अकादमिक वर्ष 2026-27 में विद्या प्रवेश / स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम कक्षा-1 में संचालित करने के सम्बन्ध में आदेश और निर्देश जारी
कक्षा एक के बच्चों को मिलेगा स्कूल रेडीनेस प्रशिक्षण, नए सत्र में औपचारिक पढ़ाई से पहले 12 सप्ताह तक गतिविधि आधारित कक्षाओं से बच्चों को किया जाएगा तैयार
लखनऊ। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत एक अप्रैल से होगी। इस बार नए सत्र में जहां एक ओर अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन के लिए स्कूल चलो अभियान को तेज किया जाएगा, वहीं कक्षा एक में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए 12 सप्ताह का स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम भी संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशित बच्चों को पूर्व-प्राथमिक स्तर की भाषा, प्रारंभिक गणितीय समझ और पर्यावरण से जुड़े मूलभूत प्री-कॉन्सेप्ट से परिचित कराया जाएगा। गतिविधि आधारित इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में सीखने की प्रारंभिक क्षमता विकसित की जाएगी, ताकि वे नियमित पठन-पाठन के लिए सहज रूप से तैयार हो सकें।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी डायट प्राचार्यों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार 1 से 18 अप्रैल तक विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया के साथ बच्चों के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 20 अप्रैल से 20 मई तथा अगस्त के तीसरे सप्ताह ि तक गतिविधि आधारित कक्षाएं संचालित होंगी।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विद्यालयों को एक कैलेंडर और नि मैनुअल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे प्रधानाध्यापक डाउनलोड कर नोडल शिक्षक को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे। शिक्षकों को इसके वे लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया के जाएगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए चार लाख रुपये का बजट भी ज स्वीकृत किया गया है।
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