यूपी टीईटी का परिणाम अब डिजिलॉकर में, रिजल्ट और OMR को लेकर अब तक 45 हजार से अधिक प्रत्यावेदन

यूपी टीईटी का परिणाम अब डिजिलॉकर में, रिजल्ट और OMR को लेकर अब तक 45 हजार से अधिक प्रत्यावेदन

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 26 अगस्त को घोषित यूपीटीईटी 2026 का परिणाम वेबसाइट से हटा लिया है। अब अभ्यर्थी डिजिलॉकर के माध्यम से अपना परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। वेबसाइट से गुरुवार को परिणाम हटने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थी। कुछ लोग सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित करने लगे कि चयन आयोग संशोधित परिणाम जारी करेगा तो कुछ लोगों का कहना था कि नॉर्मलाइजेशन को हटाकर परिणाम जारी होगा।

 इस संबंध में चयन आयोग के पीआरओ डॉ. संजय कुमार सिंह का कहना है कि कोई भी परिणाम केवल एक सप्ताह तक ही वेबसाइट पर रहता है। उसके बाद डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दिया जाता है।

यूपीटीईटी को लेकर अब तक 45 हजार से अधिक प्रत्यावेदन ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से मिल चुके हैं। अधिकांश अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट का गोला न भरने के कारण परिणाम रिजेक्ट होने से संबंधित है। इसके अलावा बड़ी संख्या में उन अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन दिया है जो नॉर्मलाइजेशन लगने के बाद एक से भी कम अंक से फेल हो गया है। 26 अगस्त को परिणाम घोषित होने के बाद से अब तक चयन आयोग पर 10-12 हजार अभ्यर्थियों ने ऑफलाइन ज्ञापन दिया है। वहीं 30 से 35 हजार अभ्यर्थियों ने ई-मेल पर प्रत्यावेदन भेजा है।





UPTET 2026: आपत्तियों के लिए अब संशोधित ई-मेल पर भेजना होगा प्रत्यावेदन, 10 सितंबर अंतिम तिथि

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) के 26 अगस्त को घोषित परिणाम से संबंधित अभ्यर्थियों की आपत्तियों और अनुतोष के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। आयोग की 2 सितंबर की संशोधित विज्ञप्ति में प्रत्यावेदन के लिए ई-मेल आईडी में संशोधन कर upesscprayagraj@gmail.com जारी की गई है।

वहीं 3 सितंबर की विज्ञप्ति में आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम से संबंधित प्रत्यावेदन अब 10 सितंबर 2026 तक ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकेंगे। इसके बाद कार्यालय में इस संबंध में ऑफलाइन प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आयोग ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना प्रत्यावेदन उक्त ई-मेल आईडी पर उपलब्ध कराने को कहा है। UPTET-2026 का परिणाम 26 अगस्त को घोषित किया गया था। 



यूपीटीईटी परिणाम में मिले प्रत्यावेदन की जांच कराएगा चयन आयोग, पांच सदस्यीय समिति गठित, ईमेल पर मांगा गए प्रत्यावेदन, देखें जारी अधिकृत विज्ञप्ति 

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 के परिणाम पर अभ्यर्थी लगातार सवाल उठा रहे थे। अभ्यर्थी आयोग में पहुंचकर प्रत्यावेदन भी दे रहे थे। अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने मंगलवार को पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है।

 upessc.prayagraj@gmail.com पर अभ्यर्थी प्रत्यावेदन दे सकते हैं। अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार की ओर से बताया गया कि यूपीटीईटी-2026 की लिखित परीक्षा का परिणाम 26 अगस्त को घोषित किया गया था। आयोग ने प्राप्त प्रत्यावेदनों के त्वरित समाधान के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति प्राप्त प्रत्यावेदनों के सभी पहलुओं का परीक्षण कर आख्या आयोग के समक्ष शीघ्र उपलब्ध कराएगी। प्राप्त आख्या के आधार पर अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदनों का निस्तारण किया जाएगा। 

पत्राचार के इच्छुक अभ्यर्थी प्रत्यावेदन upessc.prayagraj@gmail.com के माध्यम से उपलब्ध करा सकता है। दरअसल, टीईटी में शामिल अभ्यर्थी सोमवार और मंगलवार को चयन आयोग के बाहर पहुंचकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। धरने की अगुवाई करने वाले पंकज पांडेय व रजत सिंह का कहना है कि हम लोग रिजेक्टेड ओएमआर की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। 



