एक ही मंडल में सात साल से अधिक समय से जमे 96 बीईओ को सुदूर मंडलों में भेजे जाने का आदेश, आदेश न मानने वाले बीईओ पर अनुशासनिक कार्रवाई

 ⚫ कई वर्षो से जमे खंड शिक्षा अधिकारियों का तबादला

⚫ एक ही मंडल में सात साल से अधिक समय से जमे थे 96 अफसर


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : विकासखंड स्तर पर बेसिक शिक्षा की धुरी बने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। एक ही मंडल में सात साल से अधिक समय से जमे 96 बीईओ को सुदूर मंडलों में भेजे जाने का आदेश शिक्षा निदेशालय से जारी हुआ है। नवीन तैनाती स्थल पर बीईओ को एक सप्ताह में कार्यभार ग्रहण करना है। स्थानांतरित अधिकारियों को कार्यमुक्त न करना अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी होगी।


■ क्लिक करके देखें आदेश :
⚫  शैक्षिक सत्र 2017-18 में खण्ड शिक्षा अधिकारियों के स्थानान्तरण की पहली किस्त जारी



बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के स्थानांतरण व समायोजन के पहले खंड शिक्षा अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। यह तबादले शासन की वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत हुए हैं। जिसमें एक ही मंडल में सात साल पूरा करने वाले अधिकारियों को हटाने का निर्देश था। बेसिक शिक्षा के अपर निदेशक विनय कुमार पांडेय ने बताया कि तबादले की पहली सूची में 96 बीईओ के लिए आदेश जारी हुआ है। उन्हें एक सप्ताह में नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। आदेश में कहा गया है कि संबंधित कार्यालय अध्यक्ष स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त करें। ऐसा न करने वाले अफसरों पर विभागीय कार्रवाई होगी और स्थानांतरण का आदेश न मानने वाले बीईओ पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। 




असल में पिछले वर्ष भी तमाम बीईओ का तबादला हुआ थे, लेकिन कई अधिकारियों ने आदेश ही नहीं माना था, इसीलिए पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं। ज्ञात हो कि वार्षिक स्थानांतरण के तहत 30 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश थे।




अगले सप्ताह जारी होगी दूसरी सूची :

बेसिक शिक्षा के अपर निदेशक ने बताया कि शासन की नीति के तहत करीब 160 बीईओ का तबादला होना है। पहली सूची का अनुपालन होने के बाद दूसरी सूची अगले सप्ताह जारी करने की तैयारी है। एक ही मंडल में समयावधि पूरी कर चुके किसी भी अधिकारी को छोड़ा नहीं जाएगा। अतिरिक्त कार्यभार की समस्या रहेगी




प्रदेश में खंड शिक्षा अधिकारियों के 1050 पद हैं, इसके सापेक्ष 765 बीईओ ही तैनात है। बड़े पैमाने पर तबादला होने के बाद भी बीईओ को पड़ोसी विकासखंड का अतिरिक्त कार्यभार लेना ही पड़ेगा। यह समस्या नई नियमावली बनने तक बरकरार रहेगी, क्योंकि उसी के बाद विभाग नई नियुक्तियों का अधियाचन उप्र लोकसेवा आयोग को भेज सकेगा।


एक ही मंडल में सात साल से अधिक समय से जमे 96 बीईओ को सुदूर मंडलों में भेजे जाने का आदेश, आदेश न मानने वाले बीईओ पर अनुशासनिक कार्रवाई Reviewed by प्रवीण त्रिवेदी on 8:08 AM Rating: 5

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