माननीय उच्च न्यायालय की Juvenile Justice Committee द्वारा बाल देखरेख संस्थाओं (सी.सी.आई.) में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके विद्यालयों में प्रवेश के सम्बन्ध में कार्यवाही विषयक।
बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों का स्कूल में शत प्रतिशत प्रवेश अनिवार्य
लखनऊः बाल देखरेख संस्थाओं (सीसीआइ) में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनका स्कूलों में शत प्रतिशत दाखिला अनिवार्य कर दिया गया है। हर जिले में संयुक्त जिला प्रवेश समिति गठित की गई है, जो बच्चों का आकलन कर उन्हें उपयुक्त कक्षा में दाखिला दिलाएगी। यह व्यवस्था फरवरी में आए हाई कोर्ट की न्याय समिति के आदेश पर लागू की गई है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सुझावों को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर समिति गठित कर तत्काल कार्रवाई की जाए। हर जिले में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनेगी।
इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और जिला परिवीक्षा अधिकारी शामिल होंगे।
हर सीसीआइ में बच्चों की कम्प्रीहेंसिव एजुकेशनल मैपिंग की जाएगी। इससे बच्चों की पढ़ाई में कमी का पता लगाया जाएगा। उसी के अनुसार उनकी उम्र के हिसाब से सही कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा आठ तक दाखिले की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की होगी। कक्षा नौ और उससे ऊपर के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक जिम्मेदार होंगे।
माननीय उच्च न्यायालय की Juvenile Justice Committee द्वारा बाल देखरेख संस्थाओं (सी.सी.आई.) में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके विद्यालयों में प्रवेश के सम्बन्ध में कार्यवाही विषयक।
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:26 AM
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