FLAT 40% + Extra 35% Off on 2000+ Fashion Brands & More Offers

जो खोजना चाहते हों वह यहाँ खोजें

Custom Search

स्कूल न जाने वाले बच्चों के सर्वे का बदला मानक : सर्वे में 3 से 5 वर्ष वालों को भी शामिल किया जाएगा

  • निशक्त व 3 से 5 वर्ष के बच्चों की भी होगी पहचान
  • मलिन बस्तियों व झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों का भी सर्वे

लखनऊ। सर्व शिक्षा अभियान में स्कूल न जाने वाले बच्चों के चिह्नीकरण का मानक बदल गया है। अब केवल 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का ही सर्वे नहीं होगा बल्कि हाउस होल्ड (स्कूल न जाने वाले) बच्चों के सर्वे में 3 से 5 वर्ष वालों को भी शामिल किया जाएगा। यही नहीं, वोटर लिस्ट के आधार पर मलिन बस्ती और झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को भी चिह्नित किया जाएगा। यह अभियान 16 से 31 अगस्त तक चलेगा। सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक कुमुदलता श्रीवास्तव ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों को दाखिला देने के लिए 31 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। इस दौरान प्रभात फेरियां निकाल कर अभिभावकों को प्रेरित किया जाता है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें। शिक्षक और शिक्षा मित्र घर-घर जाकर बच्चों को दाखिला भी देते हैं। परिषदीय स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया 15 अगस्त तक चलती है ताकि कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए। इसके बाद भी स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिह्नित करने के लिए हाउस होल्ड सर्वे कराया जाता है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इस बार सर्वे का मानक बदल दिया है।
  • 3 से 14 वर्ष के बच्चों का लिया जाएगा विवरण
हाउस होल्ड सर्वे में अब 3 से 5 वर्ष की आयु वाले बच्चों को भी चिह्नित किया जाएगा। छह से 14 वर्ष की आयु वालों को आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा। सर्वे में 3 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों का पूरा विवरण लिया जाएगा। इसमें बच्चों का नाम भी शामिल रहेगा। इस दौरान अभिभावकों से मिली सूचना को रजिस्टर पर दर्ज करने के साथ ही उनका नाम पता लिखते हुए उनके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगवाया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि स्कूल न जाने वाले निशक्त बच्चे कितने हैं। मंडल मुख्यालय के जिलों पर बीएसए दो ऐसे स्कूल चिह्नित करेंगे जिसमें स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी से सर्वे कराया जाएगा। अन्य स्थानों पर शिक्षकों व शिक्षा मित्रों से ही सर्वे कराया जाएगा।
  • माइग्रेट बच्चों की अलग बनेगी सूची
माइग्रेट होने वाले (दूसरे स्थान से आने वाले) बच्चों को भी चिह्नित किया जाएगा। ग्राम सभा या वार्ड से कोई परिवार माइग्रेट होता है या कोई परिवार दूसरे स्थान से आया है तो उसकी सूचना विद्यालय प्रबंधन समिति और वार्ड शिक्षा समिति के सचिव सर्वे रजिस्टर पर दर्ज करेंगे। ऐसे बच्चों का पूरा विवरण माइग्रेट करने वाले स्थान के जिले व प्रदेश से शिक्षा अधिकारियों को भेजा जाएगा। सर्वे के समय माइग्रेट बच्चों की सूचना अलग से रखी जाएगी ताकि इनकी अलग से पहचान हो सके।

खबर साभार : अमर उजाला


Enter Your E-MAIL for Free Updates :   

शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाने की प्रक्रिया शुरू : बलरामपुर में बंटे नियुक्ति पत्र

  •  वेतनमान 9300-34800 व ग्रेड पे 4200 रुपये दिया जाएगा
  • नियुक्ति हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन होगी
लखनऊ। शासनादेश के मुताबिक शिक्षा मित्रों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बलरामपुर में शिक्षा मित्रों को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं। शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक का वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4200 रुपये दिया जाएगा। वे एक साल तक अस्थायी शिक्षक के रूप में कार्य करेंगे। पत्र में साफ किया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

