परिषदीय शिक्षक भर्ती में मध्य प्रदेश का प्रमाणपत्र मान्य नहीं,  बेसिक शिक्षा अधिकारियों को  नियुक्त हुए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का नए सिरे से सत्यापन करने का निर्देश

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती में मध्य प्रदेश का बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मध्य भारत ग्वालियर या फिर उससे मिलते-जुलते प्रमाणपत्र मान्य नहीं है। परिषद ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नियुक्त हुए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का नए सिरे से सत्यापन कर लें कि इस तरह का प्रमाणपत्र लगाकर कोई अभ्यर्थी नियुक्ति पाने में सफल तो नहीं रहा है। 



परिषद के संयुक्त सचिव अशोक कुमार गुप्ता ने बीएसए को भेजे निर्देश में कहा है कि परिषद के शिक्षक पद पर अध्यापक सेवा नियमावली 1981 (अद्यतन संशोधित) के तहत होती है। चयन में अभ्यर्थी के कुल गुणांक के आकलन में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंक भी सम्मिलित होत हैं। हाईस्कूल व इंटर के संदर्भ में उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से दिया जाने वाला प्रमाणपत्र या फिर उसके समकक्ष घोषित प्रमाणपत्र ही मान्य हैं। 



संयुक्त सचिव ने बीएसए से कहा है कि बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मध्य भारत ग्वालियर मप्र व उससे मिलते-जुलते बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मध्य भारत ग्वालियर आदि के संबंध में परीक्षण कर लें कि इस नाम की संस्था किसी अभ्यर्थी ने हाईस्कूल या फिर इंटर तो नहीं कर रखा है। यह संस्थाएं यूपी बोर्ड अमान्य कर चुका है।


परिषदीय शिक्षक भर्ती में मध्य प्रदेश का प्रमाणपत्र मान्य नहीं,  बेसिक शिक्षा अधिकारियों को  नियुक्त हुए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का नए सिरे से सत्यापन करने का निर्देश Reviewed by Sona Trivedi on 6:41 AM Rating: 5

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