कस्तूरबा में अब बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी, 30 सितम्बर तक पूरी करनी है प्रकिया, बजट जारी फिर भी बायोमेट्रिक मशीन लगाने में ढिलाई


कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों (केजीबीवी) में अब बायोमेट्रिक उपस्थित जरूरी कर दी गई है। इसके लिए सभी तैयारियां 30 सितम्बर तक पूरी करनी है। ज्ञात हो बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए केजीबीवी की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में 746 केजीबीवी हैं और यहां निशुल्क आवासीय सुविधा के साथ केवल छात्राओं को शिक्षा दी जाती है। केजीबीवी शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा दी जाती है। इन विद्यालयों में एससी, एसटी और अल्पसंख्यक लड़कियों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। यहां प्रवेश के लिए हर वर्ष तीन दिन का आवासीय कैम्प लगाया जाता है। गत जुलाई माह में निर्देश जारी कर इन विद्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन लगवाने लिए कहा गया था, साथ ही इसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। इसके बावजूद अभी तक केवल प्रदेश के 11 जनपदों में ही बायोमेट्रिक मशीनें लगवाने की कार्रवाई शुरू की गई है। बाकी जनपदों में अभी तक इसकी शुरुआत नहीं की गयी है, जहां 30 सितम्बर तक बायोमेट्रिक मशीनें लगवाई जानी हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी केजीबीवी में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाने हैं और इसका बजट भी सर्व शिक्षा अभियान जारी कर चुका है। ये सीसीटीवी शौचालय छोड़ स्कूल परिसर समेत बाकी जगहों पर लगवाए जाने हैं।

कस्तूरबा में अब बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी, 30 सितम्बर तक पूरी करनी है प्रकिया, बजट जारी फिर भी बायोमेट्रिक मशीन लगाने में ढिलाई Reviewed by 📌 वाले प्राइमरी का मास्टर on 3:59 PM Rating: 5

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.