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इग्‍नू व राजर्षि टण्‍डन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय के बीएड डिग्रीधारक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अर्ह : शासनादेश जारी





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निजी बीटीसी-एनटीटी कॉलेजों पर लगाम : अधिक फीस और शिक्षकों-कर्मचारियों को कम वेतन देने पर जाएगी मान्यता

  • शासन ने निजी बीटीसी-एनटीटी कॉलेजों पर कसी लगाम
  • छात्रों से अधिक फीस और शिक्षकों-कर्मचारियों को कम वेतन देने पर जाएगी मान्यता

इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश सरकार की ओर से 2011 से लेकर 2014 के बीच बीटीसी के लगभग सात सौ नए निजी कॉलेजों को मान्यता दे दी गई। अब शासन ने बीटीसी एवं एनटीटी के निजी कॉलेजों पर अंकुश लगाने केलिए छात्रों से ली जाने वाली फीस के साथ प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों, प्रवक्ता, पुस्तकालयाध्यक्ष और अन्य कर्मचारियों का वेतन तय करते हुए उनको सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसकी निगरानी के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी के साथ, जिलाधिकारी, डायट प्राचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। मानक का उल्लंघन करने वालों की मान्यता खत्म करने की चेतावनी दी गई है।

बीटीसी-एनटीटी कॉलेजों के प्रबंधन की ओर से मनमानी फीस वसूलने और उनके यहां शिक्षण कार्य कर रहे प्राचार्यो, शिक्षकों आदि को बहुत कम वेतन भुगतान करने की सूचना के बाद शासन की ओर से निदेशक एससीईआरटी को पत्र भेजकर उनसे निजी बीटीसी-एनटीटी कॉलेजों पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा सचिव की ओर से इस आशय का पत्र निदेशक एससीईआरटी को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त शासन ने इन निजी कॉलेजों को विकास शुल्क के रूप में मिलने वाली धनराशि को कॉलेज में बिजली, टेलीफोन, ब्राडबैंड, स्टेशनरी, बागवानी, प्रयोगशाला सहित अन्य विकास कार्य पर खर्च करने को कहा है।

निदेशक एससीईआरटी के पत्र के बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने सभी डायट को पत्र भेजकर निजी बीटीसी कॉलेजों में तय फीस 41 हजार से अधिक नहीं लेने की चेतावनी दी है। निजी बीटीसी-एनटीटी कॉलेजों के वेतन अन्य मद पर कुल चालीस लाख सतहत्तर हजार दो सौ सोलह रुपये खर्च करने को कहा है।



खबर साभार : अमर उजाला  



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तीसरी काउंसलिंग दिवाली के बाद फर्जी अभ्यर्थियों के आने की उड़ी अफवाहें



खबर साभार :   हिन्दुस्तान  



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प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में कम मेरिट की राह नहीं आसान : सर्वाधिक रिक्तियों वाले जिलों में भरे अधिकतर पद


  • प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में कम मेरिट की राह नहीं आसान
  • सर्वाधिक रिक्तियों वाले जिलों में भरे अधिकतर पद,
  • 72,825 शिक्षक भर्ती की दूसरी काउंसलिंग पूरी

लखनऊ (ब्यूरो)। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग मंगलवार को पूरी हो गई। जानकारों की मानें तो सर्वाधिक पद वाले जिलों में सामान्य वर्ग की अधिकतर सीटें भर गई हैं। इसलिए टीईटी में कम अंक पाने वालों के हाथ मायूसी लगना तय माना जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद दूसरी काउंसलिंग के बाद डायटों से रिक्त पदों का ब्यौरा मांगने की तैयारी में जुट गई है। इसके बाद तीसरे चरण की काउंसलिंग के कार्यक्रम पर विचार होगा।

प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू की गई है। 72,825 पदों के लिए करीब 69 लाख आवेदन आए हैं। ऐसे में दावेदारी अधिक होने से पहली मेरिट महिला सामान्य कला वर्ग की सबसे कम 119 व पुरुष सामान्य कला वर्ग की 127 गई थी। पहले चरण की काउंसलिंग में नाम के आधार पर अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें मात्र सात फीसदी ही पहुंचे। इसलिए दूसरी काउंसलिंग में मेरिट गिराकर अभ्यर्थियों को बुलाया गया। दूसरे चरण में महिला कला सामान्य वर्ग की सबसे कम मेरिट 107 कुशीनगर और पुरुष कला सामान्य वर्ग की 117 सीतापुर व लखीमपुर की गई। इस चरण में 10 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया गया। इसलिए सर्वाधिक पद वाले जिलों में काउंसलिंग की अधिक मारामारी रही। जानकारों की मानें तो अधिक पद वाले जिलों में सामान्य और आरक्षित वर्ग की अधिकतर सीटें भर गई हैं। इसलिए तीसरे चरण में अधिक मेरिट गिरने की उम्मीद लगाए बैठे कम अंक वालों को मायूसी हाथ लग सकती है।


खबर साभार : अमर उजाला 



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यू-डायस दिवस (30 सितंबर ) पर जनवाचन संबंधी विज्ञप्ति







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