बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षक भी दे सकेंगे स्पेशल टीईटी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन ने जारी की नई व्यवस्था

बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षक भी दे सकेंगे स्पेशल टीईटी,  सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन ने जारी की नई व्यवस्था

चार अक्तूबर तक जमा होगा शुल्क, तीन नवंबर को लिखित परीक्षा

लखनऊ। सरकारी और एडेड शिक्षकों के साथ ही अब निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक भी स्पेशल टीईटी में शामिल हो सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत शासन ने सरकारी व अनुदानित विद्यालयों के साथ अब निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को भी इसमें जोड़ दिया है। इससे निजी क्षेत्र के विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी अब सरकारी व्यवस्था के सहारे आसानी से परीक्षा में शामिल होकर अपनी योग्यता साबित कर सकेंगे।

जिले के 2,618 सरकारी, 26 एडेड और 1,012 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही 30 विशेष शिक्षकों को भी तीन नवंबर को आयोजित होने वाली स्पेशल टीईटी में शामिल होने का मौका मिल सकेगा।

जिन शिक्षकों ने पहले से ही टीईटी या सीटीईटी पास कर रखा है, उन्हें यह परीक्षा दोबारा नहीं देनी होगी। सरकार ने बिना टीईटी पास शिक्षकों को नौकरी में बने रहने के लिए टीईटी की अनिवार्यता की नई व्यवस्था की है। ऐसे में कई दशक पहले पढ़ाई छोड़ चुके शिक्षकों के सामने परीक्षा पास करना चुनौती था।

इसी कारण शिक्षक संगठन लंबे समय से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग कर रहे थे। काफी संख्या में शिक्षक अभी तक टीईटी पास नहीं कर सके है। ऐसे शिक्षकों को मदद पहुंचाने के लिए ही सरकार ने अब स्पेशल टीईटी कराने का निर्णय लिया है। 

पंजीकरण शुरू, दो माह बाद परीक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित इस विशेष परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पांच सितंबर से शुरू हो चुका है। अभ्यर्थी चार अक्तूबर तक परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। इसके बाद फॉर्म में संशोधन की अंतिम तिथि आठ अक्तूबर तय की गई है। पूरी प्रक्रिया के बाद तीन नवंबर को लिखित परीक्षा कराई जाएगी। शासन ने इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिले के सभी स्कूलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, गनेशपुर के प्राचार्य अमित कुमार यादव ने बताया कि परिषदीय और एडेड स्कूल के साथ विशेष शिक्षक और मान्यता प्राप्त बेसिक के निजी स्कूल के शिक्षक भी स्पेशल टीईटी में शामिल हो सकेंगे। इसका सीधा फायदा निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी मिलेगा। स्पेशल टीईटी का आदेश शासन स्तर से जारी हो चुका है।



टीईटी-सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को विभागीय टीईटी देना अनिवार्य नहीं,  बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष टीईटी को लेकर जारी किया निर्देश

09 सितंबर 2026
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने कहा है कि जो शिक्षक पूर्व में टीईटी या सीटेट उत्तीर्ण कर चुके हैं, उनके लिए विशेष टीईटी दोबारा उत्तीर्ण करना आवश्यक अथवा अनिवार्य नहीं है। वहीं, जिन शिक्षकों ने पहले टीईटी या सीटेट उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें निर्धारित विज्ञापन के अनुसार पंजीकरण कर आवेदन करने और परीक्षा में शामिल होना होगा।

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को संबंधित शिक्षकों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र शिक्षक निर्धारित समयसीमा में पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकें। शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेष टीईटी का विज्ञापन जारी किया है। परीक्षा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों के लिए होगी।

प्राथमिक स्तर पर बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, स्थानीय निकाय, राज्य सरकार/परिषद से मान्यता या संबद्धता प्राप्त विद्यालयों, सहायता प्राप्त विद्यालयों तथा कक्षा 1 से 5 के विशेष एजुकेटर पात्र होंगे। उच्च प्राथमिक स्तर पर इन्हीं श्रेणियों के कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षक पात्र होंगे। विशेष टीईटी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण ओटीआर व आवेदन पांच सितंबर से शुरू हैं। 





रिजल्ट बदलने के डर से टीईटी पास शिक्षक भी विशेष टीईटी में कर रहे आवेदन

अब तक करीब 55 हजार टीचर फार्म भर चुके

8 सितंबर 2026
लखनऊ। यूपी में परिषदीय स्कूलों के वह शिक्षक जो अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर चुके हैं, वह रिजल्ट में बदलाव की आशंका को देखते हुए विशेष टीईटी के भी फॉर्म भर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2028 तक शिक्षकों को टीईटी पास करने की मोहलत दी थी। ऐसे में सिर्फ दो साल ही बचे हैं और शिक्षक कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।

 परिषदीय स्कूलों के 1.42 लाख शिक्षकों को टीईटी पास करना जरूरी था। पिछले दिनों टीईटी का परिणाम जारी हुआ तो इसमें से 86 हजार शिक्षकों ने टीईटी पास कर लिया। अब 56818 शिक्षकों को पास करना बाकी है, मगर जिन शिक्षकों ने अभी हाल ही में टीईटी पास की है, वह भी शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी में बैठने को आवेदन कर रहे हैं। टीईटी का परिणाम जारी होने के बाद रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों ने अपना प्रत्यावेदन देना शुरू किया है। 

