बीटीसी के लिए तो निजी कॉलेजों का ही सहारा : सरकारी कॉलेजों में 10,400 तो निजी में 22,550 सीटें

  • सरकारी कॉलेजों में बीटीसी की फीस 4600 रुपये
  • निजी कॉलेजों में फ्री सीट की 22,000
  • निजी कॉलेजों में पेड सीट की फीस 44,000 रुपये
  • प्रवेश के लिए छात्रों को 10 जिलों का विकल्प भी देना होगा
  • 18 से 30 वर्ष की आयु वाले कर सकेंगे आवेदन
लखनऊ। बीटीसी प्रवेश प्रक्रिया का आदेश जारी हो गया है। इस बार किसी भी जिले में छात्रों को आवेदन की छूट दी गई है। प्रवेश के लिए छात्रों को 10 जिलों का विकल्प भी देना होगा। नतीजतन प्रवेश के लिए पिछले सालों की अपेक्षा अधिक मारामारी होगी। प्रदेश में बीटीसी की कुल सीटें 32,950 हैं, जिसमें से सरकारी कॉलेजों में 10,400 और निजी कॉलेजों में दोगुनी से ज्यादा यानी 22,550 सीटें हैं। लिहाजा सरकारी सीटें तो तुरंत ही भर जाएंगी और छात्रों के पास सहारा बचेगा तो निजी कॉलेजों का।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। राज्य सरकार इसके पहले बीएड वालों को भी गाहे-बगाहे विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनाती रही है लेकिन इस बार जो टीईटी आयोजित की गई उसमें बीएड वालों को केवल उच्च प्राइमरी के लिए ही पात्र माना गया है यानी प्राइमरी स्कूलों से उनका पत्ता कट हो गया है। इसलिए स्नातक करने वाले और 18 से 30 वर्ष की आयु वाले बीटीसी के लिए जमकर आवेदन करेंगे। सरकारी कॉलेजों में बीटीसी की फीस 4600 रुपये है तो निजी कॉलेजों में फ्री सीट की 22,000 और पेड सीट की फीस 44,000 रुपये है।
(साभार-:-अमर उजाला)

बीटीसी के लिए तो निजी कॉलेजों का ही सहारा : सरकारी कॉलेजों में 10,400 तो निजी में 22,550 सीटें Reviewed by Brijesh Shrivastava on 10:22 PM Rating: 5

2 comments:

Anonymous said...

Madhya pradesh se ki Ded ab up mai v manya hogi ncte ne shasenadesh parit ker diya hai......

Unknown said...

Transfer list 25ya 26july ko aane ke sanket mil rahe hai.

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