बच्चों को फ्री बैग पर दी जाएगी एक साल की वारंटी, आपूर्तिकर्ताओं को छह मार्च तक पूरा करना होगा बैग वितरण का काम, बैग के सैंपल जांचने के बाद होगा वितरण

लखनऊ। राजकीय, सहायता प्राप्त एवं परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को फ्री स्कूल बैग देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन छात्र-छात्राओं को जो स्कूल बैग दिया जाएगा, उसकी कीमत 144.40 पैसे प्रति बैग तय की गई है। इसकी वारंटी भी एक साल की होगी। यदि इसमें कोई भी डिफेक्ट होता है तो बैग वितरित करने वाली फर्म 30 दिन के अंदर दूसरे बैग उपलब्ध कराएगी। बच्चों को यह बैग मार्च में दिए जाएंगे।


इस संबंध में विशेष सचिव देव प्रताप सिंह सभी जिलाधिकारियों एवं बीएसए को निर्देश जारी कर दिए हैं।दरअसल, सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत परिषदीय, राजकीय एवं सहायता प्राप्त तथा मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निशुल्क किताबें दी जाती हैं। लेकिन उन्हें रखने के लिए बच्चों के पास स्कूली बैग नहीं हैं। जिससे किताबें सुरक्षित रखने में दिक्कत होती है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बच्चों को फ्री स्कूल बैग वितरण का निर्णय लिया।



बीते 20 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 150 स्कूली बच्चों को बैग वितरित कर योजना का शुभारंभ कर दिया। अब राजधानी सहित प्रदेश भर के करीब पौने दो करोड़ बच्चों को बैग वितरित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इनमें राजधानी के परिषदीय, राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले दो लाख 37,356 छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। बैग वितरण की जिम्मेदारी शासन ने तीन आपूर्तिकर्ताओं को सौंपी गई है। इन कंपनियों को विकास खंड एवं नगर क्षेत्र स्तर पर स्कूल बैग की आपूर्ति 6 मार्च 2017 तक पूरी करनी होगी। इसके बाद बैग वितरण करने पर भुगतान में कटौती की जाएगी।


स्कूल बैग आपूर्ति प्राप्प्त करने एवं विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को वितरण के लिए खंड एवं नगर शिक्षा अधिकारी नोएडल अफसर होंगे। डीएम द्वारा एक कमेटी गठित कर स्कूल बैग में से प्रयोगशाला जांच के लिए रैंडम आधार पर तीन साइजों में से सैम्पल को सील कर जांच के लिए भेजा जाएगा। टेस्टिंग की सम्पूर्ण कार्यवाही 21 दिन के अंदर पूरी की जाएगी। विद्यालय में स्कूल बैग प्राप्प्त होते ही विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग का वितरण किया जाएगा।


वितरण रजिस्टर में छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावक के हस्ताक्षर प्राप्ति के रूप में किए जाएंगे।टेस्टिंग रिपोर्ट आई फेल तो बदलना होगा बैगयदि सैंपल टेस्टिंग की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली तो संबंधित फर्म को 15 दिन के अंदर विकास खंड से दिए गए सभी स्कूल बैग वापस लेकर उतनी संख्या में दूसरे स्कूल बैग उपलब्ध कराने होंगे। इसकी जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता की होगी। इस पर आने वाला खर्च भी फर्म वहन करेगी।

बच्चों को फ्री बैग पर दी जाएगी एक साल की वारंटी, आपूर्तिकर्ताओं को छह मार्च तक पूरा करना होगा बैग वितरण का काम, बैग के सैंपल जांचने के बाद होगा वितरण Reviewed by Praveen Trivedi on 8:54 AM Rating: 5

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