UPTET रिजेक्ट लिस्ट में शामिल तकरीबन 60 हजार अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ी, आयोग पर उमड़ा हुजूम, दशमलव से फेल अभ्यर्थियों ने भी पास करने की रखी मांग

प्रयागराज। यूपीटीईटी 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद रिजेक्ट लिस्ट में शामिल तकरीबन 60 हजार अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ गई है। रिजेक्ट लिस्ट में शामिल पूरे प्रदेश से सैकडों अभ्यर्थियों का हुजूम सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर उमड पड़ा। इनमें तमाम शिक्षक है जिनकी नौकरी दांव पर लगी हुई है जबकि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में आगामी नई शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थियों के परिणाम भी रिजेक्ट हुए है। 

चयन आयोग ने रोल नंबर, बुकलेट सख्या या दूसरी सूचनाओं से सबंचित गोला ओएमआर शीट पर सही तरीके से नहीं भरने के कारण परिणाम रिजेक्ट कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है वित्र गोला भरने में हुई मामूली गलतियों को नजरअंदाज करते हुए उनकी ओरमआर शीट का मैन्युअल मूल्याकन कराया जाए।

प्रयागराज। यूपीटीईटी में दशमलव से फेल अभ्यर्थियों ने पास करने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा। संगठन का कहना है कि टीईटी के परिणाम में कई ऐसे अभ्यर्थी सामने आए है. जिनके 89.50 से 89.99 एक और 81.5 से 81.99 तक अंक प्राप्त हुए है। अनारक्षित और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पास होने के लिए क्रमशः 90 और 82 अंक मिलने चाहिए। 

दशमलव में अंक कम होने के कारण इन्हें अनर्ह (नॉट क्वालीफाइड) घोषित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश प्रायनिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने शिक्षा सेवा चयन आयोग एलनगंज पहुंचकर सचिव मनोज कुमार से मुलाकात की और टीईटी परिणाम की त्रुटियों के शीघ्र निस्तारण का अनुरोध किया। सचिव ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही आयोग की बैठक में अध्यक्ष के समक्ष सभी मांगों को रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।



यूपीटीईटी : ओएमआर की कमियों से 60 हजार अभ्यर्थियों का परिणाम प्रभावित, शिक्षक संगठन व जनप्रतिनिधियों ने की राहत देने की मांग

लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में ओएमआर शीट भरने में हुई त्रुटियों के कारण लगभग 60 हजार अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है। इसमें 20 हजार सेवारत शिक्षक व शिक्षामित्र भी हैं। शिक्षक संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने ओएमआर शीट में सुधार का अवसर देकर रिजल्ट घोषित करने व पूर्णांक में अंक दिए जाने की मांग उठाई है।

टीईटी परिणाम में काफी अभ्यर्थियों की कापियां इसलिए नहीं जांची गईं क्योंकि ओएमआर शीट पर जानकारी भरने में उन्होंने त्रुटियां की। उन्होंने ओएमआर शीट में अनुक्रमांक, सेंटर कोड, विषय कोड व बुकलेट नंबर गलत भर दिया। जिसके कारण परिणाम ही निरस्त हो गया है। अब यह अभ्यर्थी इसे मानवीय चूक मानते हुए सुधार का अवसर देने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि उत्तर कुंजी से प्रश्नपत्र का मिलान करने पर वह पास हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि अगर सुधार का अवसर दिया जाए तो वह पास हो सकते हैं। 

खासकर 20 हजार शिक्षक व शिक्षामित्र जिनकी आयु 50 से 55 वर्ष तक है। शिक्षकों को तो नौकरी बचाने के लिए इसे पास करना जरूरी है। कई ऐसे शिक्षक भी हैं जो सामान्य वर्ग में 89.35 व 89.50 व अधिक अंक पाए हैं। 90 अंक सामान्य श्रेणी में उत्तीर्ण माना गया है। ऐसे ही ओबीसी श्रेणी में भी 81.35 व 81.50 व उससे अधिक अंक अभ्यर्थी पाए हैं। 82 अंक ओबीसी श्रेणी में उत्तीर्ण माना गया है।

सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अंक को पूर्णांक में देने की मांग की है जिससे मामूली प्वाइंट में अंक कम होने से फेल अभ्यर्थी पास हो सकें। 

कुछ लोगों के इससे संबंधित प्रतिवेदन मिले हैं। इस बारे में निर्णय आयोग की बैठक में लिया जाएगा। -डॉ. प्रशांत कुमार, अध्यक्ष, उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग







