ओबीसी अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में पांच छूट देने की संस्तुति बरकरार, 68500 शिक्षक भर्ती मामले में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पुराने निर्णय पर कायम

ओबीसी अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में पांच छूट देने की संस्तुति बरकरार, 68500 शिक्षक भर्ती मामले में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पुराने निर्णय पर कायम

संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करने व लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

लखनऊः उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक शिक्षक भर्ती 2018 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता अंक की छूट देने संबंधी पांच जनवरी 2022 की अपनी संस्तुति को बरकरार रखा है। आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग से भर्ती परीक्षा का परिणाम संशोधित कर 150 में 60 अंक (40 प्रतिशत) पाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानते हुए उनकी सूची उपलब्ध कराने की सिफारिश की है। 16 जून को हुई आयोग की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे अब बेसिक शिक्षा विभाग को अवगत कराते हुए कार्यवाही की अपेक्षा की गई है।


आयोग के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना और उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली के तहत ओबीसी अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में पांच प्रतिशत की छूट देना विधिसम्मत है। कहा गया है कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती, जूनियर (एडेड) सहायक शिक्षक भर्ती और सहायक शिक्षक भर्ती 2021 में ओबीसी अभ्यर्थियों को यह छूट दी जा चुकी है। 68500 भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों को इस लाभ से वंचित रखना अनुच्छेद 14 और 16 में दिए गए समानता और समान अवसर के अधिकार के विपरीत होगा। 

आयोग ने स्पष्ट किया कि शासन से प्राप्त अभिलेखों और विभिन्न न्यायालयों के आदेशों की समीक्षा में ऐसा कोई कानूनी प्रतिबंध या न्यायिक रोक नहीं मिली, जिससे इस भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता छूट देने पर रोक साबित होती हो। साथ ही, आयोग ने पांच जनवरी 2022 की संस्तुति और अनुपालन संबंधी पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं करने व आरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की भी सिफारिश की है।


2200 ओबीसी अभ्यर्थी होंगे प्रभावितः इस प्रकरण की पैरवी कर रहे अभ्यर्थी तूफ़ान सिंह ने बताया कि 68500 पदों के सापेक्ष भर्ती में 1.07 अभ्यर्थी आवेदक थे। इसके लिए बीटीसी और शिक्षामित्र ही योग्य थे। भर्ती के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। पहली लिस्ट में 41256 और पुर्नमूल्यांकन के बाद 4200 और अभ्यर्थी पास हुए थे। वहीं हाईकोर्ट के आदेश पर बाद में भी इसमें कुछ और भी नियुक्तियां हुई। यह नियुक्तियां क्रमशः पांच सितंबर 2018 को, 2019 में और 2023 में भी हुई हैं। उन्होंने बताया कि इसमें अभी भी ओबीसी की 9800 और ओवरआल 20 हजार से ज्यादा सीटें हैं। जबकि आयोग के निर्णय से लगभग 2200 ओबीसी अभ्यर्थी प्रभावित होंगे। तूफान सिंह ने कहा कि आयोग ने दूसरी बार ओबीसी अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों को स्वीकार किया है। प्रदेश सरकार आयोग की संस्तुतियों का तत्काल अनुपालन करते हुए संशोधित परीक्षा परिणाम घोषित करे।
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