कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत् बालिकाओं की न्यून उपस्थिति के सम्बन्ध में।
कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं की कम उपस्थिति पर अधिकारियों से जवाब तलब, 27 जिलों में छात्राओं की 60 प्रतिशत से भी कम उपस्थिति
राज्य परियोजना कार्यालय ने जताई नाराजगी, सुधार के निर्देश
लखनऊ। प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में काफी छात्राएं कक्षाएं बंक (जानबूझकर कक्षा में उपस्थित न होना) कर रही हैं। 27 जिलों के केजीबीवी में छात्राओं की 60 प्रतिशत से भी कम उपस्थिति है। मेरठ, आजमगढ़, सोनभद्र, बलिया व गाजियाबाद में इनकी हाजिरी 50 प्रतिशत से कम है। ऐसे जिलों के अधिकारियों व प्राचार्यों से जवाब-तलब किया गया है।
प्रदेश के 73 जिलों में 746 केजीबीवी का संचालन हो रहा है। यहां पर गरीब परिवार की बेटियों को निशुल्क आवासीय सुविधा दी जा रही है। पढ़ाई के साथ हॉस्टल में रहने व खाने की सुविधाएं दी जा रही हैं। कड़ी निगरानी तंत्र के बाद भी छात्राओं की कम उपस्थिति चिंताजनक है। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ सहारनपुर में छात्राओं की उपस्थिति 84 प्रतिशत है। अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने अगस्त का उपस्थिति डाटा जारी कर इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और सुधार के निर्देश दिए हैं। मेरठ व आजमगढ़ में सबसे कम 41 प्रतिशत ही छात्राओं की उपस्थिति मिली।
रायबरेली, बहराइच, इटावा, गाजीपुर, गोरखपुर, ललितपुर, बुलंदशहर, कुशीनगर, अंबेडकरनगर, फिरोजाबाद, उन्नाव, वाराणसी, बांदा, हापुड़, बरेली, महाराजगंज, हाथरस, मुरादाबाद, बलरामपुर और बदायूं में भी उपस्थिति बेहतर नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया है कि यहां विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाई जाए। ऐसा न होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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