माननीय उच्चतम न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या (सिविल) 1000/2022 डॉ० जया ठाकुर बनाम भारत सरकार व अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी
पाठ्यक्रम में होगी लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी जानकारी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए यह भी निर्देश दिया है कि एससीईआरटी द्वारा लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी जानकारियों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से माहवारी, किशोरावस्था आदि से संबंधित स्वास्थ्य चिंताओं की जानकारी शामिल की जाएगी। शिक्षकों को माहवारी स्वच्छता के बारे में समुचित प्रशिक्षण दिया जाए। सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार भी किया जाए।
स्कूल में होगा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन कोना, छात्राओं के स्वास्थ्य को देखते हुए की जाएगी व्यवस्था, विद्यालयों में लग रहीं सेनेटरी नैपकीन वेंडिंग मशीनें
लखनऊ। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली बेटियों को अब सकुचाने या अपने स्वास्थ्य की वजह से अवकाश लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विभाग की ओर से सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी विद्यालयों में बेटियों के लिए माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। यह सुरक्षित, गोपनीय व सहज सुलभ स्थान पर होंगे। यही नहीं, स्कूलों में सेनेटरी नैपकीन वेंडिंग मशीनें भी लगवाई जा रही हैं।
एमएचएम कॉर्नर पर छात्राओं के लिए अतिरिक्त यूनिफार्म व डिस्पोजल बैग समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एक महिला शिक्षक को इसका प्रभारी बनाया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने निर्देश दिया है कि विद्यालयों में मानक के अनुसार सेनेटरी नैपकीन निशुल्क देने की भी व्यवस्था की जाए।
उन्होंने सभी डीआईओएस को निर्देश दिया है कि वे कम से कम एक बार विद्यालयों का निरीक्षण करें। निरीक्षण में शौचालय व स्वच्छता की सुविधाएं, माहवारी के लिए अवशोषकों की उपलब्धता, अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था आदि को देखें। छात्राओं से गोपनीय फीडबैक प्राप्त करके सुधार करें। निदेशक ने यह भी कहा है कि इन निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी करेगा।
पाठ्यक्रम में होगी लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी जानकारी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए यह भी निर्देश दिया है कि एससीईआरटी द्वारा लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी जानकारियों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से माहवारी, किशोरावस्था आदि से संबंधित स्वास्थ्य चिंताओं की जानकारी शामिल की जाएगी। शिक्षकों को माहवारी स्वच्छता के बारे में समुचित प्रशिक्षण दिया जाए। सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार भी किया जाए।
माननीय उच्चतम न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या (सिविल) 1000/2022 डॉ० जया ठाकुर बनाम भारत सरकार व अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी
माननीय उच्चतम न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या (सिविल) 1000/2022 डॉ० जया ठाकुर बनाम भारत सरकार व अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:39 AM
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