राष्ट्रपति ने 46 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से नवाजा, बताई संवेदनाएं बोने वाले शिक्षकों की जरूरत


‘संवेदनाएं बोने वाले शिक्षकों की जरूरत'

समस्याएं ज्ञान-विवेक से दूर होंगी

06 Sep 2019

सिर्फ ज्ञान के विकास से समाज की संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। ज्ञान के साथ विवेक भी जरूरी है। विवेक सम्मत ज्ञान से ही मानवीय समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। यह बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने 46 शिक्षकों को शिक्षक सम्मान से नवाजा।


कोविंद ने शिक्षा प्रणाली में ज्ञान के साथ विवेक का महत्व बताते हुए कहा कि व्यावसायीकरण एवं जीवन मूल्यों में गिरावट के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षकों की मौलिक जिम्मेदारी बनती है कि वे ज्ञान एवं विवेक से परिपूर्ण पीढ़ी तैयार करें।


उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मानवीय संवेदना का मेल और डिजिटल ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण के बीच तालमेल जरूरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि विवेकपूर्ण ज्ञान से हम जलवायु परिवर्तन, प्रजातियों के लुप्त होने, प्राकृतिक जल स्रोतों की कमी और पिघलते ग्लेशियर जैसी समस्याओं का हल निकाल सकते हैं।






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