बलरामपुर जिले में बांटे गए नियुक्ति पत्र के मुताबिक महिला शिक्षा मित्रों को विकल्प के आधार पर तथा पुरुष शिक्षा मित्रों को बंद व एकल स्कूलों में तैनाती दी जा रही है। शिक्षा मित्रों को नियुक्ति पत्र इस शर्त के साथ दी गई है कि यदि काउंसलिंग के दौरान उनके दिखाए गए प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाते हैं, तो उनका चयन स्वत: निरस्त हो जाएगा। उत्तर प्रदेश आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही, उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला और उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने राज्य सरकार का आभार जताते हुए शेष बचे शिक्षा मित्रों को सोमवार शाम तक नियुक्ति पत्र दिलाने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती देने का कार्यक्रम 19 जून को जारी किया गया। पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया जा रहा है। जिलों में चयन समिति से अनुमोदन कराते हुए 31 जुलाई तक नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।

 खबर साभार : अमर उजाला

नियुक्तिपत्र की प्रति



Enter Your E-MAIL for Free Updates :   

हाउस होल्‍ड सर्वे 2014-15 के संबंध में दिशा निर्देश जारी : 16 से 31 अगस्‍त 2014 तक होगा सर्वे









Enter Your E-MAIL for Free Updates :   

प्रोफेशनल डिग्री धारकों को बीएसए कर रहे बाहर : सचिव ने मांगा दिशा निर्देश

  • बीटेक, बीएससी (कृषि) बीफार्मा वाले बाहर
  • विज्ञान-गणित शिक्षक भर्ती में प्रोफेशनल डिग्री धारकों को बीएसए कर रहे बाहर
  • सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन से मांगा इस बारे में दिशा निर्देश

इलाहाबाद (ब्यूरो)। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती में बीटेक, बीफार्मा, बीसीए, बीएससी (कृषि) डिग्री धारकों को काउंसलिंग में शामिल करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से अभ्यर्थियों में असमंजस है। दो चरणों की काउंसलिंग पूरी हो जाने के बाद हालत यह है कि कुछ जिलों के बीएसए बीएससी गणित, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान एवं बीएससी जुलॉजी, बॉटनी एवं केमेस्ट्री एक विषय के रूप में डिग्री में होने पर ही अभ्यर्थियों को ही काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दे रहे हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से उच्च प्राथमिक विद्यालयों केे 29334 पदों की घोषणा के दौरान स्पष्ट शासनादेश में स्पष्ट किया गया था कि विज्ञान-गणित शिक्षक के लिए डिग्री स्तर पर विज्ञान और गणित एक विषय के तौर पर होना चाहिए। अब काउंसलिंग के दौरान कुछ जिलों में बीएसए बीटेक एवं बीएससी कृषि वालों को मौका दे रहे हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों सहित प्रतापगढ़ भी में बीएससी (गणित), बीएससी (बायो) को छोड़कर दूसरे वर्ग के अभ्यर्थियों को मौका नहीं दिया जा रहा है।

शासनदेश के बाद भी कुछ जिलों के बीएसए की ओर से बीटेक, बीएससी (कृषि), बीफार्मा एवं बीसीए वालों को यह कहकर मौका नहीं दिया जा रहा है कि वह गणित और विज्ञान एक विषय के तौर पर नहीं बल्कि एक प्रश्नपत्र के रूप में पढ़े हैं। इलाहाबाद के बीएसए राजकुमार का कहना है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बताया है कि उनकी ओर से शासन से इस मामले में दिशा निर्देश मांगा गया है, इसके मिलने के बाद ही नियुक्ति पर फैसला होगा। उन्होंने बताया कि बीटेक और बीएससी (कृषि) को काउंसलिंग में शामिल कर रहे हैं जबकि बीफार्मा और बीसीए के बारे में शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद कार्रवाई होगी।


खबर साभार : अमर उजाला

Enter Your E-MAIL for Free Updates :   

आंदोलनों में जेल जा चुके शिक्षक भी पा सकेंगे राज्य पुरस्कार : होगा संशोधन

  • आंदोलनों में जेल जा चुके शिक्षक भी पा सकेंगे राज्य पुरस्कार
  • मदरसा शिक्षकों के लिए सरकार करने जा रही संशोधन
  • हर साल छह मदरसा शिक्षकों को पुरस्कार देने की योजना

