खंड शिक्षाधिकारियों की मनमानी पर कसा शिकंजा, माह में कम से कम 20 विद्यालयों का करना पड़ेगा निरीक्षण

इलाहाबाद : प्रदेश भर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के पठन-पाठन में अब मनमानी नहीं हो सकेगी। शैक्षिक कैलेंडर के मुताबिक शिक्षकों को पढ़ाना होगा और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को उसकी नियमित निगरानी करनी होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी को हर माह में दो बार तीन व 18 तारीख को इसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय भेजनी है। इससे पढ़ाई के मामले में हीलाहवाली करने वालों की अब खैर नहीं है, साथ ही बीईओ पर भी शिकंजा कस गया है।



⚫  बीएसए को हर माह में दो बार देनी होगी निरीक्षण रिपोर्ट
⚫  पढ़ाई के मामले में हीलाहवाली करने वाले शिक्षकों की खैर नहीं

क्लिक करके देखें आदेश :
⚫  परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विद्यालयों में निरीक्षण आख्या संकलित कर प्रेषण के संबंध में



परिषदीय विद्यालयों के पठन-पाठन पर विशेष जोर देने के निर्देश हैं। बीते छह अप्रैल को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा ने शैक्षिक कैलेंडर जारी करके उसके अनुसार पढ़ाई कराने के निर्देश दिए थे। सचिव ने बुधवार को फिर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उन्हें हर महीने दो बार तीन और 18 तारीख को निरीक्षण रिपोर्ट देनी होगी।




सचिव ने स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता दुरुस्त करने के लिए हर बीईओ को महीने में कम से कम 20 स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। साथ ही विकास खंड के सभी विद्यालयों में शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पठन-पाठन कराने की जिम्मेदारी भी बीईओ को दी गई है।1बीईओ को हर महीने स्कूलों का निरीक्षण कर निर्धारित प्रोफार्मा पर अपनी रिपोर्ट बीएसए को देनी है। निरीक्षण मुख्य रूप से शैक्षिक होगा जिसमें प्रत्येक कक्षा में शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा होने, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होने और बच्चों में शैक्षिक उपलब्धि की स्थिति का मूल्यांकन करना है।

खंड शिक्षाधिकारियों की मनमानी पर कसा शिकंजा, माह में कम से कम 20 विद्यालयों का करना पड़ेगा निरीक्षण Reviewed by Sona Trivedi on 6:42 AM Rating: 5

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