सरप्लस शिक्षकों की सूची पर 27 जुलाई तक आपत्ति दाखिल करने का समय, अध्यापकों के समायोजन मामला हाई कोर्ट में अगली सुनवाई पांच अगस्त को, देखें कोर्ट ऑर्डर

सरप्लस शिक्षकों की आपत्ति के सम्बंध में



समायोजन प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के सापेक्ष कार्यवाही के निर्देश जारी



परिषदीय विद्यालयों के 31,685 सरप्लस घोषित शिक्षक 27 जुलाई तक दाखिल कर सकेंगे आपत्ति

हाईकोर्ट ने कहा- पांच साल से अधिक समय से पहले नियुक्त शिक्षकों के मामलों में फर्स्ट कम, फर्स्ट गो का सिद्धांत लागू रहेगा

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात 31,685 सरप्लस घोषित शिक्षकों को 27 जुलाई तक संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में आपत्ति दाखिल करने की अंतिम मोहलत दे दी है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरप्लस घोषित ऐसे शिक्षक जिन्हें सूची में दर्ज आंकड़ों, वरिष्ठता या चयन प्रक्रिया पर आपत्ति है, उन्हें ऑफलाइन आपत्ति जमा करने के बाद उसकी रसीद प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही आपत्ति की प्रति बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को स्पीड पोस्ट से भी भेजनी होगी, ताकि उस पर विचार किया जा सके।

यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने चंदौली के सौरभकुमार सिंह की विशेष अपील पर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिलों से प्राप्त आपत्तियां एक अगस्त तक बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को भेजी जाएंगी। इसके बाद व्यक्तिगत या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई होगी। 10 अगस्त से स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर पर संशोधित रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी।

सरकार ने आठ अलग-अलग प्रारूपों में सूची जारी कर 31,685 शिक्षकों को सरप्लस चिह्नित किया है। इन शिक्षकों का समायोजन ऐसे विद्यालयों में किया जाना प्रस्तावित है, जहां शिक्षक नहीं हैं या केवल एक है। इसके खिलाफ प्रभावित शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शिक्षकों की ओर से दलील दी गई कि कई विद्यालयों में वरिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस घोषित किया जा रहा है, जबकि उनसे जूनियर शिक्षक वहीं तैनात हैं।

इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि किसी विद्यालय में पिछले पांच वर्षों के भीतर नियुक्त जूनियर शिक्षक कार्यरत हैं तो वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस घोषित किए जाने पर आपत्ति की जा सकती है। वहीं, पांच साल से अधिक समय पहले नियुक्त शिक्षकों के मामलों में फर्स्ट कम, फर्स्ट गो (वरिष्ठता के क्रम) का सिद्धांत लागू रहेगा, जैसा कि एकल पीठ ने अपने 22 मई 2026 के आदेश में निर्धारित किया था। 


सरप्लस शिक्षकों की सूची पर 27 जुलाई तक आपत्ति दाखिल करने का समय, अध्यापकों के समायोजन मामला हाई कोर्ट में अगली सुनवाई पांच अगस्त को, देखें कोर्ट ऑर्डर 

21 जुलाई 2026
प्रयागराज । प्राथमिक एवं जूनियर हाई स्कूलों में छात्र संख्या की कमी के कारण शिक्षकों के समायोजन और तैनाती को लेकर जारी सरप्लस शिक्षकों की सूची पर 27 जुलाई तक आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति स्वरूपम चतुर्वेदी की खंडपीठ ने सौरभ कुमार सिंह व छह अन्य की विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिया है। मामले में अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी।

एक अपील में अधिवक्ता महेश शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार प्रदेश भर में 31,685 शिक्षकों को सरप्लस के रूप में चिह्नित किया गया है। इन शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में तैनात करने की योजना है जहां या तो कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक ही शिक्षक तैनात है। सुनवाई के दौरान अपीलार्थियों की और से कहा गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत तय छात्र-शिक्षक अनुपात का सही पालन नहीं हुआ है और कई जगह सबसे वरिष्ठ शिक्षकों को ही सरप्लस घोषित किए जाने का खतरा है। 

