और कैसे रिपोर्ट करेंगे, इस बात को लेकर असमंजस बना है।
  • कृषि-विज्ञान के अभ्यर्थियों की अच्छी रैंक 
शिक्षक भर्ती की ओर से जारी रैंकिंग में सबसे अच्छी रैंक कृषि और विज्ञान के अभ्यर्थियों को मिली है। कृषि और विज्ञान के छात्रों को हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक परीक्षा में अच्छे अंक मिलने केकारण इस वर्ग के अभ्यर्थियों ने अच्छी रैंक हासिल की है।
  • सर्वर डाउन होने से अभ्यर्थी रहे परेशान 
बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर शिक्षक भर्ती की मेरिट देखने के लिए दिन भर अभ्यर्थी परेशान रहे। सर्वर डाउन होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई। कई अभ्यर्थियों की शिकायत है कि वेबसाइट पर अपना रोल नंबर भरने पर दूसरे का रैंक दिख रहा था।
  • मेरिट निर्धारण में भी हुई चूक
शिक्षकों की मेरिट बनाने में भले ही सावधानी बरती गई हो पर इसमें भी कई खामियां हैं। उदाहरण के लिए अशोक कुमार यादव ने प्रदेश के 50 जिलों में शिक्षक भर्ती के लिए फार्म भरे। सोनभद्र में 1600 पद हैं और उनकी सामान्य रैंकिंग 52 और आरक्षित वर्ग में 23 आई है। इसी तरह श्रावस्ती में 1200 पद हैं। इस जिलें में सामान्य वर्ग में उनकी रैंकिंग 50 और आरक्षित वर्ग में 21 आई है। गुणांक के आधार पर इतनी कम मेरिट नहीं आ सकती है। इसलिए मेरिट निर्धारण में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है।
                                                                   (साभार-अमर उजाला)

शिक्षा मित्रों का मानदेय अब ऑनलाइन

  • शासन स्तर पर बनी सहमति
  • बेसिक शिक्षा विभाग से मांगा गया प्रस्ताव

लखनऊ(ब्यूरो)। शिक्षा मित्रों की वर्षों पुरानी मुराद पूरी होने वाली है। राज्य सरकार अब सीधे उनके खाते में मानदेय देगी। शिक्षकों की तर्ज पर उनका मानदेय भी ऑनलाइन दिया जाएगा। इस संबंध में शासन स्तर पर सहमति बन गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग से प्रस्ताव मांग लिया गया है। जिसमें पूछा गया है कि शिक्षकों का ऑनलाइन वेतन कैसे ट्रांसफर किया जाता है। इस पर कितना खर्च आता है। प्रदेश में वर्ष 2000 में शिक्षा मित्र रखने की प्रक्रिया शुरू हुई। मौजूदा समय 1.76 लाख शिक्षा मित्र हैं। इन्हें 3500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है।
                                                       (साभार-अमर उजाला)

शिक्षक भर्ती : मेरिट की बजाय रैकिंग जारी होने से अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति

  •  काउंसलिंग 29 जनवरी से
  • एक ही जिले में कर सकेंगे दावा
इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्राइमरी विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को अभ्यर्थियों के प्राप्तांक के अनुरूप रैंक जारी कर दी। रैंकिंग
http://upbasiceduboard.gov.in
पर देखी जा सकती है। टीईटी पास अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए मेरिट के बजाय रैंकिंग जारी होने से अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति है। ज्यादातर जिलों में 68 से 70 फीसदी प्राप्तांक वालों की रैंकिंग 20 हजार से ऊपर है। कई जिलों में 68 फीसदी प्राप्तांक वालों की रैंक 45 हजार से अधिक है। अभ्यर्थी परेशान हैं कि जिस जिले में सात सौ या एक हजार पद हैं, वहां 70 फीसदी वालों की रैंक बीस हजार से ऊपर है तो चयन किस आधार पर होगा। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजने की तैयारी है। काउंसलिंग 29 जनवरी से होगी।
मंगलवार को जारी रैंक में बीएड, बीएड विशेष शिक्षा, डीएड विशेष शिक्षा योग्यता वाले टीईटी पास अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। वेबसाइट पर अभ्यर्थी की जन्म तिथि और टीईटी का रोलनंबर भरने के बाद अभ्यर्थी को उन सभी जिलों की रैंकिंग मिल जाएगी, जहां भी उसने आवेदन किया है। यानी अगर अभ्यर्थी ने 20 जिलों से आवेदन किया है तो सभी जिलों में वह किस स्थान पर है, इसकी जानकारी मिल जाएगी। साथ ही जिले का रजिस्ट्रेशन नंबर, कैटेगरी रैंक, स्पेशल कैटेगरी रैंक भी जारी किया गया है।