लखनऊ। आंदोलनों में जेल जा चुके मदरसा शिक्षक भी अब राज्य पुरस्कार पा सकेंगे। प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षकों की पुरस्कार वितरण नियमावली में यह व्यवस्था करने जा रही है। इस संशोधन के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ऐसे मदरसा शिक्षकों को राज्य पुरस्कार पाने से वंचित नहीं किया जा सकेगा।

राज्य सरकार ने इस साल से मदरसा शिक्षकों को भी राज्य पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। इसके तहत हर साल प्रदेश के छह मदरसा शिक्षकों को सम्मानित किया जाना है। इसके लिए भी बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों की ही तर्ज पर पुरस्कार देने के लिए नियमावली बनाई गई। इसे विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद आठ जुलाई की कैबिनेट में रखा भी गया। लेकिन मंत्री ने इसमें संशोधन करने के निर्देश दे दिए।

संशोधन की जरूरत क्यों
दरअसल, बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों की नियमावली में साफ है कि ऐसे शिक्षक जो किसी भी वजह से जेल गए हों, उन्हें राज्य पुरस्कार नहीं दिया जा सकता है। इसी नियमावली की तरह ही अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ ने भी नियमावली तैयार की थी। लेकिन विभागीय मंत्री मो. आजम खां ने इसमें संशोधन कर कैबिनेट की बैठक में रखने के लिए कहा है। अब नियमावली में उस बिंदु को हटाया जा रहा है जिसमें यह प्रतिबंध था कि आंदोलनों में शामिल होने वाले या फिर जेल जा चुके शिक्षक इसमें शामिल नहीं किए जाएंगे।

राज्य पुरस्कार में यह मिलेगाराज्य पुरस्कार के तहत हर शिक्षक को 10 हजार रुपये नकद, एक प्रशस्ति पत्र व शॉल भेंट की जाएगी। इसके अलावा इन शिक्षकों को भी रोडवेज की बस में 4000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा। हालांकि यह सुविधा केवल उसी साल मिलेगी जिस साल उन्हें सम्मान मिलेगा। जबकि बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों को पूरी नौकरी के दरम्यान रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलता है।

खबर साभार : अमर उजाला 



Enter Your E-MAIL for Free Updates :     


Related NEWS

web counter

Liabilty Disclaimer

डिस्क्लेमर : यह न्यूज चैनल (ब्लॉग) पूर्णतयः अव्यावसायिक, अलाभकारी और पूर्णतः शिक्षक हित के लिए बिना लाभ और बिना हानि के आधार पर समर्पित है। इसमें प्रयुक्त सामग्री, सूचना, चित्र, आदेश आदि समाचार पत्रों, सरकारी साइटों, पब्लिक प्रोफाइल आदि कई स्त्रोतों से ली जाती हैं। हम ऐसे सभी स्त्रोतों के प्रति अपना आभार-साभार और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि सूचना के सही स्त्रोत का उल्लेख किया जाए और साथ ही साथ वह सूचना/आदेश प्रत्येक दशा में सही हो। फिर भी यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह पूर्ण वर्णन करते हुए संचालक को सूचित करे। आपत्ति की पुष्टि होते ही वह सूचना आदि हटा दी जायेगी। सभी से अनुरोध है कि किसी आदेश /सूचना को प्रयोग करने से पहले उसकी सत्यता स्वयं जांच लें। किसी भी अन्य स्थिति और परिस्थिति की दशा में यह ब्लॉग जिम्मेदार ना होगा। ब्लॉग मे किसी भी सामग्री पर हमारा वाटर-मार्क किसी भी रूप से हमारा मालिकाना हक जताना नहीं है बल्कि यह पुष्टि करना है कि दर्शाई /प्रयुक्त की गई सामग्री / जानकारी / खबर वास्तव मे उसी स्त्रोत से ली गई है और इसकी पुष्टि यह ब्लॉग / प्राइमरी का मास्टर करता है।

LIABILITY DISCLAIMER: It is non-govt. site. Authenticity of information is not guarantied. You are therefore requested to verify this information before you act upon it. Publisher of the site will not be liable for any direct or indirect loss arising from the use of the information and the material contained in this Web Site/Blog/News-Channel.