कोर्ट ने शिक्षकों की चिंताओं और आपत्तियों के निष्पक्ष निपटारे के लिए विस्तृत समय-सारणी और दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि वेबसाइट पर जारी आठ सूचियों के डेटा में किसी भी प्रकार को त्रुटि है या किसी प्रभावित शिक्षक को आपत्ति है तो वे 27 जुलाई तक संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में आफलाइन माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बीएसए कार्यालय में आपत्तियों के लिए अलग रजिस्टर बनाया जाएगा और रिसीविंग दी जाएगी। आपत्तिकर्ता को रिसीव मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसकी फोटोकापी सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद को स्पीड पोस्ट से भेजनी अनिवार्य होगी। ऐसा न करने पर आपत्ति रद मानी जाएगी। सभी बीएसए कार्यालयों में दर्ज आपत्तियों को सूचीबद्ध कर एक अगस्त तक मूल रूप में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेजा जाएगा।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में पांच वर्ष से अधिक समय से शिक्षक तैनात हैं, वहां पहले आओ पहले जाओ यानी बरिष्ठता के आधार पर सरप्लस तय करने का नियम लागू रहेगा। पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई नियुक्तियाँ तबादलों (पारस्परिक या मैडिकल आधार दिव्यांग को छोड़कर) से जुड़ी आपत्तियों को अलग से चिह्नित किया जाएगा और उस पर अंतिम निर्णय हाई कोर्ट द्वारा ही लिया जाएगा। आपत्ति दर्ज कराते समय शिक्षक यह स्पष्ट कर सकते हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनबाई चाहते हैं।

🔴 हाईकोर्ट ऑर्डर 👇




प्रदेश में 16 हजार से अधिक एकल शिक्षक या बंद हुए विद्यालय,  बेसिक शिक्षा परिषद ने वेबसाइट पर जारी की इनकी सूची, आरटीई-पीटीआर के अनुसार शिक्षकों की कमी का ब्योरा भी

🔴 जारी अधिकृत सूचियां डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें

15 जुलाई 2026
लखनऊ। प्रदेश में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के करीब 16 हजार से ज्यादा विद्यालय या तो एकल शिक्षक वाले हैं या फिर बंद हैं। बेसिक शिक्षा परिषद ने हाईकोर्ट के निर्देश पर हाल ही में एकल व बंद विद्यालयों की 1300 से अधिक पेज सूची जारी की है।

परिषदीय विद्यालयों में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से तबादला प्रक्रिया की जा रही थी। इस बीच मामला हाईकोर्ट में चला गया। जहां हाईकोर्ट ने हर विद्यालय में दो-दो शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश के विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के साथ विभिन्न अन्य सूचनाएं भी मांग ली। इसके क्रम में परिषद की ओर से एक-एक कर सूचनाएं वेबसाइट पर जारी की जा रही हैं।

इसके तहत जहां प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 30 हजार शिक्षक सरप्लस घोषित किए गए हैं। वहीं एकल व बंद विद्यालयों की संख्या प्राथमिक स्तर 10 व उच्च प्राथमिक स्तर पर लगभग 06 कुल 16 हजार है। इसके साथ ही परिषद ने गैर सरप्लस शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची, प्राथमिक विद्यालयों में आरटीई-पीटीआर के अनुसार कितने शिक्षकों की कमी है और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आरटीई-पीटीआर के अनुसार कितने शिक्षकों की कमी है, इसकी भी सूची जारी की है। 



सरप्लस मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ में 20 जुलाई को सुनवाई होगी, सूची पर शिक्षक अधिवक्ता के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं आपत्ति

परिषदीय स्कूलों में 30 हजार शिक्षक सरप्लस, हाईकोर्ट के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सूची तैयार कर किया ऑनलाइन, करें यहां से डाउनलोड 

19 हजार प्राथमिक स्कूलों, उच्च प्राथमिक में 11 हजार शिक्षक सरप्लस

सरप्लस सूची पर शिक्षक अधिवक्ता के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं आपत्ति

