नई किताबों के लिए परिषदीय विद्यालय के बच्चों को करना होगा इंतजार, एक अप्रैल से सत्र की शुरुआत पर किताब मिलना मुश्किल

नई किताबों के लिए परिषदीय विद्यालय के बच्चों को करना होगा इंतजार, एक अप्रैल से सत्र की शुरुआत पर किताब मिलना मुश्किल


1 अप्रैल से शुरू हो रहे नये शैक्षिक सत्र 2021-22 में प्रदेशभर के 1.59 लाख परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को नई किताबों के लिए कम से कम एक महीने इंतजार करना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने 17 मार्च तक टेंडर आमंत्रित किए हैं। टेंडर मिलने के बाद प्रकाशकों को पुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं की सप्लाई क्रमश: 90 और 120 दिन के अंदर जिलों को करनी है।


टेंडर खुलने के बाद वर्कऑर्डर मिलने में ही 10 से 15 दिन का समय लग जाता है। साफ है कि बच्चों को अप्रैल से पहले किताबें मिलना मुमकिन नहीं है। पिछले साल कोरोना के कारण तो काफी देर हो गई थी लेकिन 2019-20 सत्र में पहले दिन एक अप्रैल को ही सांकेतिक रूप से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें बांट दी गई थीं।


पौने दो करोड़ बच्चों को मिलेगी किताब
नये सत्र में पौने दो करोड़ बच्चों को किताबें बांटने का अनुमान है। कक्षा एक, दो व तीन के क्रमश: लगभग 23, 24 व 25 लाख बच्चे, कक्षा चार के 23 व पांच के 22 लाख, 6वीं व 7वीं के 19-19 और 8वीं के 19.5 लाख बच्चों को किताबें दी जाएंगी। कक्षा एक से तीन तक 29, 4 व 5 की 28, 6 की 29, 7 व 8 की 23-23 पुस्तकें वितरित की जाती हैं।
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