लिपिकीय संवर्ग के स्‍थानान्‍तरण के सम्‍बन्‍ध में शासनादेश



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छह साल से बीएसए आॅफिस में जमे बाबू हटेंगे :दो साल वालों का बदलेगा कार्य-पटल

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सालों से जमे बाबुओं को हटाया जाएगा। इसके तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में छह साल से जमे बाबुओं को ट्रांसफर किया जाएगा। उन्हें गैर जिलों में भी भेजा जा सकता है। जबकि दो साल से एक ही काम देखने वालों को दूसरा काम सौंपा जाएगा। शासन ने बेसिक शिक्षा निदेशक को इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसे बाबुओं को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए। 
बेसिक शिक्षा का अधिकतर काम बेसिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों से ही होता है। बीएसए कार्यालय में तैनात रहने वाले बाबू जल्द वहां से हटना नहीं चाहते हैं। बाबू जैसा चाहते हैं अधिकारियों से अपने हिसाब से काम कराते हैं। प्रदेश स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठकों में कई बेसिक शिक्षा अधिकारी इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। इसलिए यह फैसला किया गया है कि बीएसए कार्यालय में छह साल से जो भी बाबू जमे हैं उनका दूसरे स्थानों पर तबादला किया जाएगा। वहीं जिन बाबुओं के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं उन्हें बीएसए कार्यालय से हटाकर स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। इसी तरह शिक्षकों से बाबुओं का काम नहीं लिया जाएगा। किसी बीएसए की यदि यह शिकायत मिलती है कि वह शिक्षकों से बाबुओं का काम ले रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


खबर साभार : अमर उजाला


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टीईटी प्रमाण पत्रों की होगी पुख्ता जांच

बेसिक शिक्षा विभाग के विभिन्न शिक्षक भर्ती पदों के लिए आवेदन करने वाले 2011 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच होगी। बेसिक शिक्षा सचिव हीरा लाल गुप्ता ने माध्यमिक शिक्षा परिषद को टीईटी प्रमाण पत्रों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। गुप्ता ने परिषद के अधिकारियों को बेसिक शिक्षा विभाग को टीईटी परिणाम संबंधित सीडी भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच आसानी से की जा सके। दरअसल, 2011 के टीईटी की परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली उजागर हुआ था। ऐसे में शासन किसी भी स्तर पर कोई चूक से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के बाद कोई निर्णय ले रहा है। 
 
खबर साभार :  दैनिक जागरण


खबर साभार :  अमर उजाला 


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72825 शिक्षक अभ्यर्थियों को करना होगा मेरिट का इंतजार

प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में अंतिम मेरिट के लिए अभी अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ेगा। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक ने बताया कि प्रत्यावेदन लाखों की संख्या में आए हैं। डायटों पर अभी इसकी गिनती नहीं हो पाई है। सचिव बेसिक शिक्षा ने निर्देश दिया है कि डायटों पर आए प्रत्यावेदन को पहले रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद एनआईसी से तैयार कराए गए साॅफ्टवेयर से संशोधन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है।
प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेशभर में 68 लाख से अधिक फार्म भरे गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके आधार पर अंतिम वरीयता सूची जारी करते हुए 21 जुलाई तक गलतियां ठीक कराने के लिए प्रत्यावेदन मांगे थे। सचिव बेसिक शिक्षा ने वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक बुलाई थी। बैठक में एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम ने बताया कि प्रत्यावेदनों को अभी तक गिना नहीं जा सका है।
सचिव बेसिक शिक्षा ने इस पर निर्देश दिया कि डायट प्राचार्य प्रत्यावेदनों को रजिस्टर में पहले दर्ज करवाएंगे। इस दौरान एनआईसी आवेदन की गलतियों को ठीक करने के लिए एक साॅफ्टवेयर तैयार करेगा। इस साॅफ्टवेयर को एक सप्ताह बाद सभी डायटों पर भेजा जाएगा। डायट इस साॅफ्टवेयर के आधार पर गलतियों को ठीक करेंगे। साॅफ्टवेयर की खास बात यह होगी कि एक जिले में जिस आवेदक के प्रत्यावेदन को निस्तारित किया जाएगा, उसके बाद उसने जहां-जहां फार्म भरे होंगे, वहां-वहां गलतियां ठीक हो जाएंगी। गलतियां ठीक करने के लिए साॅफ्टवेयर में केवल रोल नंबर डाला जाएगा, इसके बाद अभ्यर्थी का पूरा ब्यौरा सामने आ जाएगा। 
 
