परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी क्षेत्र और शहर से ग्रामीण क्षेत्र में मनमाने स्थानांतरण को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध बताया

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी क्षेत्र और शहर से ग्रामीण क्षेत्र में मनमाने स्थानांतरण को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध बताया।

प्रयागराज : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी क्षेत्र और शहर से ग्रामीण क्षेत्र में मनमाने स्थानांतरण को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध करार दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बेसिक शिक्षा सर्विस नियमावली के नियम 21 के प्रावधान के तहत ही स्थानांतरण किया जा सकता है। कोर्ट ने शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में स्थानांतरित शिक्षकों की याचिका पर यथास्थिति का आदेश देते हुए विभाग को याचीगण के प्रत्यावेदन पर नियमानुसार विचार करने का निर्देश दिया है।


हेमा यादव व अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचीगण का कहना था कि वे शहरी क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। 31 अगस्त, 2018 को उनका स्थानांतरण ग्रामीण क्षेत्र में कर दिया गया। जबकि सेवा नियमावली के नियम 21 के अनुसार किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण शहर से ग्रामीण या ग्रामीण से शहरी क्षेत्र के लिए नहीं किया जा सकता। जब तक कि शिक्षक ने अपनी सहमति न दी हो। स्थानांतरण बेसिक शिक्षा परिषद की अनुमति से ही हो सकता है। याचीगण ने अपने स्थानांतरण के लिए न तो कोई सहमति दी न ही आवेदन किया था।


बेसिक शिक्षा परिषद के अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में तथ्यों की पड़ताल की आवश्यकता है कि याचीगण शहरी क्षेत्र में कार्यरत थे या ग्रामीण में। उनको अपनी शिकायतें अधिकारियों से करनी चाहिए। कोर्ट ने स्थानांतरण के मामले में यथास्थिति का आदेश देते हुए याचीगण के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने को कहा है।

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी क्षेत्र और शहर से ग्रामीण क्षेत्र में मनमाने स्थानांतरण को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध बताया Reviewed by प्राइमरी का मास्टर on 7:15 AM Rating: 5

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