निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (ग) के अन्तर्गत आस-पास (Neighbourhood) के गैर-सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा-एक/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश हेतु सुचारू व्यवस्था एवं अनुश्रवण के सम्बन्ध में।
अभिभावक के आधार कार्ड से होगा RTE के तहत प्रवेश, 67 हजार विद्यालयों में 1.80 लाख सीटों पर होगा प्रवेश
अब निजी विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया की गई और आसान
बच्चे का आधार अनिवार्य नहीं, अपार आइडी की बाध्यता खत्म
लखनऊ : निश्शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में प्री-नर्सरी और कक्षा एक में दाखिले की प्रक्रिया और आसान कर दी गई है। आवेदन के समय अब बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। अभिभावक अपने आधार पर आवेदन कर सकेंगे। गुरुवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी कर दिया है। तकनीकी दिक्कतों को दूर किया गया है। प्री-नर्सरी और कक्षा एक में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
पिछले वर्ष आठ सितंबर को जारी शासनादेश में बच्चे और अभिभावक दोनों का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया था। इससे दिक्कतें आ रही थीं। आवेदन के दौरान दस्तावेजों का आनलाइन सत्यापन भी बाधित हो रहा था। ऐसे में सरकार ने बच्चे के आधार की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब आवेदन पत्र में माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर दर्ज करना होगा। प्रवेश से पहले अपार आइडी बनाना अनिवार्य था, जिसे पूरा न करने पर स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति रोक दी जाती थी।
नए आदेश में अपार आइडी की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। इससे शुल्क प्रतिपूर्ति में परेशानी दूर होगी। निवास प्रमाणपत्र को लेकर भी नियमों में ढील दी गई है। अब तहसीलदार द्वारा जारी निवास प्रमाणपत्र के अलावा मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्रों में जाब कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल और पानी का बिल भी मान्य होंगे।
67 हजार विद्यालयों में 1.80 लाख सीटों पर होगा प्रवेश
निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। लगभग 68 हजार विद्यालयों की आरटीई पोर्टल पर मैपिंग की गई है और करीब एक लाख 80 हजार सीटें हैं। पिछले वर्ष एक लाख 40 हजार से अधिक बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश मिला था। विद्यालयों का नया सत्र शुरू होने से पहले प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पहले की तरह www.rte25.upsdc.gov.in पोर्टल पर आवेदन होंगे।
अब सात सदस्यीय समिति करेगी निगरानी
जनपद स्तर पर आरटीई के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए बनी समिति का पुनर्गठन किया गया है। अब 11 की जगह सात सदस्यीय समिति होगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम, डीआइओएस, बीएसए, वित्त एवं लेखाधिकारी और बीईओ शामिल होंगे। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में वाली समिति का प्रविधान भी समाप्त कर दिया गया है।
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (ग) के अन्तर्गत आस-पास (Neighbourhood) के गैर-सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा-एक/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश हेतु सुचारू व्यवस्था एवं अनुश्रवण के सम्बन्ध में।
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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9:29 AM
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