राज्य के समस्त परिषदीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालयों में (पीएम श्री विद्यालयों को छोड़कर) अभिभावक-अध्यापक बैठक (PTM) आयोजित कराये जाने के सम्बन्ध में।
यूपी के परिषदीय स्कूलों में चार चरणों में होगी PTM, अभिभावक बैठक के लिए ₹250 प्रति बैठक का बजट
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा की ओर से जारी निर्देशों के आधार पर विद्यालयों में पूरे शैक्षिक सत्र के दौरान चार चरणों में PTM आयोजित की जाएगी। वहीं PTM के आयोजन के लिए प्रति विद्यालय प्रति बैठक ₹250 की दर से धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
चार चरणों में होगी अभिभावक-शिक्षक बैठक
दस्तावेज में PTM के लिए चार वार्षिक थीम और उनकी समय-सारिणी निर्धारित की गई है—
| चरण | समय | PTM की थीम |
|---|---|---|
| पहला | अगस्त 2026, तृतीय सप्ताह | सब पढ़ें, सब बढ़ें |
| दूसरा | अक्टूबर 2026, तृतीय सप्ताह | आज की उपस्थिति, कल की प्रगति |
| तीसरा | दिसंबर 2026, तृतीय सप्ताह | शिक्षा का सफर, परिवार के संग |
| चौथा | फरवरी 2027, तृतीय सप्ताह | मेरा विद्यालय, मेरी जिम्मेदारी |
निर्देशों में कहा गया है कि PTM को केवल औपचारिक बैठक न बनाकर निर्धारित थीम के अनुसार उद्देश्यपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाए।
PTM से पहले प्रधानाध्यापक को करनी होगी तैयारी
PTM से पहले विद्यालय स्तर पर व्यापक तैयारी की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को दी गई है। अभिभावकों को आकर्षक निमंत्रण कार्ड, पोस्टर, लिखित संदेश, व्हाट्सऐप संदेश और दूरभाष आदि माध्यमों से बैठक की जानकारी देने के निर्देश हैं।
साथ ही बैठक की तिथि, समय, स्थान और उद्देश्य की सूचना अभिभावकों तक समय से पहुंचाने, लगातार अनुपस्थित या अपेक्षाकृत अधिक अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की सूची तैयार करने और उनके अभिभावकों की बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया है।
जिन अभिभावकों की PTM में भागीदारी कम रहती है, उनके लिए शिक्षक गृह-संपर्क, फोन और व्हाट्सऐप आदि माध्यमों से संपर्क करेंगे। विद्यालय में साफ-सफाई, सजावट, बैठक व्यवस्था और पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी पहले से पूरी करनी होंगी।
बच्चों की पढ़ाई और प्रगति पर होगी विशेष चर्चा
PTM में प्रत्येक बच्चे के संबंध में अभिभावकों के साथ सार्थक एवं सकारात्मक संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बच्चे की शैक्षिक प्रगति, अधिगम स्तर और मूल्यांकन परिणाम की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी।
इसके अलावा कमजोर अधिगम स्तर वाले बच्चों की पहचान कर उनके लिए घर पर अध्ययन हेतु सकारात्मक वातावरण, नियमित अभ्यास एवं पढ़ने की आदत विकसित करने के संबंध में अभिभावकों को मार्गदर्शन देने की बात कही गई है। बच्चों की नियमित उपस्थिति, अनुपस्थिति के कारण और सुधार की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी।
DBT, निपुण भारत और DIKSHA की भी दी जाएगी जानकारी
PTM में अभिभावकों को सरकार की विभिन्न शैक्षिक एवं कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश हैं। इनमें DBT के अंतर्गत उपलब्ध धनराशि और उसके सदुपयोग, निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों के साथ समय बिताने एवं शैक्षिक गतिविधियों में सहयोग तथा नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित करना शामिल है।
अभिभावकों को DIKSHA App डाउनलोड करने और उपलब्ध शैक्षिक सामग्री का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल, बालक-बालिका पृथक शौचालय, हैंडवॉश, बिजली, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास आदि के बारे में भी जानकारी साझा की जाएगी।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन पर भी जोर
PTM के दौरान 06 से 14 वर्ष आयु वर्ग के आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में समुदाय की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। ECCE/बालवाटिका के अंतर्गत छोटे बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और विद्यालय-पूर्व शिक्षा की महत्ता पर भी अभिभावकों से संवाद किया जाएगा।
इसके अलावा खेल, कला एवं विज्ञान आधारित गतिविधियों, पुस्तक-पठन तथा विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की भूमिका और दायित्वों के बारे में अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश हैं।
