UPTET प्रश्न-उत्तर विवाद पर अब शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षा, अभ्यर्थियों का दावा-गलत हैं 15 उत्तर
UPTET प्रश्न-उत्तर विवाद पर अब शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षा, अभ्यर्थियों का दावा-गलत हैं 15 उत्तर
प्रश्नों व उत्तर कुंजी के जवाबों को परामर्श के लिए विशेषज्ञों को पास भेजेगा आयोग
13 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पेपर में कुछ प्रश्नों व उत्तर कुंजी पर उठे सवाल के बाद उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग विशेषज्ञों की राय लेगा। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि वेबसाइट पर आने वाली सभी शिकायतों को विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा। प्रशांत कुमार ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद आयोग परीक्षार्थियों के हित में निर्णय लेगा। यदि 150 प्रश्नों में 130 ही सही पाए जाते हैं, तो 130 को ही 150 मानकर अंक दिए जाएंगे। गलत सवालों के सभी अभ्यर्थियों को पूरे नंबर देने पर भी विचार किया जा सकता है।
17 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हुए थे शामिल: टीईटी की परीक्षा में कुल 17,70,714 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। यह परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर दो, तीन और चार जुलाई को संपन्न हुई थी। दो जुलाई को 6,84,617 अभ्यर्थी, तीन जुलाई को 7,51,321 परीक्षार्थी और चार जुलाई को 3,34,775 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। ओएमआर शीट की स्कैनिंग का कार्य 20 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों का दावा-गलत हैं 15 उत्तर
प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा का आरोप है कि दो जुलाई को हुई परीक्षा में बाल मनोविज्ञान में चार, हिंदी में तीन, संस्कृत में दो और सामाजिक अध्ययन में चार सवाल विवादित रहे हैं। उसी दिन द्वितीय पाली के 13 प्रश्न भी विवादित रहे हैं। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के अनुसार, आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी में टीईटी में संस्कृत, गणित, हिंदी और सामाजिक विषय के करीब 15 प्रश्नों के उत्तर गलत हैं।
जुलाई अंत तक यूपीटीईटी का परिणाम संभावित
12 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) में शामिल 17,70,714 अभ्यर्थियों का परिणाम जुलाई अंत तक घोषित करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग तेजी से मूल्यांकन कार्य करवा रहा है। 20 जुलाई तक ओएमआर शीट के मूल्यांकन का लक्ष्य रखा गया है। इसी दौरान प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के विभिन्न विषयों पर अभ्यर्थियों की ओर से मिली आपत्तियों का निस्तारण भी विषय विशेषज्ञों से करवा लिया जाएगा।
उसके बाद एक सप्ताह में परिणाम तैयार हो जाएगा। सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो जुलाई अंत तक परिणाम जारी हो सकता है।
दो जुलाई की दो पालियों एवं तीन जुलाई की पहली पाली में आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पंजीकृत 1211459 अभ्यर्थियों में से 10,57,055 (87.25%) ने प्रतिभाग किया। वहीं तीन जुलाई की दूसरी पाली एवं चार जुलाई की पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पंजीकृत 783202 अभ्यर्थियों में से 713659 अभ्यर्थियों (91.12%) ने परीक्षा दी। इस प्रकार परीक्षा में शामिल कुल 17,70,714 अभ्यर्थियों को परिणाम का इंतजार है।
यूपीटीईटी उत्तर कुंजी पर छात्रों ने उठाए सवाल, आयोग ने आपत्तियां मांगीं, 14 जुलाई की रात 12 बजे तक दर्ज होंगी ऑनलाइन आपत्तियां
08 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की उत्तर कुंजी पर छात्रों ने सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि उत्तर कुंजी में कई खामियां हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को मास्टर सेट की अनंतिम उत्तर कुंजी पर कोई आपत्ति है तो वह 14 जुलाई की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। अगर प्रश्न गलत पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।
केस एक : संस्कृत के प्रश्न पर आपत्ति
तीन जुलाई को प्राथमिक स्तर की दूसरी पाली में संस्कृत द्वितीय भाषा के एक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज की गई है। आयोग ने इसका उत्तर 'न' माना है जबकि सही उत्तर 'ष' होना चाहिए। संस्कृत व्याकरण के अनुसार, 'श, ष, स, ह' ऊष्म वर्ण हैं। इनके उच्चारण में मुख से गर्म वायु निकलती है।
केस दो : आपदा प्रबंधन प्रबंधन के प्रश्न पर आपत्ति
तीन जुलाई को जूनियर स्तर की परीक्षा में प्रश्न संख्या 146 पर भी आपत्ति है। आयोग ने विकल्प (ए) को सही उत्तर माना है। हालांकि, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2 (डी) और यूएनडीआरआर की परिभाषा के अनुसार, आपदा एक गंभीर व्यवधान है। इससे व्यापक जन-धन और पर्यावरणीय हानि होती है और इससे निपटने की क्षमता प्रभावित समुदाय के संसाधनों से बाहर होती है। यह परिभाषा विकल्प (सी) से मेल खाती है। विकल्प (ए) आपातकालीन स्थिति का वर्णन करता है, जिसे स्थानीय संसाधनों से नियंत्रित किया जा सकता है।
केस तीन : हिंदी के तत्सम-तद्भव युग्म पर आपत्ति
तीन जुलाई को जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्नपत्र में तत्सम तद्भव का सही युग्म पूछा गया था। आयोग ने 'माता-मां' को सही माना है। मानक हिंदी व्याकरण के अनुसार, 'अग्नि-आग' और 'अक्षि-आंख' दोनों ही प्रमाणित युग्म हैं। डॉ. हरदेव बाहरी, डॉ. धीरेंद्र वर्मा और डॉ. भोलानाथ तिवारी के हिंदी शब्दकोशों में भी ये दोनों युग्म मान्य हैं। छात्रों ने अनुरोध किया है कि विकल्प (सी) और (डी) दोनों को सही माना जाए या प्रश्न को निरस्त किया जाए।
केस चार : मुहावरे के अर्थ पर आपत्ति
तीन जुलाई को जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्न पत्र में 'एक आंख से देखना' मुहावरे का अर्थ पूछा गया था। आयोग ने इसका विकल्प 'अंधाधुंध करना' दिया है, जो गलत है। प्रश्न संख्या-53 के संबंध में, मुहावरे का मानक अर्थ 'सभी के साथ समान व्यवहार करना/पक्षपात न करना' होता है। यह अर्थ राजपाल हिंदी मुहावरा और लोकोक्ति कोश और हरदेव बाहरी कृत बृहत हिंदी मुहावरा कोश में भी स्वीकृत है। अतः इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (सी) 'समान व्यवहार करना' होना चाहिए।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 की अनंतिम उत्तरकुंजी बुधवार को वेबसाइट https://upessc.up.gov.in पर प्रकाशित कर दी है।
यह परीक्षा दो, तीन व चार जुलाई को कराई गई थी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार सभी अभ्यर्थी वेबसाइट पर प्रदर्शित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक व जन्मतिथि अंकित कर लॉगिन करने के उपरांत मास्टर सेट की अनंतिम उत्तरकुंजी से मिलान कर सकते हैं।
यदि किसी अभ्यर्थी को अनंतिम उत्तरकुंजी पर कोई आपत्ति हो तो वह 14 जुलाई की रात्रि 12 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऑनलाइन लिंक के अतिरिक्त अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त आपत्तियों पर आयोग विचार नहीं करेगा।
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Reviewed by sankalp gupta
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6:06 AM
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