राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं निपुण भारत मिशन के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक शिक्षा के सुदृढीकरण एवं समृद्ध शैक्षिक वातावरण सृजन एवं 3-6 आयुवंर्ग के बच्चों को औपचारिक शिक्षा हेतु तैयार करने संबंधित फ्रेमवर्क जारी

प्री-प्राइमरी स्कूल कोर ग्रुप संवारेगा, छह सदस्यीय टीम व्यवस्था व शिक्षा में सुधार करेगी

स्कूलों में दाखिले बढ़ाने व 70% उपस्थिति पर भी देंगे जोर

लखनऊ। यूपी में प्री-प्राइमरी स्कूलों में अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) कोर ग्रुप व्यवस्था सुधारकर उन्हें चमकाएगा। जिलों में इन प्री-प्राइमरी स्कूलों में बेहतर संसाधनों के साथ तीन वर्ष से छह वर्ष की आयु तक के बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिले इसके लिए यह छह सदस्यीय टीम काम करेगी। प्रवेश बढ़ाने व 70 प्रतिशत उपस्थिति पर जोर दिया जाएगा। छात्रों का समग्र रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा और उन्हें निपुण बनाया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई कोर ग्रुप का गठन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें जिला समन्वयक निपुण या प्रशिक्षण, एक नोडल स्टेट रिसोर्स ग्रुप सदस्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य की ओर से नामित एक नोडल प्रवक्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से नामित एक अकादमिक रिसोर्सbपर्सन, एक शिक्षक संकुल सदस्य और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का एक बाल विकास परियोजना अधिकारी इस कोर ग्रुप में शामिल होंगे। 


परिषदीय स्कूलों के 200 मीटर के दायरे में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों जो गैर विभागीय भवन में चल रहे हैं उन्हें विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराएंगे। प्री-प्राइमरी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने पर जोर देंगे, यह प्री-प्राइमरी स्कूलों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। यह लोगों को प्री-प्राइमरी शिक्षा का महत्व बताने को जागरूकता अभियान चलाएंगे, शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण व क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला आयोजित कराएंगे।



प्री-प्राइमरी के बच्चों को भी मिलेगा समग्र रिपोर्ट कार्ड, बेसिक शिक्षा विभाग ने पूर्व प्राथमिक शिक्षा के लिए जारी किया फ्रेमवर्क

बच्चों का प्रवेश बढ़ाने व 70% उपस्थिति पर होगा जोर

लखनऊ। प्रदेश में तीन से छह वर्ष के बच्चों को बालवाटिका (प्री-प्राइमरी स्कूल) में प्रवेश दिलाकर कक्षा एक के लिए तैयार किया जा रहा है। अब बेसिक शिक्षा विभाग प्री-प्राइमरी के बच्चों का भी समग्र रिपोर्ट कार्ड जारी करेगा। इसमें पढ़ाई के साथ बच्चों के स्वास्थ्य और अन्य विकास संबंधी जानकारी दर्ज होगी। विभाग ने पूर्व प्राथमिक शिक्षा के लिए शुक्रवार को फ्रेमवर्क जारी किया है।

अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) की कोर ग्रुप व्यवस्था के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाएगा। सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई कोर ग्रुप गठित होगा। इसमें जिला समन्वयक निपुण या प्रशिक्षण, नोडल स्टेट रिसोर्स ग्रुप सदस्य, डायट प्राचार्य द्वारा नामित नोडल प्रवक्ता, बीएसए द्वारा नामित - अकादमिक रिसोर्स पर्सन, शिक्षक संकुल सदस्य और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल होंगे।

अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने समूह को प्री-प्राइमरी में नामांकन बढ़ाने और 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परिषदीय विद्यालयों के 200 मीटर के दायरे में गैर-विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराया जाएगा। कोर ग्रुप आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, जागरूकता अभियान चलाने तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्द्धन की कार्यशालाएं आयोजित कराने में सहयोग करेगा। बेसिक शिक्षा और बाल विकास विभाग के बीच समन्वय से समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। खेल-आधारित और बाल-केंद्रित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने के साथ निपुण भारत मिशन के तहत भाषा व गणित में दक्षता पर जोर होगा। स्कूलों में चार लर्निंग कॉर्नर भी स्थापित किए जा रहे हैं।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं निपुण भारत मिशन के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक शिक्षा के सुदृढीकरण एवं समृद्ध शैक्षिक वातावरण सृजन एवं 3-6 आयुवंर्ग के बच्चों को औपचारिक शिक्षा हेतु तैयार करने संबंधित फ्रेमवर्क।









राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं निपुण भारत मिशन के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक शिक्षा के सुदृढीकरण एवं समृद्ध शैक्षिक वातावरण सृजन एवं 3-6 आयुवंर्ग के बच्चों को औपचारिक शिक्षा हेतु तैयार करने संबंधित फ्रेमवर्क जारी Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 7:00 AM Rating: 5

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