  • काउंसलिंग के लिए जरूरी कागजात-
रजिस्ट्रेशन का प्रिंट आउट
शुल्क की रसीद और ई-चालान का प्रिंट आउट
सभी शैक्षिक मूल दस्तावेज, जाति, निवास, विशेष आरक्षण संबंधी प्रमाण पत्र के दो सेट
दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
10 रुपये के नॉन ज्यूडीशियल स्टैम्प पर निर्धारित नोटरी की ओर से प्रमाणित शपथ पत्र
ई- आवेदन में निर्दिष्ट पहचान पत्र मूल रूप में
पता लिखे दो लिफाफे
                                                             (साभार-अमर उजाला)

शिक्षक भर्ती : हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल करेगी सरकार

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  • शिक्षक भर्ती के लिए जारी हुई मेरिट
  • ऑनलाइन देखी जा सकती है मेरिट 
  •  जिलों में काउंसलिंग 29 जनवरी से

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए मंगलवार को मेरिट जारी करेगा। मेरिट में आने वालों की जिलेवार काउंसलिंग 29 जनवरी से की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि विभाग ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद प्रशिक्षु शिक्षकों को 10 दिन के अंदर स्कूल में कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण न करने पर नियुक्ति स्वत: निरस्त मान ली जाएगी।
उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए पहली बार टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए हैं। आवेदकों को प्रदेश में कहीं पर भी फॉर्म भरने की छूट थी। इसके चलते टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों ने जी भरकर फॉर्म भरे। प्रदेशभर में 69 लाख लोगों ने फॉर्म भरे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद मंगलवार को जिलेवार मेरिट जारी करेगा। इसे विभाग की वेबसाइट http://upbasiceduboard.gov.in पर भी देखा जा सकेगा। इसके लिए वेबसाइट को अपडेट किया जा रहा है। सोमवार शाम इस वेबसाइट को ट्रायल के लिए कुछ देर तक खोला गया। इसमें सबसे ऊपर शिक्षक भर्ती के बारे में जानकारी दी गई है। इसके बाद जिलेवार पदों का ब्यौरा दिया गया है। इसके नीचे वरिष्ठता सूची दी गई है। आवेदक को टीईटी अनुक्रमांक और अपनी जन्मतिथि भरने के साथ साइट पर दिया गया कोड भरना होगा। इसके बाद मेरिट सूची खुल जाएगी।
  • इनके आवेदन हुए रद्द
वेबसाइट पर आवेदन पत्रों को निरस्त करने की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद ने अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा पूरी न करने वाले तथा पूर्णांक से अधिक प्राप्तांक भरने वालों के फॉर्म निरस्त किए हैं। इसके अलावा टीईटी में निर्धारित प्रतिशत से कम अंक पाने वालों के फॉर्म भी निरस्त कर दिए गए हैं। आवेदक फॉर्म निरस्त होने की सूचना जिलेवार बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त कर सकेंगे।
  • हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एसएलपी
राज्य सरकार टीईटी न करने वाले बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीघ्र ही  (एसएलपी) दाखिल करेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में न्याय विभाग से राय ले ली है।
                                                              (साभार-अमर उजाला)

  • प्रशिक्षु शिक्षक चयन/नियुक्ति हेतु किये गए ऑनलाइन आवेदन में निरस्त किये गये आवेदन पत्रों के सम्बन्ध में सूचना-

  • अभ्यर्थी के चयन के लिए गुणवत्ता अंक
  • काउन्सिलिंग हेतु निर्देश
  • रिक्तियों का जिलेवार व वर्गवार विभाजन
  • नियुक्ति प्रक्रिया कार्यक्रम तिथियाँ

  • स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्बन्ध में सूचना

                                    

परिषदीय प्राथमिक विघालयों में प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु जनपद की सूची में रैंक(अनंतिम)