NIOS डीएलएड वालों के यूपीटीईटी का परिणाम रुका,  18 माह के डीएलएड प्रशिक्षण को लेकर विवाद, कोर्ट के आदेश पर परीक्षा में हुए थे शामिल

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटीईटी का परिणाम तो बुधवार को घोषित कर दिया है लेकिन एनआईओएस से मुक्त और दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) के माध्यम से 18 महीने का डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम रोक लिया है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दायर याचिका में 24 अप्रैल को कोर्ट ने इन अभ्यर्थियों को सशर्त यूपीटीईटी में शामिल करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ चयन आयोग की ओर से दायर विशेष अपील पर एक जुलाई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने केवल उन अभ्यर्थियों को परीक्षा में औपबंधिक रूप से शामिल होने की अनुमति दी थी जो 31 मार्च 2015 अथवा उससे पूर्व सेवा में थे।

हालांकि हाईकोर्ट ने साफ किया था कि यह अनुमति लंबित वाद के अंतिम निर्णय के अधीन होगी और ऐसे अभ्यर्थियों का परिणाम विशेष अपील के अंतिम निस्तारण अथवा हाईकोर्ट के आगामी आदेश तक घोषित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जो अभ्यर्थी 31 मार्च 2015 से पूर्व सेवा में नहीं थे उन्हें हाईकोर्ट ने बुधवार के अपने अन्तरिम आदेश में परीक्षा में सम्मिलित होने के पात्र नहीं माना था।

यही कारण है कि चयन आयोग ने एनआईओएस से डीएलएड करने वाले हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल तो होने दिया लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया है।



अभ्यर्थियों का स्कोर हुआ वायरल, यूपीटीईटी के नॉर्मलाइज्ड स्कोर ने सभी को चौंकाया

प्रयागराज। यूपीटीईटी के नार्मलाइज्ड स्कोर ने सभी को चौंका दिया है। अभ्यर्थियों की संख्या 19,94,661 होने के कारण चयन आयोग ने यूपीटीईटी दो से चार जुलाई तक तीन दिनों में पांच पालियों (तीन पाली उच्च प्राथमिक स्तर एवं दो पाली प्राथमिक स्तर) में कराई थी। इसके चलते आयोग को नॉर्मलाइजेशन (अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन) करते हुए परिणाम तैयार करना पड़ा है। 

इसका नतीजा यह हुआ कि कई अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर पूर्णांक 150 से भी अधिक हो गए। हालांकि यह स्वाभाविक है लेकिन इसके बावजूद परिणाम घोषित होने के बाद से ही व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, एक्स समेत दूसरे सोशल मीडिया सोशल प्लेटफार्म ऐसे अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर वायरल होने लगे। 

उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी विशाल राठौर को 150 में से 151.08310 जबकि एक अन्य अभ्यर्थी को 156.786 नॉर्मलाइज्ड स्कोर मिला है। चयन आयोग के उपसचिव और पीआरओ डॉ. संजय सिंह का कहना है कि अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित यूपीटीईटी के प्रश्नपत्रों की कठिनाई के आधार पर स्कोर को नॉर्मलाइज किया गया है यही कारण है कि कुछ अभ्यर्थियों का नॉर्मलाइज्ड स्कोर अधिकतम अंकों से ऊपर गया है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है और जिन दूसरी परीक्षाओं में नॉर्मलाइनजेशन होता है उनमें नॉर्मलाइज्ड स्कोर अधिक आते हैं।


60 हजार के यूपीटीईटी परिणाम अस्वीकृत, अभ्यर्थियों में आक्रोश

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 में लगभग 60 हजार अभ्यर्थियों के परिणाम रिजेक्ट (अस्वीकृत) हो गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी परिणाम में परिणाम अस्वीकृत होने का कारण अमान्य रोल नंबर, प्रश्नपत्र बुकलेट संख्या डालने समेत दूसरे कारण बताए गए हैं। 

इसे लेकर अभ्यर्थियों में काफी आक्रोश है। दर्जनों अभ्यर्थियों ने गुरुवार को चयन आयोग पर प्रदर्शन भी किया और हजारों कि संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन भी दिया है। अभ्यर्थियों ने परिणाम जारी होने के पहले भी प्रत्यावेदन दिया था लेकिन आयोग ने किसी भी अभ्यर्थी के प्रत्यावेदन/शिकायत पर विचार नहीं किया। परिणाम जारी कर दिया।

 छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय कुमार यादव का कहना है कि मानवीय गलती पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ओएमआर की मैनुअली जांच कराकर सभी अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया जाए जिससे आने वाली शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों को मौका मिले।


उम्र 50 हो या 55... योग्यता के पैमाने पर खरे उतरे शिक्षक, परीक्षा में शामिल न हो पाने वाले शिक्षकों को अब विशेष टीईटी का इंतजार

28 अगस्त 2026
प्रयागराज। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य था। प्रदेश में 1.46 लाख से अधिक ऐसे शिक्षक थे जिन्हें यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी। इनमें से करीब 76 फीसदी से अधिक शिक्षक योग्यता के पैमाने पर खरे उतरे हैं। इनमें 50 और 55 की उम्र के शिक्षक भी शामिल हैं। किसी कारण से परीक्षा में शामिल न हो पाने वाले और अनुत्तीर्ण शिक्षकों को विशेष टीईटी का अब इंतजार है।

वहीं, आयोग ने दावा किया है कि उनकी तैयारियां पूरी हैं। शासन से अनुमति मिलते ही विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। वर्ष 2026 में पहली बार शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीईटी परीक्षा कराई। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 713646 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें 571435 यानी 80.07 फीसदी उत्तीर्ण हुए। उच्च प्राथमिक स्तर में 1057021 में से 759513 यानी 71.85 फीसदी अभ्यर्थी पास हुए। 

हजारों अभ्यर्थियों के परिणाम खारिज

करीब एक हजार अभ्यर्थियों के परिणाम मामूली गलतियों के कारण खारिज दिख रहे हैं। इनमें सैकड़ों की संख्या में शिक्षक भी शामिल हैं। देवरिया के एक शिक्षक ने बताया कि उनका परिणाम भी खारिज दिख रहा है। शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि गोला भरने या अन्य गलतियों के कारण परिणाम खारिज हुए हैं।



यूपीटीईटी : प्राथमिक में 80% और उच्च प्राथमिक में 71% अभ्यर्थी पास, प्राथमिक के 93,387 और उच्च प्राथमिक के 1,13,384 शिक्षक भी उत्तीर्ण

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2026 का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 80.07 और उच्च प्राथमिक में 71.85 फीसदी अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं।

प्राथमिक स्तर के 7,13,648 अभ्यर्थियों में से 5,71,435 और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में शामिल 10,57,021 अभ्यर्थियों में से 7,59,513 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। यूपी टीईटी की लिखित परीक्षा दो, तीन और चार जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में कुल 955 परीक्षा केंद्रों पर पांच पालियों में आयोजित की गई थी।

परीक्षा अलग-अलग पालियों में आयोजित होने के कारण परिणाम तुलनात्मक मूल्यांकन के तहत तैयार किया गया है। परीक्षा में शामिल कार्यरत शिक्षकों में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सफल हुए हैं। प्राथमिक स्तर पर परीक्षा में शामिल 1,22,405 कार्यरत शिक्षकों में से 93,387 यानी 76.29 प्रतिशत सफल घोषित किए गए हैं।

इसी तरह उच्च प्राथमिक स्तर पर शामिल 1,46,394 कार्यरत शिक्षकों में से 1,13,384 यानी 77.45 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल रहे। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर देख सकते हैं।


चार साल बाद हुई UPTET के नतीजे ने तोड़े सफलता के सारे रिकॉर्ड

27 अगस्त 2026
प्रयागराज। चार साल के अंतराल के बाद आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2011 में पहली बार आयोजित टीईटी के बाद अब तक तीन संस्थाएं टीईटी करा चुकी हैं। 13 नवंबर 2011 को पहली बार यूपी बोर्ड ने परीक्षा कराई थी। उसके बाद से 2022 तक परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने परीक्षा कराई और 2026 की परीक्षा पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कराई है। चयन आयोग की ओर से बुधवार को घोषित परिणाम ने अभ्यर्थियों की बल्ले-बल्ले कर दी।


खासतौर से कार्यरत शिक्षकों में खुशी की लहर है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरटीई लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी पास करना अनिवार्य था। दावा किया जा रहा है कि यूपीटीईटी का परिणाम जारी होने बाद कई घरों में अनूठा माहौल देखने को मिला। 




