पढ़ाने पर ध्यान दें शिक्षक, मुख्यमंत्री योगी ने कैशलेस चिकित्सा योजना को गुरु दक्षिणा की संज्ञा देते हुए कहा
पढ़ाने पर ध्यान दें शिक्षक, मुख्यमंत्री योगी ने कैशलेस चिकित्सा योजना को गुरु दक्षिणा की संज्ञा देते हुए कहा
शिक्षक परिवार पर प्रीमियम के रूप में प्रतिवर्ष सरकार खर्च करेगी 447 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों व निजी क्षेत्र के कार्मिकों को भी सामाजिक सुरक्षा देने को कहा
8 जुलाई 2026
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक परिवारों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को 'गुरु दक्षिणा' बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस योजना का 447 करोड़ रुपये का वार्षिक प्रीमियम स्वयं वहन करेगी। अब शिक्षकों को अपने परिवार की चिकित्सा की चिंता करने की जरूरत नहीं है। वह पूरी निष्ठा से बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य के निर्माण पर ध्यान दें।
कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू कर प्रत्येक शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी है। उप्र इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य है। सरकार चाहती है कि इसी तरह की सामाजिक सुरक्षा अन्य सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों तक भी पहुंचे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षा का लाभ मिल सके।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2016-17 में विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई, रखरखाव और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार शुरू किया। उप्र सरकार ने मूल्यांकन के बाद 20 विद्यालयों के नाम भारत सरकार को भेजे थे, जिनमें से 12 विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए। मुख्यमंत्री ने इन 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया।
बेसिक शिक्षा विभाग व एसबीआइ के बीच एमओयू की प्रमुख बातें
10 लाख शिक्षक और संविदा कार्मिक लाभान्वित होंगे।
10 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले स्थायी शिक्षको और कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस
एक करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, एक करोड़ रुपये का पर्सनल डिसएविलिटी कवर और 1.6 करोड़ रुपये का एयर एक्सीडेंट कवर
बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सुरक्षा (एड-आन कवर)
10 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 80 लाख रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस
स्थायी विकलांगता पर 80 लाख रुपये, आंशिक विकलांगता पर 40 लाख रुपये और एयर एक्सीडेंट पर 80 लाख रुपये तक का कवर
क्च्चे की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सुरक्षा
10 हजार रुपये से कम वेतन वाले कर्मचारियों को जीरो बैलेंस खाता तथा एसबीआइ डेबिट कार्ड अथवा पर्सनल एक्सीडेंट कवर के आधार पर दो लाख रुपये का बीमा मिलेगा।
जिन कर्मचारियों के वेतन खाते पहले से एसवीआइ में है, उन्हें सैलरी पैकेज में बदला जाएगा। अन्य कर्मचारियों को भी एसबीआइ में वेतन खाता खोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
योजना की प्रमुख बातें : मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा
बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, बेसिक शिक्षा परिषद, सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा उनके आश्रित योजना के दायरे में होंगे।
प्रति शिक्षक 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार करेगी। योजना का संचालन साचीज (स्टेट एजेंसी फार काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विस) के माध्यम से होगा।
सुविधा राजकीय अस्पतालों और साचीज से संबद्ध निजी अस्पतालो में मिलेगी। योजना में अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले इलाज शामिल हैं।
सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, जटिल सर्जरी समेत 1900 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध होंगे। ओपीडी सेवाएं योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं।
विद्यार्थियों के लिए डीबीटी की प्रमुख बातें
वर्ष 2021-22 से विद्यार्थियों को मिलने वाली सामग्री की धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है। प्रति विद्यार्थी 1200 दिए जाते हैं,।
8 जुलाई को सीएम योगी के शुभारंभ कार्यक्रम का होगा लाइव प्रसारण, कैशलेस चिकित्सा के साथ DBT और SBI सैलरी पैकेज समझौते की होगी शुरुआत
प्रदेश में होगा लाइव प्रसारण।
कार्यक्रम का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यक्रम का लाइव प्रसारण निम्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रहेगा—
X (पूर्व में Twitter) https://twitter.com/CMOfficeUP
सभी विद्यालयों में लाइव प्रसारण के निर्देश
अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सभी—
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक)
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA)
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO)
प्रधानाचार्य
शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशक
को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम का जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में जनपद, तहसील एवं विद्यालय स्तर पर लाइव प्रसारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और आमजन इस कार्यक्रम का लाभ प्राप्त कर सकें।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों को डमी कैशलेस चिकित्सा कार्ड सौंप कर सीएम योगी 8 जुलाई को करेंगे कैशलेश चिकित्सा योजना का शुभारंभ
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों 8 जुलाई को काशी से प्रदेश भर के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक के निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी इस योजना का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 10 बेसिक व 10 माध्यमिक शिक्षकों को डमी कैशलेस चिकित्सा कार्ड सौपेंगे। साथ ही पूर्व में हुए विद्यालयों के स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 12 प्रधानाचार्यों को मंच से सम्मानित किया जाएगा।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी शामिल कर सरकार ने सबको सामाजिक एवं समान सुरक्षा की गारंटी दी है। इनके अलावा माध्यमिक के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
8 जुलाई को सीएम योगी करेंगे बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी कई योजनाओं का शुभारंभ, कैशलेस चिकित्सा से लेकर DBT और SBI सैलरी पैकेज समझौते की होगी शुरुआत
🔴 मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत 12 लाख शिक्षक एवं उनके परिवारों को लाभ
🔴 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को DBT के माध्यम से यूनिफार्म, जूता, मोज़ा, स्वेटर, बैग व स्टेशनरी हेतु प्रति छात्र-छात्रा हेतु रु 1200 वितरण
🔴 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा हेतु स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ MOU का निष्पादन
🔴 राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का सम्मान
बेसिक में 7.89 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण, माध्यमिक का पोर्टल शुरू
मुख्यमंत्री योगी वितरित करेंगे चिकित्सा कार्ड, बच्चों के लिए डीबीटी भी करेंगे
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आठ जुलाई बुधवार को वाराणसी के व्यापार केंद्र में शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके माध्यम से बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, केजीबीवी वार्डेन, विषय विशेषज्ञों व उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सीएम नए सत्र में बच्चों को ड्रेस, जूता-मोजा आदि के लिए डीबीटी भी इसी दिन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा की थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बेसिक विभाग की ओर से पोर्टल लाइव कर अब तक 7 लाख से अधिक लाभार्थियों की सूचना दर्ज कराई जा चुकी है। जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को इसके लिए पोर्टल लाइव किया गया है। आज से ही उनके शिक्षकों का भी डाटा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के प्रभावी व पारदर्शी संचालन के लिए डिजिटल व्यवस्था की गई है। विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों का विवरण लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है। पोर्टल से शिक्षकों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के लिए विकसित पोर्टल पर अब तक 789032 लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं।
उनके विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंतिम अनुमोदन करेंगे। बीएसए के अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी आईडेंटिफिकेशन (बीआईएस) पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थी आधार आधारित ईकेवाईसी कर अपना सिस्टम डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग में पात्र शिक्षकों के लिए शुरू किए गए पोर्टल पर वे अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अंतिम अनुमोदन देंगे। इसके बाद लाभार्थियों का डाटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी डीएम, कमिश्नर, बीएसए व डीआईओएस को पत्र भेजकर कहा है कि इस कार्यक्रम का सभी जिलों में लाइव प्रसारण किया जाएगा। जिलों में मुख्यालय व तहसील मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा 20-20 कार्ड का वितरण कराया जाए। इस आयोजन के लिए मंडल मुख्यालय वाले जिलों के लिए पांच व अन्य जिलों के लिए तीन-तीन लाख का बजट स्वीकृत किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग का पोर्टल जल्द
प्रदेश सरकार ने बेसिक, माध्यमिक के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी इस योजना में शामिल किया है। इसके तहत उच्च शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों व कार्मिकों के लिए भी जल्द ही अलग डाटा संग्रह पोर्टल शुरू कराया जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारी भी अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर योजना से जुड़ सकेंगे।
पढ़ाने पर ध्यान दें शिक्षक, मुख्यमंत्री योगी ने कैशलेस चिकित्सा योजना को गुरु दक्षिणा की संज्ञा देते हुए कहा
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
on
6:07 AM
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