अभी तक 55 हजार अभ्यर्थी प्रत्यावेदन दे चुके हैं और 10 सितंबर अंतिम तारीख है। वहीं विशेष टीईटी में शामिल होने के लिए शिक्षकों से आवेदन भी 10 सितंबर तक मांगे गए हैं। ऐसे में सिर्फ सेवारत के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी में 86 हजार पास शिक्षक भी फार्म भर रहे हैं।

पूर्व में टीईटी/ सीटीईटी कर चुके शिक्षकों के लिए अनिवार्य नहीं टीईटी, देखें जारी निर्देश 


विशेष टीईटी 150 अंकों की,  ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं

विशेष विभागीय टीईटी परीक्षा तीन नवंबर को होगी, आवेदन शुरू, इस लिंक से करें आवेदन

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को स्पेशल टीईटी के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। परीक्षा तीन नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसमें प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षक शामिल होंगे।

आयोग की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण (ओटीआर) एवं आवेदन प्रारंभ होने की तिथि पांच सितंबर तय की गई है। ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि चार अक्तूबर निर्धारित की गई है, जबकि ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि आठ अक्तूबर, 2026 होगी। 

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि इसमें वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के लिए अनिवार्य किया था।  दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर, 2025 को आदेश दिया था कि 31 अगस्त, 2028 तक सभी कार्यरत शिक्षकों को टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। वहीं, पांच वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को बिना टीईटी के सेवा जारी रखने की अनुमति दी गई।

 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों तथा विशेष शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित किए जाने के संबंध में दो सितंबर को निर्देश जारी किए गए। इसके बाद बृहस्पतिवार को आयोग की ओर से विज्ञापन भी जारी कर दिया गया। 

86 हजार शिक्षक उत्तीर्ण कर चुके पात्रता परीक्षा

बेसिक शिक्षा विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यूपी में 1,42,818 शिक्षक प्रभावित हुए हैं। इनमें प्राथमिक स्तर के 64,062, उच्च प्राथमिक स्तर के 76,256 और 2,500 विशेष शिक्षक शामिल हैं।

हाल ही में शिक्षा सेवा चयन आयोग की टीईटी में करीब 86 हजार कार्यरत शिक्षक उत्तीर्ण हो चुके हैं। ऐसे में अब लगभग 56,818 शिक्षकों को विशेष टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी।




Special TET 2026 का विज्ञापन जारी, 5 सितंबर से आवेदन शुरू, परीक्षा 3 नवंबर को 

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों तथा विशेष शिक्षकों (CWSN) के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) 2026 का विज्ञापन जारी कर दिया है।

आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार, परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को पहले One Time Registration (OTR) पूरा करना होगा। इसके बाद 5 सितंबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर 2026 तथा आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

आयोग ने बताया कि Special TET का आयोजन 3 नवंबर 2026 को किया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।



शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की कार्ययोजना को स्वीकृति, विशेष टीईटी 150 प्रश्नों की होगी, जिसके लिए 150 अंक होंगे

लखनऊः सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष एक सितंबर को सभी शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया था। पुनर्विचार याचिका में 29 मई के आदेश के अनुसार कार्यरत प्रदेश सरकार ने विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने की कार्ययोजना स्वीकृत कर दी है। 

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पहली बार इस विशेष परीक्षा के जरिये टीईटी की अनिवार्यता पूरी करने का अवसर मिलेगा। करीब 1.40 लाख से अधिक शिक्षक इसके दायरे में आएंगे। इनमें 2,500 विशेष शिक्षक भी परीक्षा में शामिल होंगे। कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। 

अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राथमिकता के आधार पर विज्ञापन जारी कर परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके दायरे में बेसिक शिक्षा परिषद, स्थानीय निकाय और राज्य सरकार से मान्यताप्राप्त व सहायताप्राप्त विद्यालयों के शिक्षक आएंगे। विशेष टीईटी 150 प्रश्नों की होगी, जिसके लिए 150 अंक होंगे।

शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के सात मार्च 2025 के आदेश के अनुपालन में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के करीब 2,500 विशेष शिक्षक भी परीक्षा में शामिल होंगे। प्राथमिक शिक्षक कक्षा एक से पांच और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक परीक्षा दे सकेंगे। विशेष शिक्षकों के लिए प्राथमिक स्तर पर स्नातक के साथ भारतीय पुनर्वास परिषद मान्यता प्राप्त डीएड विशेष शिक्षा और आरसीआइ पंजीकरण जरूरी होगा। 

उच्च प्राथमिक के लिए बीएड विशेष शिक्षा या समकक्ष योग्यता अनिवार्य होगी। परीक्षा के लिए संविदा/डेली वेजेस विशेष शिक्षकों की अधिकतम आयु परीक्षा की तारीख तक 60 वर्ष अनुमन्य है। 

परीक्षा में पूछे जाएंगे 150 सवाल, नहीं होगी निगेटिव मार्किंग

कार्यरत शिक्षकों के लिए होने वाला विशेष टीईटी 150 मिनट का होगा। सभी 150 प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और प्रत्येक एक अंक का होगा। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। प्रश्नपत्र हिंदी व अंग्रेजी में होंगे, जबकि भाषा विषयों में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। प्राथमिक स्तर पर बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी, दूसरी भाषा (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन से 30-30 प्रश्न होंगे। उच्च प्राथमिक स्तर पर बाल विकास, हिंदी और दूसरी भाषा से 30-30 प्रश्न व गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/विज्ञान से 60 प्रश्न होंगे।



बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षक (CWSN) हेतु विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने हेतु कार्ययोजना के संबंध में







बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षक भी दे सकेंगे स्पेशल टीईटी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन ने जारी की नई व्यवस्था Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:51 AM Rating: 5

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