नियुक्ति से मनाही फिर भी अड़े बीएड डिग्रीधारी, कक्षा एक से पांच तक की शिक्षक भर्ती के लिए नहीं है योग्य, अब केवल बीटीसी, बीएलएड या डीएड वाले पात्र
- शिक्षा निदेशालय में सन्नाटा
- फेसबुक पर छाया धरना
- मंगलवार को हुए लाठीचार्ज के बुधवार को शिक्षा निदेशालय पर सन्नाटा पसरा रहा
निदेशालय पर लाठीचार्ज फेसबुक पर छाया रहा। बेरोजगारों ने अपने पर्सनल
एकाउंट के साथ तमाम ग्रुप पर फोटो, कमेंट डालने के साथ सरकार को सिस्टम को
भला बुरा कहा। कुछ लोगों ने गलत फोटो भी अपलोड कर दी।
इलाहाबाद। प्राइमरी स्कूल में टीचरी पाने के लिए बीएड और
टीईटी डिग्रीधारी नियम-कानून भी भूल गए हैं। कक्षा एक से पांच तक में बीएड
वालों को नियुक्ति से मनाही के बावजूद बहकावे में सैकड़ों युवा शिक्षा
निदेशालय पहुंच गए।
2014 में समाप्त हो चुका है दावा : दरअसल राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 31 दिसम्बर 2011 तक ही बीएड और टीईटी पास अभ्यर्थियों को प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति की छूट दी थी। उत्तर प्रदेश में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती नवंबर 2011 में शुरू हुई। बीएड डिग्रीधारकों के लिए यह स्पेशल ड्राइव थी। समय से भर्ती पूरी नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने 26 जुलाई 2012 को एनसीटीई से बीएड वालों के लिए नियुक्ति की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2015 तक करने का अनुरोध किया। 10 सितम्बर 2012 को केन्द्र सरकार ने समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2014 कर दी। यह समयसीमा बीतने के बाद बीएड वालों का प्राइमरी स्कूलों की शिक्षक भर्ती में दावा समाप्त हो गया।
लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन : शिक्षा निदेशालय में मंगलवार शाम साथियों पर लाठीचार्ज के विरोध में बीएड व टीईटी डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने बुधवार को हाईकोर्ट चौराहे पर अम्बेडकर प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।
2014 में समाप्त हो चुका है दावा : दरअसल राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 31 दिसम्बर 2011 तक ही बीएड और टीईटी पास अभ्यर्थियों को प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति की छूट दी थी। उत्तर प्रदेश में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती नवंबर 2011 में शुरू हुई। बीएड डिग्रीधारकों के लिए यह स्पेशल ड्राइव थी। समय से भर्ती पूरी नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने 26 जुलाई 2012 को एनसीटीई से बीएड वालों के लिए नियुक्ति की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2015 तक करने का अनुरोध किया। 10 सितम्बर 2012 को केन्द्र सरकार ने समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2014 कर दी। यह समयसीमा बीतने के बाद बीएड वालों का प्राइमरी स्कूलों की शिक्षक भर्ती में दावा समाप्त हो गया।
लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन : शिक्षा निदेशालय में मंगलवार शाम साथियों पर लाठीचार्ज के विरोध में बीएड व टीईटी डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने बुधवार को हाईकोर्ट चौराहे पर अम्बेडकर प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद
कार्यालय के बाहर धरना दे रहे बेरोजगारों पर मंगलवार की शाम लाठीचार्ज के
बाद बुधवार को पूरे दिन सन्नाटा रहा। एहतियातन यूपी बोर्ड की ओर खुलने वाले
गेट को बंद रखा गया। गेट पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
अब केवल बीटीसी, बीएलएड या डीएड वाले पात्र : अब बीटीसी, बीएलएड या डीएड (स्पेशल एजुकेशन) के साथ टीईटी या सीटीईटी पास
करने वाले ही प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बन सकते हैं। सपा सरकार में
बीएड-टीईटी योग्यताधारी अभ्यर्थियों के लिए दिसम्बर 2012 में एकेडमिक
रिकार्ड के आधार पर शुरू की गई 72,825 शिक्षक भर्ती का प्रकरण सुप्रीम
कोर्ट में लंबित होने के कारण उसमें कुछ हो नहीं सकता। ऐसे में सुप्रीम
कोर्ट के आदेशों की उल्टी-सीधी व्याख्या करके और बेरोजगारों को शिक्षा
निदेशालय बुला लिया गया।
नियुक्ति से मनाही फिर भी अड़े बीएड डिग्रीधारी, कक्षा एक से पांच तक की शिक्षक भर्ती के लिए नहीं है योग्य, अब केवल बीटीसी, बीएलएड या डीएड वाले पात्र
Reviewed by Brijesh Shrivastava
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6:00 AM
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