बड़े जिलों में प्रशिक्षु शिक्षक बनने की राह नहीं आसान : कहां कितने पद खाली (यहाँ देखें)

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में बड़े जिलों में शिक्षक बनने की राह आसान नहीं है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मिले जिलेवार ब्यौरे के आधार पर रिक्तियों पर नजर डालें तो लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, मेरठ जैसे शहरों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी में सर्वाधिक अंक होने चाहिए। लखनऊ में चार, गौतमबुद्धनगर में छह तो मेरठ में आठ पद ही रिक्त बचे हैं। वहीं छोटे जिलों में अभी भी खाली पदों की संख्या अधिक है। जानकारों की मानें तो प्रशिक्षु शिक्षक के लिए जारी होने वाली तीसरी मेरिट अधिकतम पांच अंक तक ही गिर सकती है।
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए तीसरी काउंसलिंग 3 से 12 नवंबर तक होनी है। एससीईआरटी ने एनआईसी को जिलेवार भरे और खाली पदों का ब्यौरा उपलब्ध करा दिया है। एनआईसी ने वेबसाइट खोल दी है। डायट प्राचार्य और बेसिक शिक्षा अधिकारी अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन के आधार पर इसमें 31 अक्तूबर को 10 बजे तक गल्तियां ठीक कर सकते हैं। इसके बाद 1 नवंबर की देर रात या फिर 2 नवंबर को तीसरे चरण की काउंसलिंग की मेरिट जारी कर दी जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक बड़े जिलों में प्रशिक्षु शिक्षकों के अधिकतर पद भर चुके हैं, जबकि छोटे जिलों में अभी भी पद खाली हैं। सीतापुर और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भी अभी ठीक-ठाक रिक्तियां हैं।
  • लखनऊ में चार तो गौतमबुद्ध नगर में छह पद ही खाली
  • अधिकतम पांच अंक तक मेरिट गिरने की है संभावना

कहां कितने पद खाली
  1. लखनऊ 4, 
  2. आगरा 38, 
  3. अलीगढ़ 24, 
  4. अंबेडकरनगर 163, 
  5. अमेठी 9, 
  6. अमरोहा 69, 
  7. आजमगढ़ 496, 
  8. औरैया 6, 
  9. बागपत 30, 
  10. बलिया 7, 
  11. बलरामपुर 1518, 
  12. बांदा 347, 
  13. बाराबंकी 128, 
  14. बरेली 787, 
  15. बस्ती 183, 
  16. बहराइच 2796, 
  17. भदोही 221, 
  18. बिजनौर 43, 
  19. बदायूं 880, 
  20. बुलंदशहर 18, 
  21. चंदौली 436, 
  22. चित्रकूट 171, 
  23. देवरिया 362, 
  24. एटा 121, 
  25. इटावा 80, 
  26. फैजाबाद 118, 
  27. फर्रुखाबाद 110, 
  28. फतेहपुर 5, 
  29. फीरोजाबाद 21, 
  30. गौतमबुद्धनगर 6, 
  31. गाजियाबाद 8, 
  32. गाजीपुर 6, 
  33. गोंडा 1879, 
  34. गोरखपुर 140, 
  35. हमीरपुर 128, 
  36. हापुड़ 7, 
  37. हरदोई 742, 
  38. हाथरस 37, 
  39. जौनपुर 497, 
  40. झांसी 18, 
  41. कन्नौज 88, 
  42. कानपुर देहात 17, 
  43. कानपुर नगर 5, 
  44. कौशांबी 478, 
  45. लखीमपुर खीरी 1591, 
  46. ललितपुर 272, 
  47. महोबा 453, 
  48. महाराजगंज 1913, 
  49. मैनपुरी 31, 
  50. मथुरा 4, 
  51. मऊ 64, 
  52. मेरठ 8, 
  53. मिर्जापुर 952, 
  54. मुरादाबाद 232, 
  55. मुजफ्फरनगर 81, 
  56. पीलीभीत 983, 
  57. प्रतापगढ़ 211, 
  58. रायबरेली 290, 
  59. रामपुर 515, 
  60. सहारनपुर 158, 
  61. संभल 157, 
  62. संतकबीर नगर 431, 
  63. शामली 75, 
  64. श्रावस्ती 852, 
  65. सीतापुर 680, 
  66. सोनभद्र 935, 
  67. सुल्तानपुर 898, 
  68. उन्नाव 68,
  69.  वाराणसी 36 
  70. व 
  71. इलाहाबाद में 373 पद रिक्त हैं।
  72. पांच जिलों का ब्यौरा नहीं मिल पाया है।


खबर साभार : अमर उजाला 

Enter Your E-MAIL for Free Updates :   
बड़े जिलों में प्रशिक्षु शिक्षक बनने की राह नहीं आसान : कहां कितने पद खाली (यहाँ देखें) Reviewed by प्रवीण त्रिवेदी on 7:26 AM Rating: 5

No comments:

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.