परिषदीय स्कूलों में नई समय सारिणी लागू, 40 मिनट का होगा हर पीरियड, गणित, भाषा और विज्ञान पर होगा जोर, टाइम-टेबल का पालन अनिवार्य

स्कूल अब खुद तय करेंगे अपनी टाइम टेबल, प्रधानाध्यापकों को समय सारिणी बनाने का मिला जिम्मा

लखनऊ।  बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब समय सारिणी (टाइम टेबल) लचीली होगी। अब हर स्कूल अपनी जरूरत और उपलब्ध शिक्षकों के आधार पर खुद टाइम टेबल बना सकेगा। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने शुक्रवार को इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

अब तक प्रेरणा पोर्टल के जरिये सभी स्कूलों में एक जैसी समय सारिणी लागू होती थी। कई जगह शिक्षकों की कमी या अनुपस्थिति के कारण पढ़ाई प्रभावित होती थी।

नई व्यवस्था से इस समस्या को दूर करने की कोशिश की गई है। सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय निर्धारित अवधि और शैक्षणिक समय का पालन करते हुए अपनी समय सारिणी तैयार करें। हर पीरियड 40 मिनट का होगा। 

हर कक्षा में पढ़ाई की शुरुआत पिछले पाठ की पुनरावृत्ति से होगी। इसके बाद प्रभावी शिक्षण, गतिविधियां और अंत में पढ़ाए गए विषय को शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चों की समझ बेहतर हो। विद्यालय के प्रधानाध्यापक या इंचार्ज प्रधानाध्यापक ही कक्षावार और विषयवार टाइम टेबल तय करेंगे। 

प्राथमिक विद्यालयों में भाषा और गणित, जबकि उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान का हर दिन एक पीरियड अनिवार्य किया गया है। वहीं, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के लिए 30 मिनट का समय तय किया गया है।



परिषदीय स्कूलों में नई समय सारिणी लागू, 40 मिनट का होगा हर पीरियड, गणित, भाषा और विज्ञान पर होगा जोर, टाइम-टेबल का पालन अनिवार्य

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित परिषदीय न विद्यालयों में पठन-पाठन के लिए नई समय सारिणी लागू कर दी गई है। इसके तहत सभी विद्यालयों को कक्षावार और विषयवार टाइम-टेबल बनाकर उसी के अनुसार शिक्षण कार्य संचालित ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हर कक्षा का समय 40 मिनट का होगा। इसमें शिक्षकों को पहले पढ़ाए गए पाठ की पुनरावृत्ति कराते हुए प्रभावी शिक्षण कराना होगा। प्राथमिक विद्यालयों में भाषा और गणित जबकि उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय का प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड अनिवार्य रूप से रखा जाएगा।

मध्याह्न भोजन के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। जिसमें बच्चों को बैठाकर भोजन वितरण और दोबारा कक्षा में भेजने की व्यवस्था करनी होगी। परिषद की ओर से जारी एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार हर माह पाठ्यक्रम पूरा कराना अनिवार्य होगा। टाइम-टेबल के पालन की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि समय सारिणी को विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाए ताकि अभिभावक और निरीक्षण अधिकारी आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें। साथ ही इसका मुद्रण कंपोजिट स्कूल ग्रांट से कराया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान समय सारिणी के अनुपालन की जांच की जाएगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।



परिषदीय स्कूलों में नई समय सारिणी लागू, 40 मिनट का होगा हर पीरियड, गणित, भाषा और विज्ञान पर होगा जोर, टाइम-टेबल का पालन अनिवार्य Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:28 AM Rating: 5

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