यूपी में निपुण शिक्षक सारथी कार्यक्रम पांच जिलों में पायलट आधार पर शुरू, तकनीकी रूप से दक्ष शिक्षक, विद्यार्थियों के समग्र विकास में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

यूपी में निपुण शिक्षक सारथी कार्यक्रम पांच जिलों में पायलट आधार पर शुरू, तकनीकी रूप से दक्ष शिक्षक, विद्यार्थियों के समग्र विकास में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

यूपी में 'निपुण शिक्षक सारथी' बदलेंगे स्कूलों की सूरत, तकनीक से होंगे लैस; चित्रकूट से गोरखपुर तक चलेगा कार्यक्रम

प्रशिक्षित 15 SRGS के सदस्य देंगे तकनीक आधारित मार्गदर्शन, शिक्षकों से बढ़ेगा संवाद

चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर व सीतापुर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू


योगी सरकार ने निपुण भारत मिशन के तहत 'निपुण शिक्षक सारथी' कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल शिक्षकों को तकनीक-सक्षम मार्गदर्शक बनाएगी। चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर और सीतापुर के आकांक्षी क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से निरंतर सहयोग देकर कक्षा 2 के छात्रों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता को मजबूत करना है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।



शिक्षकों को तकनीक-सक्षम मार्गदर्शक बनाने पर विशेष जोर।

कक्षा 2 के छात्रों की बुनियादी दक्षता पर विशेष फोकस।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने निपुण भारत मिशन को धरातल पर उतारने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य के पांच जनपदों में पायलट आधार पर ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को केवल पारंपरिक शिक्षक की भूमिका से बाहर निकालकर उन्हें 'बदलाव का असली नेतृत्वकर्ता' और 'तकनीक सक्षम मार्गदर्शक' बनाना है। चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर और सीतापुर से शुरू हुआ यह मॉडल बेसिक शिक्षा विभाग की उस सोच का परिणाम है, जहाँ तकनीक और मानवीय संवेदनाएं मिलकर छात्रों की बुनियादी साक्षरता को मजबूत करेंगी।


आकांक्षी जनपदों से पायलट प्रोजेक्ट का आगाज
इस कार्यक्रम को रणनीति के तहत सबसे पहले उन क्षेत्रों में लागू किया गया है जहाँ शैक्षणिक सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इनमें चित्रकूट, सोनभद्र और बलरामपुर जैसे आकांक्षी जनपद शामिल हैं, जबकि गोरखपुर और सीतापुर के आकांक्षी विकासखंडों को इस मॉडल के लिए चुना गया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए 15 राज्य स्तरीय संदर्भ समूह (एसआरजी) को विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया है, जो डिजिटल माध्यम से शिक्षकों की हर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे।


संवाद की नई क्रांति: 2 से बढ़कर 20 बार होगा संपर्क

निपुण शिक्षक सारथी मॉडल के तहत शिक्षकों के साथ होने वाले संवाद की गुणवत्ता और आवृत्ति (Frequency) में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पहले जहाँ तकनीकी टीम और शिक्षकों के बीच प्रतिदिन औसतन केवल 1 से 2 बार ही संपर्क हो पाता था, अब नई व्यवस्था के तहत इसे बढ़ाकर 18 से 20 बार कर दिया गया है। यह नियमित और योजनाबद्ध शैक्षणिक संवाद शिक्षकों को क्लासरूम के भीतर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए रीयल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करेगा।


कक्षा 2 की नींव और डिजिटल दक्षता पर जोर

इस कार्यक्रम का विशेष फोकस कक्षा 2 के विद्यार्थियों के 'लर्निंग आउटकम' पर है। भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों को अतिरिक्त सहयोग दिया जा रहा है। डिजिटल मॉडल होने के कारण अब फील्ड विजिट पर निर्भरता कम होगी, जिससे समय और सरकारी धन की बचत होगी। साथ ही, तकनीक के माध्यम से अब दूर-दराज के स्कूलों तक भी नियमित पहुंच संभव हो सकेगी। विभाग उन विद्यालयों को प्राथमिकता दे रहा है जिनका प्रदर्शन आकलनों में कमजोर रहा है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में प्रदेश व्यापी संतुलन बनाया जा सके।

यूपी में निपुण शिक्षक सारथी कार्यक्रम पांच जिलों में पायलट आधार पर शुरू, तकनीकी रूप से दक्ष शिक्षक, विद्यार्थियों के समग्र विकास में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:38 AM Rating: 5

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