यूपी में 4057 विद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने पर खर्च होंगे 5,748 करोड़, 2023-24 के बजट में हो सकता है एलान, बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर शासन की सहमति ले ली

यूपी में 4057 विद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने पर खर्च होंगे 5,748 करोड़

तैयार कार्ययोजना पर बनी सहमति, 2023-24 के बजट में हो सकता है एलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर शासन की सहमति ले ली


लखनऊ। योगी सरकार 2023-24 के बजट में 4057 विद्यालयों को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधा युक्त बनाने के लिए 5748 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके लिए सरकार 4000 विद्यालय मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय और 57 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की चरणबद्ध स्थापना का एलान कर सकती है। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर शासन की सहमति ले ली है। अगले तीन वर्षों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों पर 5,680 करोड़ और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों पर 1,868.46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट की व्यवस्था के लिए आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।


सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प 2.0 के अंतर्गत नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक से 12 तक के कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। इसके अंतर्गत पूर्व से कक्षा 1 से 8 तक संचालित 4000 परिषदीय विद्यालयों का उच्चीकरण कर मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय की स्थापना की जानी है। ऐसे प्रत्येक विद्यालय में 450 छात्र-छात्राएं पढ़ेंगे। इसी तरह 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालयों से इतर 57 जिलों में कक्षा-1 से 12 तक के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना होगी। इनमें 2000- 2000 विद्यार्थी पढ़ेंगे।


शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र के सर्वोत्तम नवाचारों पर बढ़ते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके बजट बंदोबस्त व क्रियान्वयन की रूपरेखा पर शासन की सहमति मिल गई है। इन विद्यालयों को डिजिटल लर्निंग इनेबल्ड स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन प्रस्तावों पर अमल के लिए नाबार्ड की ग्रामीण अवस्थापना विकास निधि, विश्व बैंक व राज्य बजट से आवश्यक बजट बंदोबस्त की कार्यवाही की जाएगी।


इस तरह होंगे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय

■ प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक होगी पढ़ाई प्रति कक्षा वर्ग के लिए अलग व 450 विद्यार्थियों के लिए कक्षा-कक्ष फर्नीचर युक्त बाल मैत्रिक पुस्तकालय । लँग्वेज लैब की सुविधा के साथ कंप्यूटर लैब विज्ञान व गणित शिक्षकों के लिए मॉड्यूलर कंपोजिट प्रयोगशाला डिजिटल लर्निंग के लिए इंटरेक्टिव डिस्प्ले बोर्ड व वर्चुअल कनेक्टिविटी के साथ स्मार्ट क्लास ।

■ शौचालय सुविधा से युक्त स्टॉफ रूम। मध्याहन भोजन के लिए शेड बाल वाटिका, वाई-फाई व सीसीटीवी सर्विलांस बाल सुलभ फर्नीचर व मॉड्यूलर डेस्क-बेंच सुरक्षाकर्मी व सफाई कर्मी की तैनाती 1000 विद्यालयों का विकास नाबार्ड से, 2250 स्कूलों का राज्य बजट से, 150 विद्यालय स्मार्ट सिटी व नगरीय क्षेत्र निधि से 200 विद्यालय विकास प्राधिकरणों से, 370 विद्यालय कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी फंड से व 30 विद्यालय जिला खनिज निधि से विकसित करने का प्रस्ताव है।
यूपी में 4057 विद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने पर खर्च होंगे 5,748 करोड़, 2023-24 के बजट में हो सकता है एलान, बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर शासन की सहमति ले ली Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 7:15 AM Rating: 5

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