सीएम योगी के प्रस्तावित दौरे से पहले शिक्षा विभाग अलर्ट, स्कूलों के निरीक्षण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए शासन ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को 'एक्शन मोड' में रहने के दिए निर्देश, इन 10 बिंदुओं पर होगी सीएम योगी की 'पैनी नजर'


शिक्षा की गुणवत्ता: छात्रों के लर्निंग लेवल (सीखने का स्तर) और शैक्षणिक परिणामों की बारीकी से जांच होगी।

शिक्षकों की उपस्थिति: स्कूलों में शिक्षकों की मानक के अनुसार तैनाती और उनकी समयबद्ध उपस्थिति अनिवार्य होगी।

छात्रों की संख्या: विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नामांकन और वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल भवन, प्रयोगशालाओं (Labs) की स्थिति और सुरक्षा उपायों का जायजा लिया जाएगा।

बुनियादी सुविधाएं: शौचालय की सफाई और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना होगा।

एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज: खेलकूद, सेमिनार और क्विज़ जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों का उत्साहवर्धन हो रहा है या नहीं।

सेवायोजन: माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों के करियर और रोजगार से जुड़ी काउंसिलिंग की स्थिति।

शिक्षकों का व्यवहार: कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की कर्मठता और जनता/छात्रों के प्रति उनके व्यवहार की फीडबैक ली जाएगी।

प्रतियोगिता का भाव: विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा होगी।

अनुशासन: विद्यालय परिसर में अनुशासन और विभागीय गाइडलाइंस का पालन।



सीएम योगी के प्रस्तावित दौरे से पहले शिक्षा विभाग अलर्ट, स्कूलों के निरीक्षण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित जनपद भ्रमण और स्कूल निरीक्षण को लेकर सभी जिलों को सतर्क करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निकट भविष्य में मुख्यमंत्री विभिन्न जनपदों का दौरा कर शैक्षणिक संस्थानों की जमीनी हकीकत का निरीक्षण करेंगे।

निर्देशों के अनुसार, इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज, उच्च प्राथमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के केंद्र में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की तैनाती और समयबद्ध उपस्थिति, विद्यालय भवन और प्रयोगशालाओं की स्थिति, छात्रों के सीखने का स्तर और परीक्षा परिणाम रहेंगे।

इसके अलावा विद्यालयों में खेल, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, क्विज और प्रतियोगिताओं के आयोजन, स्वच्छ शौचालय, पेयजल व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की भी बारीकी से जांच की जाएगी। शिक्षकों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता, व्यवहार और योगदान का मूल्यांकन भी इस निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

पत्र में सभी मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते तैयारियां सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की कमी निरीक्षण के दौरान सामने न आए। विभाग ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विभागीय कार्यों और तैयारियों का प्रभावी प्रदर्शन होना चाहिए, जिससे शासन की प्राथमिकताओं का जमीनी क्रियान्वयन स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

इस निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और जिलों में विद्यालयों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


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