शिक्षक भर्ती में बीटीसी गुणांक से बिगड़ेगा भर्ती का गणित, बीटीसी के मूल्यांकन में हुए बदलाव के कारण चयन में उहापोह

 
⚫    बीटीसी 2012 एवं 2013 बैच के अभ्यर्थियों का गुणांक अलग-अलग
⚫   16460 सहायक अध्यापक भर्ती आवेदन में ग्रेड का कॉलम ही नहीं


इलाहाबाद : शिक्षकों की भर्ती में चयन के पुराने मानक ने सारा गणित गड़बड़ा दिया है। नियुक्ति पाने के लिए पंजीकरण बड़ी संख्या में हुआ है, लेकिन उससे भी अधिक युवाओं में उहापोह है। यह सब बीटीसी के मूल्यांकन में हुए बदलाव के कारण हुआ है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने भर्ती में पुराने गुणांक के जरिये चयन करने का निर्देश दिया है, इसी में बदलाव की मांग हो रही है।



बेसिक शिक्षा परिषद की के पीछे विवाद दौड़ आते हैं। हर भर्ती के समय कोई न कोई मुद्दा चर्चा में रहा है। पिछली कुछ भर्तियों को देखें तो 15 हजार शिक्षकों की नियुक्ति में एक बैच विशेष के अभ्यर्थियों की दावेदारों को लेकर उहापोह रहा तो 16448 की भर्ती के समय शासन ने आदेश दिया कि तय तारीख के बाद अर्ह हुए अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा। इन दिनों 16460 शिक्षकों की भर्ती में गुणांक के गणित को लेकर अभ्यर्थी परेशान हैं। उनकी परेशानी का अंदाजा भर्ती के पंजीकरण व आवेदकों की संख्या से नहीं लगाया जा सकता, बल्कि किसका और कैसे चयन होगा यह चर्चा का मुद्दा बना है।



वजह बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से अपनाई जा रही चयन प्रक्रिया है, क्योंकि पुरानी भर्तियों के गुणांक को ही आधार बनाया गया है। इसीलिए आवेदन में ग्रेड का कॉलम ही नहीं है।   वैसे तो प्राथमिक स्कूलों में शैक्षिक मेरिट के आधार पर भर्ती पहले से ही विवाद में है। न्यायालय इस संबंध में कई निर्णय दे चुका है।




नई भर्ती में बीटीसी के गुणांक का आकलन के लिए परिषद ने पुरानी भर्तियों की तर्ज पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के अंक दिए जाने का उल्लेख भर्ती विज्ञापन में किया है, लेकिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 2013 बैच से बीटीसी का पूरा पैटर्न बदल दिया है। इसमें श्रेणीवार अंक के बजाय ग्रेड दिए जाते हैं और उनके सापेक्ष कितने अंक मिलने हैं यह भी तय है। बीटीसी का 2013 बैच एवं उसके पहले बैच के अभ्यर्थियों के बीच यही अंक सबसे बड़ा फासला बना रहे हैं। परिषद का फामरूला एक पर लागू हो रहा है दूसरे पर नहीं। इसीलिए मांग हो रही है कि भर्ती के नियमों में संशोधन किया जाए।



बीएलएड की तरह हो आकलन : दावेदारों का कहना है कि परिषद ने 16448 शिक्षकों की भर्ती के समय बीएलएड अभ्यर्थियों को शामिल किया था और उनके अंकों की अलग से गणना की गई थी। उसी तर्ज पर 2013 बैच के अभ्यर्थियों की भी बीटीसी के अंक व प्रमाणपत्र में दिए अंकों के आधार पर गणना की जाए। इसके लिए परिषद भर्ती की नियमावली 9(क) में संशोधन करें।’

शिक्षक भर्ती में बीटीसी गुणांक से बिगड़ेगा भर्ती का गणित, बीटीसी के मूल्यांकन में हुए बदलाव के कारण चयन में उहापोह Reviewed by Praveen Trivedi on 6:06 AM Rating: 5

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.