खबर साभार : अमर उजाला


72825 शिक्षक अभ्यर्थियों को करना होगा मेरिट का इंतजार

72825 शिक्षक पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अभी मेरिट का इंतजार करना होगा। आवेदकों की मेरिट सूची तैयार करने में आ रही कठिनाईयों की जानकारी के लिए गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग सचिव हीरा लाल गुप्ता ने शासन में विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।

इस दौरान राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बताया कि लाखों की संख्या एक-एक अभ्यर्थियों द्वारा दर्जनों जिलों में आवेदन किए जाने की वजह से मेरिट सूची तैयार करने में कठिनाई हो रही है। यही वजह है कि आवेदन पत्रों की गिनती में तमाम दुश्वरियां भी सामने आ रही है। ऐसे में गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से अभ्यर्थियों की मेरिट सूची तैयार करने साथ-साथ मैनुअल रजिस्टर के माध्यम से भी मेरिट सूची तैयार करें। उधर, एनआइसी को निर्देश दिया गया है कि वह ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करे जिसके माध्यम से एक साथ सभी जिलों के शिक्षक भर्ती के आवेदकों का आसानी से मेरिट बनाया जा सके।

खबर साभार : दैनिक जागरण



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उठी एकेडमिक मेरिट पर भर्ती की आवाज : सरकार को घेरने की तैयारी

  • उठी एकेडमिक मेरिट पर भर्ती की आवाज
  • हजारों अभ्यर्थी सरकार को घेरने की कर रहे तैयारी
 
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षामित्रों का समायोजन करने के साथ 29 हजार गणित-विज्ञान शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इस बीच पांच दिसंबर 2012 को विज्ञापित एकेडमिक मेरिट के अभ्यर्थियों ने अपनी भर्ती के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन देने के साथ सारे अभ्यर्थियों को संगठित करने की मुहिम छेड़ चुके हैं।

सरकार उचित कदम नहीं उठाती तो हजारों अभ्यर्थी एक साथ प्रदेशव्यापी मुहिम छेड़ देंगे। प्रदेश सरकार द्वारा 30 नवंबर 2011 को टेट मेरिट के आधार पर भर्ती निकाली गई, परंतु बाद में उसे रद कर दिया। अभ्यर्थी कोर्ट पहुंचे तो वहां से 2012 में एकेडमिक मेरिट के आधार पर भर्ती शुरू करने का आदेश मिला। राज्य सरकार ने 15वां व 16वां संशोधन करके एकेडमिक मेरिट के आधार पर नया विज्ञापन निकाला, जिसमें 30 से 40 हजार रुपये खर्च करके प्रदेशभर से पौने दो लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। चार फरवरी 2013 को इसकी काउंसिलिंग भी शुरू हुई, जिसमें दो हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके विरोध में कुछ अभ्यर्थी कोर्ट गए तो वहां से नवंबर 2013 में टेट मेरिट के आधार पर भर्ती करने का आदेश मिला। सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई, उसके बाद से भर्ती प्रक्रिया रुकी है।

अभ्यर्थी अशोक द्विवेदी व प्रभात मिश्र का कहना है कि भर्ती से कम हमें कुछ मंजूर नहीं है। सरकार रुकी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती तो हम संगठित होकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।


खबर साभार :  दैनिक जागरण


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