UPTET ओएमआर शीट की स्कैनिंग का कार्य पूरा लेकिन जुलाई में परिणाम मुश्किल

29 जुलाई 2026
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 के ओएमआर शीट की स्कैनिंग का कार्य उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पूर्ण करा लिया है। इस परीक्षा में करीब 18 लाख अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत वह शिक्षक भी शामिल हैं, जो बिना टीईटी के नियुक्त हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। परीक्षार्थियों की अधिक संख्या होने के कारण अभी मूल्यांकन कार्य में समय लगेगा। ऐसे में जुलाई में परिणाम घोषित किए जाने की उम्मीद कम है।

शिक्षा सेवा चयन आयोग ने दो, तीन व चार जुलाई को परीक्षा कराई थी। इसके आयोजन के लिए प्रदेश भर में 955 केंद्र बनाए गए थे। इन दिवसों में कुल पांच पालियों में परीक्षा कराई गई थी। दो जुलाई की दोनों तथा तीन जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के लिए टीईटी का आयोजन किया गया था। इसके अलावा तीन जुलाई को दूसरी पाली और चार जुलाई को प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की टीईटी कराई गई थी। ओएमआर शीट की स्कैनिंग पूरी हो जाने के बाद अब मूल्यांकन कार्य शुरू किया जाएगा।



UPTET प्रश्न-उत्तर विवाद पर अब शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षा, अभ्यर्थियों का दावा-गलत हैं 15 उत्तर

प्रश्नों व उत्तर कुंजी के जवाबों को परामर्श के लिए विशेषज्ञों को पास भेजेगा आयोग

13 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पेपर में कुछ प्रश्नों व उत्तर कुंजी पर उठे सवाल के बाद उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग विशेषज्ञों की राय लेगा। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि वेबसाइट पर आने वाली सभी शिकायतों को विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा। प्रशांत कुमार ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद आयोग परीक्षार्थियों के हित में निर्णय लेगा। यदि 150 प्रश्नों में 130 ही सही पाए जाते हैं, तो 130 को ही 150 मानकर अंक दिए जाएंगे। गलत सवालों के सभी अभ्यर्थियों को पूरे नंबर देने पर भी विचार किया जा सकता है।

17 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हुए थे शामिल: टीईटी की परीक्षा में कुल 17,70,714 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। यह परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर दो, तीन और चार जुलाई को संपन्न हुई थी। दो जुलाई को 6,84,617 अभ्यर्थी, तीन जुलाई को 7,51,321 परीक्षार्थी और चार जुलाई को 3,34,775 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। ओएमआर शीट की स्कैनिंग का कार्य 20 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।

अभ्यर्थियों का दावा-गलत हैं 15 उत्तर
प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा का आरोप है कि दो जुलाई को हुई परीक्षा में बाल मनोविज्ञान में चार, हिंदी में तीन, संस्कृत में दो और सामाजिक अध्ययन में चार सवाल विवादित रहे हैं। उसी दिन द्वितीय पाली के 13 प्रश्न भी विवादित रहे हैं। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के अनुसार, आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी में टीईटी में संस्कृत, गणित, हिंदी और सामाजिक विषय के करीब 15 प्रश्नों के उत्तर गलत हैं।




जुलाई अंत तक यूपीटीईटी का परिणाम संभावित

12 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) में शामिल 17,70,714 अभ्यर्थियों का परिणाम जुलाई अंत तक घोषित करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग तेजी से मूल्यांकन कार्य करवा रहा है। 20 जुलाई तक ओएमआर शीट के मूल्यांकन का लक्ष्य रखा गया है। इसी दौरान प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के विभिन्न विषयों पर अभ्यर्थियों की ओर से मिली आपत्तियों का निस्तारण भी विषय विशेषज्ञों से करवा लिया जाएगा।

उसके बाद एक सप्ताह में परिणाम तैयार हो जाएगा। सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो जुलाई अंत तक परिणाम जारी हो सकता है।

दो जुलाई की दो पालियों एवं तीन जुलाई की पहली पाली में आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पंजीकृत 1211459 अभ्यर्थियों में से 10,57,055 (87.25%) ने प्रतिभाग किया। वहीं तीन जुलाई की दूसरी पाली एवं चार जुलाई की पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पंजीकृत 783202 अभ्यर्थियों में से 713659 अभ्यर्थियों (91.12%) ने परीक्षा दी। इस प्रकार परीक्षा में शामिल कुल 17,70,714 अभ्यर्थियों को परिणाम का इंतजार है।



यूपीटीईटी उत्तर कुंजी पर छात्रों ने उठाए सवाल, आयोग ने आपत्तियां मांगीं, 14 जुलाई की रात 12 बजे तक दर्ज होंगी ऑनलाइन आपत्तियां

