राष्ट्रपति ने अनोखे और रोचक कार्य करने वाले 82 शिक्षकों को राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित
राष्ट्रपति ने अनोखे और रोचक कार्य करने वाले 82 शिक्षकों को राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित
06 सितंबर 2026
नई दिल्ली । शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को देश के 82 शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े लोगों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इन शिक्षकों ने पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने के लिए कई अनोखे प्रयोग किए हैं। इनमें कुछ शिक्षकों ने कम खर्च में मोबाइल साइंस लैब बनाई, तो कुछ ने पुरानी और बेकार सामग्री से साइंस पार्क तैयार किया। कई शिक्षकों ने बच्चों में पढ़ने की आदत बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए।
गाजियाबाद के सरकारी बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका रेनू त्रिपाठी ने 60 गांवों में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का काम किया। राजस्थान के झालावाड़ स्थित महात्मा गांधी सरकारी स्कूल के शिक्षक दिव्येंदु सेन को 'ट्री टॉक' के लिए सम्मान मिला। इसमें पेड़ों के बारे में जानकारी देने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने वर्चुअल बायोलॉजी लैब और एआई की मदद से पढ़ाई जैसे प्रयोग भी किए।
महाराष्ट्र के नासिक की कुंदा जयवंत बाचव ने गरीब परिवारों की बेटियों की पढ़ाई में मदद की। उन्होंने 150 से ज्यादा लड़कियों को आर्थिक और शैक्षणिक सहायता दिलाई। उनके प्रयासों से कई लड़कियों को कम उम्र में शादी से बचाने व आगे की पढ़ाई करने में मदद मिली।
82 शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े लोगों को पुरस्कार मिला। इनमें 48 स्कूल शिक्षक, 21 उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलीटेक्निक के शिक्षक और 13 अन्य शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों की ऐसी पीढ़ियां तैयार करें, जिनमें वैज्ञानिक सोच विकसित हो और जो राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़े। शिक्षक दिवस के अवसर पर लिखे एक लेख में उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छे इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन देना शिक्षकों का पवित्र कर्तव्य है।
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नई दिल्ली / लखनऊ। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' (National Teachers Awards 2026) के लिए चयनित देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार कड़े मूल्यांकन और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद पूरे देश से कुल 48 उत्कृष्ट शिक्षकों को इस सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना गया है।
इस राष्ट्रीय गौरव सूची में उत्तर प्रदेश के 3 कर्मठ शिक्षकों ने अपनी जगह बनाकर राज्य का नाम रोशन किया है। इन सभी सम्मानित शिक्षकों को आगामी 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह के दौरान महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के विजेता शिक्षक और उनके विद्यालय
जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश से निम्नलिखित 3 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए चुना गया है:
1. डॉ. रेनू त्रिपाठी (क्रम संख्या 43)
विद्यालय: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC), विजय नगर, गाजियाबाद (वार्ड नंबर 14, म्युनिसिपल एरिया।
योगदान: बालिकाओं की शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्कूल प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य।
2. डॉ. इफ्तिखार खान (क्रम संख्या 44)
विद्यालय: राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) बलिया, जगदीशपुर, बलिया।
योगदान: माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों के समग्र विकास के लिए नवीन प्रयोग।
3. सुश्री शालिनी कुशवाहा (क्रम संख्या 45)
विद्यालय: कंपोजिट स्कूल, रसूलाबाद, कोइलाहा।
योगदान: बुनियादी शिक्षा (प्राथमिक स्तर) में नवाचार, टीएलएम (TLM) का प्रभावी उपयोग और छात्र नामांकन में वृद्धि।
राष्ट्रपति ने अनोखे और रोचक कार्य करने वाले 82 शिक्षकों को राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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8:09 AM
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