दूसरी PTM में उपस्थिति और प्रगति पर फोकस
अक्टूबर 2026 की PTM की थीम “आज की उपस्थिति, कल की प्रगति” रखी गई है। इसमें बच्चों की नियमित उपस्थिति, अनुपस्थिति के कारण, अभिभावकीय उत्तरदायित्व तथा बच्चे की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। अधिक या लगातार अनुपस्थित बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा बच्चों की उपलब्धियों के आधार पर प्रोत्साहन देने पर जोर है।
तीसरी और चौथी PTM में परिवार और समुदाय की भागीदारी
दिसंबर 2026 की तीसरी बैठक “शिक्षा का सफर, परिवार के संग” थीम पर होगी। इसमें घर पर सीखने के अनुकूल वातावरण, नियमित पठन-पाठन, गृहकार्य, परियोजना कार्य तथा विद्यालयी गतिविधियों में परिवार के सहयोग पर विशेष चर्चा की जाएगी।
वहीं फरवरी 2027 की चौथी PTM “मेरा विद्यालय, मेरी जिम्मेदारी” थीम पर होगी। इसमें विद्यालय विकास में समुदाय के योगदान, बच्चों की उपलब्धियों एवं छात्र-प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था एवं नियमित उपस्थिति के महत्व पर चर्चा की जाएगी।
DIKSHA और प्रेरणा पोर्टल पर रिपोर्टिंग अनिवार्य
निर्देशों में PTM से जुड़ी गतिविधियों की प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। प्रत्येक विद्यालय को PTM की तिथि, प्रतिभागी अभिभावकों की संख्या, उपस्थित शिक्षकों का विवरण, बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख बिंदु, लिए गए निर्णय एवं कार्ययोजना तथा बैठक से संबंधित स्पष्ट फोटो/वीडियो अपलोड करने होंगे।
विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी वास्तविक, प्रमाणित और अद्यतन हो।
PTM की निगरानी के लिए अधिकारियों को लक्ष्य
PTM के प्रभावी संचालन के लिए जिला, ब्लॉक और अन्य स्तर के अधिकारियों को विद्यालयों का अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी/एआरजी तथा जिला समन्वयकों को निर्धारित संख्या में विद्यालयों की PTM का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध करानी होगी। यह भी निर्देश है कि एक ही विद्यालय का अनुश्रवण दो या उससे अधिक अधिकारियों द्वारा न किया जाए।
PTM के लिए जारी हुआ ₹13.19 करोड़ से अधिक का बजट
दस्तावेज के बजट विवरण के अनुसार परिषदीय विद्यालयों की PTM के लिए कुल ₹13,11,72,000 तथा 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए ₹7,46,000 की धनराशि निर्धारित की गई है। दोनों को मिलाकर कुल धनराशि ₹13,19,18,000 यानी लगभग ₹13.19 करोड़ होती है।
धनराशि SNA SPARSH Portal के माध्यम से संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के खाते में उपलब्ध कराई जा रही है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि धनराशि का उपयोग स्वीकृत मद में ही किया जाएगा और मद परिवर्तन मान्य नहीं होगा।
₹250 प्रति विद्यालय प्रति PTM
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में प्रत्येक PTM के लिए ₹250 की दर से धनराशि निर्धारित की गई है। चार PTM के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार इसका उपयोग बैठक आयोजन से संबंधित निर्धारित गतिविधियों में किया जाना है।
खर्च का रिकॉर्ड रखना होगा
प्रधानाध्यापक को PTM से संबंधित बिल/वाउचर विद्यालय पंजिका में आवश्यक रूप से अंकित करने होंगे। खर्च का उपयोग निर्धारित वित्तीय नियमों, क्रय नियमों तथा समग्र शिक्षा के मैनुअल के अनुसार किया जाना है। साथ ही कार्यक्रम के आयोजन की विद्यालयवार सूचना और उपयोग प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कमजोर बच्चों और अभिभावकों की भागीदारी पर विशेष ध्यान
पूरे निर्देशों का मुख्य उद्देश्य केवल बैठक आयोजित करना नहीं, बल्कि बच्चों की शैक्षिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, अधिगम स्तर और विद्यालय-परिवार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। कमजोर अधिगम स्तर वाले बच्चों, लगातार अनुपस्थित बच्चों और PTM में कम भागीदारी करने वाले अभिभावकों पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था की गई है।
राज्य के समस्त परिषदीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालयों में (पीएम श्री विद्यालयों को छोड़कर) अभिभावक-अध्यापक बैठक (PTM) आयोजित कराये जाने के सम्बन्ध में।
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
on
5:50 AM
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