14 जुलाई 2026
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में तकरीबन 30 हजार शिक्षक सरप्लस हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर अफसरों ने सूची तैयार की है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। सभी 75 जिलों में प्राथमिक स्तर पर तकरीबन 19 हजार और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में लगभग 11 हजार शिक्षक सरप्लस चिह्नित किए गए हैं। इसी सूची के आधार पर जिले के अंदर शिक्षकों का समायोजन होना है।

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी सरप्लस सूची पर शिक्षक अधिवक्ता के माध्यम से 17 जुलाई तक हाईकोर्ट में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। जिले के अंदर समायोजन का आदेश 14 नवंबर को जारी हुआ था और सरप्लस शिक्षकों की सूची दिसंबर में जारी हुई थी। इसी सूची के खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं कर दी थी। एकलपीठ ने डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला समिति को प्रत्यावेदन निस्तारण के आदेश दिए थे। उसके बाद मामला डबल बेंच में चला गया। अब इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में 20 जुलाई को सुनवाई होनी है।

सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी की गई है। मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ में 20 जुलाई को सुनवाई होगी। - सुरेंद्र तिवारी, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद



प्रदेश के 16986 स्कूलों में शिक्षकों की कमी, सरप्लस शिक्षकों को पदस्थापित करने के लिए मांगी गई विस्तृत जानकारी 

11 जुलाई 2026
लखनऊ। प्रदेश में 16986 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इन स्कूलों में दूसरे विद्यालयों के सरप्लस शिक्षकों को भेजा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग सरप्लस शिक्षकों को चिह्नित करने की कार्यवाही कर रहा है। हर स्कूल में न्यूनतम दो-दो शिक्षकों की तैनाती हाईकोर्ट के निर्देश पर करनी है। विभाग इसके लिए जिलों से डाटा जुटा रहा है। 

विभाग की ओर से हाल ही में जिलों को भेजे गए निर्देश में इसकी जानकारी देते हुए शिक्षकों से संबंधित जानकारी विस्तृत प्रोफार्मा पर मांगी है। प्रदेश में सड़क किनारे स्थित परिषदीय व उच्च प्राथमिक स्कूलों में काफी संख्या में शिक्षक तैनात हैं लेकिन दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी इनकी कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ाई कराई जा सके इसके लिए न्यूनतम दो-दो शिक्षकों की हर स्कूल में तैनाती की जाएगी। 

परिषदीय स्कूलों में 1.04 करोड़ छात्र हैं और लगभग 3.50 लाख शिक्षक हैं। ऐसे में 35 छात्र पर एक शिक्षक तैनात हैं। अगर 1.48 लाख शिक्षामित्रों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो 22 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात है। ऐसे ही उच्च प्राथमिक स्कूलों में 43.14 लाख छात्र हैं और 1.20 लाख शिक्षक हैं। ऐसे में यहां 35 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात है। 



हाईकोर्ट  के आदेश के बाद सरप्लस समायोजन में मांगी गई विस्तृत जानकारी

10 जुलाई 2026




हाईकोर्ट की सख्ती को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलों से 24 घंटे में सरप्लस शिक्षकों का ब्योरा किया तलब

04जुलाई 2026
लखनऊ। हाईकोर्ट की सख्ती को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से 24 घंटे में सरप्लस शिक्षकों और शून्य या एकल शिक्षक वाले स्कूलों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है। विभाग ने यह जानकारी 4 जुलाई तक ईमेल के माध्यम से उपलब्ध करान के निर्देश दिए हैं।

 हाईकोर्ट में इसकी अगली सुनवाई 6 जुलाई को है। इस संबंध में शुक्रवार को बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा है कि वह प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों, शून्य शिक्षक एकल शिक्षक वाले विद्यालयों का जिलेवार विवरण चार निर्धारित प्रारूपों में तैयार कर चार जुलाई तक ई-मेल से उपलब्ध कराएं।


सरप्लस शिक्षकों की सूची पर 27 जुलाई तक आपत्ति दाखिल करने का समय, अध्यापकों के समायोजन मामला हाई कोर्ट में अगली सुनवाई पांच अगस्त को, देखें कोर्ट ऑर्डर Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:42 AM Rating: 5

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