केंद्र और राज्य की नई पेंशन नीति को हाईकोर्ट में  चुनौती, NPS को मूल अधिकारों के विपरीत और कर्मचारी हित के खिलाफ बताया, याचिका पर आठ सप्ताह के बाद  होगी सुनवाई

हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार की नई अंशदाई पेंशन योजना पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट में याचिका दाखिल कर पेंशन योजना को चुनौती दी गई है। नई पेंशन योजना को मूल अधिकारों के विपरीत और कर्मचारी हित के खिलाफ बताया गया है। मांग की गई है कि नई योजना को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।


प्राथमिक विद्यालय जोखत इलाहाबाद के सहायक अध्यापक विवेकानंद की याचिका पर न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला सुनवाई कर रहे हैं। याचिका पर अधिवक्ता शिवबाबू और प्रशांत शुक्ला ने पक्ष रखा। दलील दी गई कि सांसदों और विधायकों के एक दिन के लिए भी सदन का सदस्य बनने पर उनको 20 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। जबकि सरकारी कर्मचारियों को लंबी सेवा के उपरांत भी पेंशन की योजना समाप्त कर दी गई है। 


याचिका में कहा गया है कि नई पेंशन योजना एलआईसी स्कीम की तरह है। इसमें 60 वर्ष की आयु में रिटायर होने वाले कर्मचारी का यदि कुल राशि का 40 फीसदी अंशदान जमा है तो 60 प्रतिशत पेंशन मिलेगी। 80 प्रतिशत अंशदान जमा करने वाले को ही पूरी पेंशन मिलेगी।


नई पेंशन में कर्मचारी को बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जाएगा। इसमें भत्ते नहीं जुड़ेंगे जबकि पुरानी पेंशन में समय-समय पर महंगाई भत्ता जोड़ा जाता है। केंद्र सरकार ने एक जनवरी 2004 और प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2005 से पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी है। नई पेंशन योजना शेयर की तरह है जिसमें निश्चित राशि मिलने की गारंटी नहीं है। सरकार का यह कदम भेदभाव पूर्ण और मनमाना है। यह संविधान केअनुच्छेद 14 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का हनन है। सरकार नागरिकों के बीच भेदभाव करने वाली नीति नहीं बना सकती है। याचिका पर आठ सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD 
Court No. - 7 
Case :- WRIT - A No. - 52512 of 2016 

Petitioner :- Vivekanand 
Respondent :- Union Of India And Anr. 
Counsel for Petitioner :- Shivbaboo 
Counsel for Respondent :- C.S.C.,A.S.G.I. 

Hon'ble Shri Narayan Shukla,J. 
Mr.Hirdya Narayan Mishra, learned Advocate has appeared for respondent No.1. Memo of appearance filed by him is taken on record. 
Notice on behalf of respondent No.2 has been accepted by learned Chief Standing Counsel. 
The petitioner has assailed the Notification dated 23 December 2003 as also the Notification dated 28 March 2005 issued by the Central Government as well as State Government respectively, on the ground that the policy framed by the respective governments in the matter of pension is discriminatory.� Thus he has claimed the violation of Article 14 to the Constitution of India. 


The matter requires consideration. 
Six weeks time as prayed for by learned counsel for the respondents is allowed to file counter affidavit. 


List thereafter. 
Order Date :- 4.11.2016 
Banswar 
(Shri Narayan Shukla,J.) 

केंद्र और राज्य की नई पेंशन नीति को हाईकोर्ट में  चुनौती, NPS को मूल अधिकारों के विपरीत और कर्मचारी हित के खिलाफ बताया, याचिका पर आठ सप्ताह के बाद  होगी सुनवाई Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 1 on 5:31 AM Rating: 5

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