08 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की उत्तर कुंजी पर छात्रों ने सवाल उठाए हैं।  छात्रों का आरोप है कि उत्तर कुंजी में कई खामियां हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को मास्टर सेट की अनंतिम उत्तर कुंजी पर कोई आपत्ति है तो वह 14 जुलाई की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। अगर प्रश्न गलत पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। 

केस एक : संस्कृत के प्रश्न पर आपत्ति
तीन जुलाई को प्राथमिक स्तर की दूसरी पाली में संस्कृत द्वितीय भाषा के एक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज की गई है। आयोग ने इसका उत्तर 'न' माना है जबकि सही उत्तर 'ष' होना चाहिए। संस्कृत व्याकरण के अनुसार, 'श, ष, स, ह' ऊष्म वर्ण हैं। इनके उच्चारण में मुख से गर्म वायु निकलती है।

केस दो : आपदा प्रबंधन प्रबंधन  के प्रश्न पर आपत्ति
तीन जुलाई को जूनियर स्तर की परीक्षा में प्रश्न संख्या 146 पर भी आपत्ति है। आयोग ने विकल्प (ए) को सही उत्तर माना है। हालांकि, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2 (डी) और यूएनडीआरआर की परिभाषा के अनुसार, आपदा एक गंभीर व्यवधान है। इससे व्यापक जन-धन और पर्यावरणीय हानि होती है और इससे निपटने की क्षमता प्रभावित समुदाय के संसाधनों से बाहर होती है। यह परिभाषा विकल्प (सी) से मेल खाती है। विकल्प (ए) आपातकालीन स्थिति का वर्णन करता है, जिसे स्थानीय संसाधनों से नियंत्रित किया जा सकता है।

केस तीन :  हिंदी के तत्सम-तद्भव युग्म पर आपत्ति
तीन जुलाई को जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्नपत्र में तत्सम तद्भव का सही युग्म पूछा गया था। आयोग ने 'माता-मां' को सही माना है। मानक हिंदी व्याकरण के अनुसार, 'अग्नि-आग' और 'अक्षि-आंख' दोनों ही प्रमाणित युग्म हैं। डॉ. हरदेव बाहरी, डॉ. धीरेंद्र वर्मा और डॉ. भोलानाथ तिवारी के हिंदी शब्दकोशों में भी ये दोनों युग्म मान्य हैं। छात्रों ने अनुरोध किया है कि विकल्प (सी) और (डी) दोनों को सही माना जाए या प्रश्न को निरस्त किया जाए।

केस चार : मुहावरे के अर्थ पर आपत्ति
तीन जुलाई को जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्न पत्र में 'एक आंख से देखना' मुहावरे का अर्थ पूछा गया था। आयोग ने इसका विकल्प 'अंधाधुंध करना' दिया है, जो गलत है। प्रश्न संख्या-53 के संबंध में, मुहावरे का मानक अर्थ 'सभी के साथ समान व्यवहार करना/पक्षपात न करना' होता है। यह अर्थ राजपाल हिंदी मुहावरा और लोकोक्ति कोश और हरदेव बाहरी कृत बृहत हिंदी मुहावरा कोश में भी स्वीकृत है। अतः इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (सी) 'समान व्यवहार करना' होना चाहिए।




UPTET परीक्षा की ऑफिशियल उत्तर कुंजी जारी, अभ्यर्थी 14 जुलाई तक कर सकेंगे आपत्ति, 
परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की गई थी


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 की अनंतिम उत्तरकुंजी बुधवार को वेबसाइट https://upessc.up.gov.in पर प्रकाशित कर दी है।

यह परीक्षा दो, तीन व चार जुलाई को कराई गई थी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार सभी अभ्यर्थी वेबसाइट पर प्रदर्शित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक व जन्मतिथि अंकित कर लॉगिन करने के उपरांत मास्टर सेट की अनंतिम उत्तरकुंजी से मिलान कर सकते हैं।

यदि किसी अभ्यर्थी को अनंतिम उत्तरकुंजी पर कोई आपत्ति हो तो वह 14 जुलाई की रात्रि 12 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऑनलाइन लिंक के अतिरिक्त अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त आपत्तियों पर आयोग विचार नहीं करेगा।


यूपी टीईटी का परिणाम अब डिजिलॉकर में, रिजल्ट और OMR को लेकर अब तक 45 हजार से अधिक प्रत्यावेदन Reviewed by sankalp gupta on 6:51 AM Rating: 5

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