अभ्‍यर्थी के चयन के लिये गुणवत्‍ता अंक निकालने की प्रक्रिया
जनपदवार रिक्‍त पदों की संख्‍या
जनपद में अपनी रैंक देखें 
ऑनलाइन आवेदन पत्र के निरस्त होने के कारण  



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निशक्त बच्चों को घर पर पढ़ाएंगे शिक्षक

  • सरकार विशिष्ट श्रेणी में आने वाले बच्चों के लिए बना रही योजना
  • सर्व शिक्षा अभियान के तहत तैयार किया जा रहा प्रस्ताव
  • जिलों से ऐसे बच्चों की मांगी गई सूची
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन बच्चों के लिए अच्छी खबर है जो 60 फीसदी से अधिक निशक्त हैं और स्कूल नहीं जा सकते हैं। राज्य सरकार विशिष्ट श्रेणी में आने वाले ऐसे बच्चों को घर पर पढ़ाने की व्यवस्था करने जा रही है। इसके लिए छात्रों की जरूरत के हिसाब से शिक्षक रखे जाएंगे। अभी तक ऐसे बच्चों को केवल स्कूल में पढ़ाने की व्यवस्था है। घर पर पढ़ने वाले इन बच्चों को भी स्कूल जाने वाले बच्चों के समान प्रमाण पत्र दिया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और जिलों से ऐसे बच्चों की सूचना बीएसए से मांगी गई है। यह व्यवस्था नए शिक्षण सत्र यानी जुलाई से लागू किए जाने की तैयारी है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत विशिष्ट श्रेणी के बच्चों (मूकबाधिर व 60 फीसदी से अधिक निशक्त) को मुफ्त में शिक्षा देने की व्यवस्था है। प्रदेश में अभी ऐसे करीब 4 लाख बच्चों को चिह्नित किया गया था। इसमें से काफी प्रयास से बाद 3.66 लाख बच्चों को बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नाम लिखकर शिक्षा देने की शुरुआत की गई, लेकिन पर हजारों की संख्या में बच्चों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षा से बीएड करने वालों को विशेष शिक्षक के पद पर रखकर 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इसके बाद भी अधिकतर अभिभावक इस श्रेणी में आने वाले बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं। इसके चलते वे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
इसलिए नए सत्र से ऐसी व्यवस्था करने की योजना है कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे यदि स्कूल नहीं जा पाते हैं, तो उन्हें घर पर ही पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिलेवार ऐसे बच्चों की सूचना बीएसए से मांगी गई है। इस संबंध में पूर्व में ही आठ विशिष्ट बच्चों पर एक शिक्षक रखने का मानक निर्धारित किया जा चुका है।
                                                         (साभार-अमर उजाला)

बीटीसी वालों को दें शिक्षक भर्ती में वरीयता : इलाहाबाद हाईकोर्ट

  • बीटीसी 2010 बैच के अभ्यर्थियों को राहत
                                                         (साभार-हिन्दुस्तान)

शिक्षक भर्ती में अभी और बढ़ेंगी मुश्किलें


इलाहाबाद : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती मामले  में बेचैनी बढ़ गई है। विभाग के अधिकारी   अदालत के  फैसले का  अध्ययन किया जा रहा है के सिवाय कुछ भी बोलने को  तैयार नहीं हैं।  अदालत  के निर्देश  पर  अमल  करने के लिए विभाग के  पास फैसले  की  अधिकारिक प्रति मिलने के बाद से 15 दिनों का समय रहेगा। इन  पंद्रह दिनों के भीतर विभाग दोबारा अदालत का रुख कर सकता है। इन  सबके  चलते प्रदेश के प्राथमिक  विद्यालयों  को  शिक्षक  मिलने  में  देरी   हो  सकती  है।  और अभ्यर्थियों की दुश्वारियां बढ़ जाएंगी।

16 जनवरी को अदालत से फैसला आने के बाद से  अभ्यर्थियों में कोर्ट के निर्णय  को  लेकर  असमंजस की स्थिति आ गई है। कोर्ट  के  निर्देश  का पालन  करने  की  सूरत  में  भर्ती प्रक्रिया समय से पूरी करना संभव नहीं होगा।
                                 (साभार-दैनिक जागरण)

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