विशेष बच्चों का ‘लर्निग आउटकम’ परखने के लिए होगा विशेष प्रबंध, एनसीआरटी ने जारी की रिपोर्ट, जरूरत पड़ने पर पाठय़क्रम में भी किए जा सकते हैं बदलाव


नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षणिक, प्रशिक्षण और अनुसंधान परिषद (एनसीईआरटी) ने छात्रों में ‘‘लर्निग आउटकम’ को परखने के लिए एक रिपोर्ट जारी की है। हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषाओं में तैयार की गई इस 128 पेज की रिपोर्ट में विशेष बच्चों को तवज्जो दी गई है।रिपोर्ट में अध्यापकों को निर्देश दिया गया हैं कि उन्हें विशेष छात्रों का आकलन किस प्रकार से करना है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस साल के शुरू में इस बात की घोषणा की थी कि वह छात्रों का मूल्यांकन इस बार ‘‘लर्निग आउटकम’ के माध्यम से करेगा। मंत्रालय ने इस संबंध में शिक्षाविदें और विशेषज्ञों से लंबी र्चचा के बाद एक रिपरेट तैयार की है। रिपोर्ट में हर सेक्शन के अंत में विषयानुसार जरूरी अनुदेश दिए गए हैं जिसमें विशेष आवश्यकता वाले छात्रों की पढ़ाई के आकलन के लिए क्या किए जाएं और कैसे किए जाएं इसे विस्तृत रूप से बताया गया है। अलग अलग तरह की डिसएबिलिटीस को जांचने के लिए अलग तरह के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे बच्चे जो मानसिक रूप से अन्य बच्चों से अलग हैं उनकी ‘‘लर्निंग आउटकम’ जांचने में जरूरत के अनुसार थोड़ा लचीलापन स्वीकार किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त विशेष तरह के योग्य बच्चों के लिए जो सामान्य निर्देश दिए गए हैं उसमें इन छात्रों को परीक्षा में सामान्य से ज्यादा समय दिया जाना, इनके लिए सफलतापूर्वक टेस्ट पूरा करने के लिए जो सबसे उपयुक्त संसाधन है वह उपलब्ध कराना और पाठय़क्रम में आवश्यकतानुसार बदलाव करना भी शामिल है। इसके अलावा छात्रों की उम्र और उनकी लर्निग के स्तर के हिसाब से पाठय़क्रम और पाठय़ सामग्री उपलब्ध कराना भी शामिल है। इन छात्रों को पढ़ाते समय अतिरिक्त सहायता के तौर पर सूचना और संचार तकनीकि के इस्तेमाल किए जाने की व्यवस्था जैसे वीडियो और डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण बताया गया है।ऐसे छात्र जिन्हें देखने, सुनने, समझने और मानसिक तकलीफ है उनके लिए इस रिपरेट में उनकी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग विशेष प्रबंध किए गए हैं। जैसे अगर कोई बच्चा सुन नहीं सकता है तो उसके लिंग्विस्टिक विकास में देरी हो सकती है। इन सब को ध्यान में रखते हुए उसी हिसाब से अध्यापकों को इस तरह के निर्देश दिए गए हैं कि इन छात्रों का मूल्यांकन किया जाए।

विशेष बच्चों का ‘लर्निग आउटकम’ परखने के लिए होगा विशेष प्रबंध, एनसीआरटी ने जारी की रिपोर्ट, जरूरत पड़ने पर पाठय़क्रम में भी किए जा सकते हैं बदलाव Reviewed by Brijesh Shrivastava on 8:19 AM Rating: 5

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