सत्र 2025-26 में बेसिक परिषदीय विद्यालयों का कैलेंडर और सामान्य निर्देश जारी
प्राइमरी स्कूलों में चलेंगे काउंसिलिंग सत्र, शनिवार को लगेगी मस्ती की पाठशाला, नए शैक्षिक सत्र के लिए कैलेंडर जारी
लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों का शैक्षिक सत्र 2026-27 का शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्रों को तनाव से बचाने के लिए काउंसिलिंग सत्र चलाए जाएंगे। अर्द्धवार्षिक परीक्षा तक 50 प्रतिशत से कम अंकलाने वाले कमजोर छात्रों को चिह्नित कर उनकी विशेष पढ़ाई कराई जाएगी।
नए सत्र में नया सवेरा कार्यक्रम का आयोजन इसी महीने से ही शुरू होगा। जिसमें हफ्ते में दो दिन शिक्षाधिकारी स्कूलों की प्रार्थना सभाओं में अनिवार्य रूप से जाएंगे। वह जीवन मूल्यों, अनुशासन और नियमित दिनचर्या सहित विभिन्न प्रासंगिक विषयों पर प्रेरक संवाद करेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सफल व्यक्तियों और पुरातन छात्रों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्रों के परिषदीय स्कूलों में हर शनिवार को बैगलेस डे होगा। अंतिम शनिवार को बाल मनोविज्ञान पर आधारित शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जाएगी। मनोदर्पण पोर्टल पर शिक्षकों को इसकी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं बच्चों को सिखाया जाएगा कि वह किस तरह अपनी शिकायत लिखकर शिकायत पेटिका में डालें।
मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिसमें परीक्षा तनाव, किशोरावस्था समस्याओं व आत्मविश्वास विकास पर चर्चा की जाएगी। छात्रों का स्क्रीन टाइम कम करने व मोबाइल के अत्याधिक प्रयोग की आदत को कम करने के लिए पठन संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रार्थना सभाओं में अनिवार्य रूप से समाचार पत्र पढ़े जाएंगे।
हर सप्ताह 'रीडिंग डे' से बच्चों में बढ़ेगी पढ़ने की आदत, सत्र 2026-27 के लिए जारी शैक्षिक कैलेंडर में दी गई व्यवस्था
लखनऊः परिषदीय विद्यालयों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए अब हर सप्ताह एक दिन 'रीडिंग डे' मनाया जाएगा। कक्षा दो से आठ तक के छात्र-छात्राएं इस दिन लाइब्रेरी में बैठकर पठन-पाठन करेंगे। यह व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए तैयार किए गए नए शैक्षिक कैलेंडर में लागू की गई है।
प्रदेश के परिषदीय, कंपोजिट विद्यालयों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्धारित शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। अप्रैल से ही इसकी शुरुआत करते हुए पूरे साल के लिए महीनेवार पाठ्यक्रम तय किया गया है ताकि समयबद्ध तरीके से पढ़ाई पूरी हो सके। इसकी हर माह प्रधानाध्यापक समीक्षा भी करेंगे। बढ़ते स्क्रीन टाइम को देखते हुए बच्चों को मोबाइल फोन और टीवी से दूर रखने के लिए पहल की गई है। इसके तहत बच्चों को समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रार्थना सभा में रोजाना बच्चों से मुख्य समाचार पढ़वाए जाएंगे। कैलेंडर के मुताबिक अप्रैल में वार्षिक पाठ्यक्रम का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए शिक्षकों को उसी अनुसार पाठ योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए स्कूल स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और अभिभावकों से भी सहयोग लिया जाएगा। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में बच्चों की रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सूबे के करोड़ों स्कूली बच्चे पढ़ेंगे गुड टच बैड टच और पॉक्सो का पाठ, बेसिक शिक्षक परिषद के नए अकादमिक कैलेंडर में पहली बार शामिल हुआ कानून
प्रयागराज। बेसिक शिक्षक परिषद की ओर से जारी अकादमिक कैलेंडर में पहली बार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी पॉक्सो का पाठ पढ़ेंगे। इसके तहत अब छोटे बच्चों को भी उनकी उम्र के - अनुसार संवेदनशील तरीके से सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में पढ़ाया जाएगा।
प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब तीन लाख छात्र-छात्राओं को इस नई पहल का लाभमिलेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए शिक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। इसमें बच्चों को गुड टच बैड टच, निजी सीमाओं की समझ, खतरे की पहचान और किसी भी असहज स्थिति में मदद लेने के तरीकों के बारे में सरल भाषा में समझाया जाएगा।
इसका उद्देश्य बच्चों में डर पैदा करना नहीं बल्कि उन्हें जागरूक, सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है। बच्चों को यह भी बताया जाएगा कि यदि वे किसी प्रकार की अनुचित हरकत का सामना करते हैं तो वे बिना झिझक अपने अभिभावकों व शिक्षकों से बात करें। साथ ही शिकायत करने के अधिकार और कानूनी संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
शिक्षक इस विषय को पढ़ाते समय पूरी संवेदनशीलता और सावधानी बरतेंगे ताकि बच्चों पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव न पड़े। बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय पॉक्सो की जानकारी देना बेहद जरूरी है। ऐसे में स्कूलों में पॉक्सो को लेकर बच्चों को जागरूकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। स्कूल के शिक्षक बच्चों को जागरूक करेंगे।
यह सिखाया जाएगा
सही और गलत स्पर्श (गुड टच-बैड टच) की पहचान।
निजी अंगों और व्यक्तिगत सीमाओं की समझ ।
किसी भी असहज स्थिति में 'ना' कहना और वहां से हटना।
खतरे को पहचान कर तुरंत भरोसेमंद व्यक्ति को बताना।
हेल्पलाइन और सहायता के तरीकों की जानकारी।
परिषदीय स्कूलों का शैक्षिक कैलेंडर जारी, तकनीकी शिक्षा पर जोर, करें डाउनलोड
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 का एकेडमिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। सचिव बेसिक शिक्षा सुरेंद्र कुमार तिवारी ने जारी कैलेंडर में शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और डिजिटल बनाने पर विशेष जोर दिया है।
कैलेंडर में छठवीं से आठवीं तक के लिए प्रत्येक कालांश में कम से कम 10 मिनट आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) आधारित शिक्षण को अनिवार्य किया गया है। अप्रैल माह में 'स्कूल चलो अभियान' 15 अप्रैल तक चलाने, 'नया सवेरा' सत्र का आयोजन करने और पहली कक्षा के लिए 'विद्या प्रवेश' कार्यक्रम शुरू करने को कहा गया है।
पहली से तीसरी के बच्चों के लिए कार्य पुस्तिकाओं में दिए गए साप्ताहिक आकलन 'मैंने सीख लिया' को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से फोन पर संपर्क और आवश्यकतानुसार घर जाकर विजिट करने के निर्देश दिए गए हैं। अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। छठवीं से आठवीं में विज्ञान विषय के अंतर्गत विज्ञान निर्माण गतिविधियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को बढ़ावा देने के निर्देश हैं।
ओडीओपी और पीएमश्री विद्यालयों के अंतर्गत निर्धारित 22 प्रकार की गतिविधियों को विद्यालयों में संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा महापुरुषों की जयंती, शिक्षक दिवस, हिंदी दिवस जैसे विभिन्न आयोजनों को मनाने के लिए अनिवार्य किया गया है।
सत्र 2025-26 में बेसिक परिषदीय विद्यालयों का कैलेंडर और सामान्य निर्देश जारी
Reviewed by sankalp gupta
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7:02 AM
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