पढ़ाई बेहाल : शैक्षिक सत्र अप्रैल से और नामांकन सितंबर तक, विभाग शिक्षकों के समायोजन में जुटा

इलाहाबाद : चौंकिये नहीं, प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की यही हकीकत है। शैक्षिक सत्र का आधा समय बीतने तक विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने की मुहिम इस बार भी शुरू रहेगी, क्योंकि चंद दिन पहले ही आउट ऑफ स्कूल बच्चों को लाने के लिए विशेष मोबाइल एप लांच किया गया है। खास बात यह है कि छमाही परीक्षा तक प्रवेश दिया जा रहा है और दूसरी छमाही का आखिरी माह वार्षिक परीक्षा व परिणाम देने में निकलेगा, तब पढ़ाई कितने दिन होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।


बेसिक शिक्षा परिषद ने पढ़ाई कराने पर विशेष जोर देने के लिए पिछले वर्ष से प्रदेश भर में पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन किया है, साथ ही किस घंटे में क्या पढ़ाया जाएगा यह भी तय किया है। शैक्षिक कैलेंडर अप्रैल से लेकर मार्च तक को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस बार शासन के निर्देश पर अवकाशों में भी कटौती की गई है। इसके बाद भी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधर नहीं रहा है। अप्रैल व मई माह में छिटपुट बच्चे ही स्कूल पहुंचते हैं, स्कूल चलो अभियान अब भी जुलाई में सही से शुरू हो रहा है। इसके अलावा किताब, डेस व अन्य संसाधन भी जुलाई के बाद ही छात्र-छात्रओं तक पहुंच रहे हैं।



शिक्षा निदेशक बेसिक ने कुछ दिन पहले ही स्कूलों में पढ़ाई जांचने के लिए सह समन्वयकों के लिए ईक्षा मोबाइल एप शुरू किया है। सवाल ये है कि जब सत्र अप्रैल से शुरू हो रहा है तो यह सारे कार्य ग्रीष्मावकाश के पहले ही पूरे नहीं होते। रही-सही कसर शिक्षकों के सत्र के दौरान तबादलों ने पूरी कर दी है। अंतर जिला तबादले के सभी शिक्षकों को अब तक स्कूल आवंटन नहीं हुआ है। जिले के अंदर समायोजन व पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया इस समय चल रही है।

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