आंगनबाडी केन्द्रों का विद्यालयों के साथ को-लोकेशन एवं मैपिंग हेतु जनपद स्तरीय दिशा निर्देश के संबंध में

परिषदीय विद्यालय के साथ दोबारा होगी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग, स्कूल रेडीनेस, प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ उपलब्ध कराने का लक्ष्य 
 
लखनऊ। शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर बदलाव किया गया है। अब सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालयों के साथ दोबारा मैपिंग की जाएगी। इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर तथा शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर की परिधि में आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। इस नई व्यवस्था से बच्चों को स्कूल रेडीनेस, प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ उपलब्ध कराना है। अब तक विद्यालयों से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग की जाती थी। ऐसे केंद्रों को विद्यालय परिसर अथवा उससे जुड़े स्थानों पर संचालित कर बच्चों को सुविधाएं दी जाती है।

शासन ने इस दायरे का विस्तार कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तक की सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।इसके लिए हॉट कुक्ड मील पोर्टल के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों की मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को उसके सबसे निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों को शिक्षा और पोषण संबंधी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके। 

अब तक पोर्टल पर केवल आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं की लोकेशन दर्ज थी। नई प्रक्रिया के तहत संबंधित विद्यालय की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। साथ ही प्रत्येक केंद्र का यू-डायस कोड भी पोर्टल पर अंकित किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सके। 



परिषदीय विद्यालयों से होगी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग, ग्रामीण में एक किमी और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर तक होगी मैपिंग

सभी आंगनबाड़ी केंद्र अब प्राथमिक विद्यालयों से होंगे मैप, ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर दूर केंद्रों को भी मिलेगा पका भोजन

लखनऊ। प्रदेश में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के साथ की जाएगी। अभी परिषदीय स्कूलों से 200 मीटर दूर आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग की गई है। जबकि अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल से एक किलोमीटर दूर और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर दूर तक के आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग कर यहां भी पका पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टहार निदेशालय व महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने इसे लेकर संयुक्त आदेश जारी किया है। इसमें कहा गयाा है कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से हॉट कुक्कड मील पोर्टल तैयार किया गया है। इसमें को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों का ब्योरा दर्ज है। ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के परिसर में चल रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे में पोर्टल पर केवल को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों व बाल वाटिकाओं को फीड किया गया है, लेकिन उनकी मैपिंग किन विद्यालयों के साथ है इसका ब्योरा नहीं दर्ज है। अब इसमें यू-डायस कोड भी अंकित किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने यह प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। 



आंगनबाडी केन्द्रों का विद्यालयों के साथ को-लोकेशन एवं मैपिंग हेतु जनपद स्तरीय दिशा निर्देश के संबंध में


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