परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षिकाओं के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रणाली हेतु संशोधित आदेश और आवेदन पत्र का प्रारूप जारी, करें डाउनलोड

छह हजार परिषदीय शिक्षक तबादले के इंतजार में, दिव्यांग व शिक्षक दंपतियों ने किया था आवेदन 

लखनऊ: बेसिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय (जिले के बाहर) तबादले प्रमाण पत्रों की जांच में उलझ गए है। विशेष परिस्थितियों में किए जा रहे इन तबादलों के लिए बड़ी संख्या में बीमारी और विकलांगता के प्रमाण पत्र लगाए गए है। सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 20 जून तक सत्यापन करना था, लेकिन अभी सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है। जून की शुरुआत में अंतरजनपदीय तबादलों का आदेश जारी हुआ था। इसमें सभी बीएसए के स्तर से 16 जून तक आवेदन मांगे गए थे। सभी बीएसए को निर्देश दिए गए थे कि वे 20 जून तक दस्तावेज की जांच करके परिषद को भेज दें। इसके बावजूद अब तक लिस्ट जारी नहीं हो सकी है। इसकी वजह यह है कि बड़ी संख्या में लगाए गए प्रमाण पत्रों की अभी जांच नहीं हो पाई है। इस बारे में परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी का कहना है कि सत्यापन करके जल्द लिस्ट जारी की जाएगी।

8 जुलाई 2026
लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के छह हजार शिक्षकों को तबादले का इंतजार है। दिव्यांग, गंभीर रोगी व दंपत्ति शिक्षकों ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। दंपत्ति शिक्षकों के तो 11 साल बाद एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण किए जाने हैं। स्थानांतरण सूची जारी न होने से शिक्षक मायूस हैं।

परिषदीय स्कूलों के जिन शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है, अब वह तबादला सूची जारी न होने से परेशान हैं। स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों के बाद फिर से पढ़ाई शुरू हो गई है और अब तक स्थानांतरण को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ। तबादला सूची तैयार रखी है लेकिन वह जारी नहीं हो पा रही। स्कूल चलो अभियान के साथ-साथ विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए गतिविधियां भी शुरू होंगी। ऐसे में शिक्षकों को भय है कि कहीं उनका स्थानांतरण न फंस जाए। 

आवेदन के समय छात्र-शिक्षक अनुपात को लेकर दंपत्ति शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति रही। कई पति-पत्नी शिक्षकों ने आवेदन फॉर्म भी वापस ले लिए। वह भी दोबारा आवेदन फॉर्म जमा करने की मांग कर रहे थे लेकिन उनकी भी सुनवाई नहीं हो पाई।




दिव्यांगों के सत्यापन को लेकर परिषदीय शिक्षकों के तबादले में हो रही देरी, एकल व शून्य वाले विद्यालयों में होगी तैनाती

कई जिलों से नहीं मिला शिक्षकों का अभी पूरा डाटा भी

2 जुलाई 20226
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय - विद्यालयों में तबादले के लिए आवेदन करने वाले 6000 से अधिक शिक्षकों - को अभी और इंतजार करना होगा। शिक्षकों को उम्मीद थी कि जून अंत तक तबादला प्रक्रिया पूरी हो जाएगी - लेकिन विभाग को प्रक्रिया पूरी करने में - समय लग रहा है। जानकारी के - अनुसार सर्वाधिक समय दिव्यांगता से जुड़े आवेदनों के सत्यापन को लेकर ऊहापोह में जा रहा है।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में इस बार अपेक्षाकृत थोड़ा देरी से जून के पहले सप्ताह में एक से दूसरे जिले में तबादले की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके तहत शिक्षक के खुद, पति या पत्नी, - बच्चों के दिव्यांग होने, शिक्षक के खुद - या अविवाहित बच्चों के कैंसर से पीड़ित होने, शिक्षक के खुद या अविवाहित बच्चों के डायलिसिस पर होने, पति-पत्नी दोनों के शिक्षक होने की स्थिति में तबादले किए जा सकेंगे। इसके बाद शिक्षकों से जिलों में आवेदन लिए गए। आवेदन का सत्यापन करके बीएसए को इसे बेसिक शिक्षा परिषद को भेजना था। जानकारी के अनुसार अभी भी कुछ जिलों से आवेदन करने वाले शिक्षकों का पूरा डाटा नहीं मिला है। कुछ जगह से जो कागज आए हैं वो पढ़ने में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में उनसे दोबारा सत्यापित कागज मंगवाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या दिव्यांगता से जुड़े आवेदन को सत्यापित करने में आ रही है।

एक तो सबसे ज्यादा आवेदन भी इसके तहत ही आए हैं। दूसरे आवेदन के साथ लगाए गए प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी विभाग के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। विभाग जिला स्तर पर इनके सत्यापन कराने की तैयारी में है। जल्द ही इस पर निर्णय होगा। यही वजह है कि अभी तबादला प्रक्रिया पूरी करने में समय लग रहा है। विभाग के अधिकारी इसके लिए सीधी कोई तिथि नहीं बता पा रहे हैं। 

एकल व शून्य वाले विद्यालयों में होगी तैनातीः बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस तबादले में भी प्राथमिकता एकल व शून्य शिक्षक वाले विद्यालयों में तैनाती होगी। लगभग प्रदेश के 4000 स्कूल अभी भी एकल व शून्य शिक्षक वाले हैं। इन विद्यालयों में आस-पास के स्कूलों से शिक्षक भेजकर या संबद्ध कर पढ़ाई कराई जा रही है। ऐसे में इन विद्यालयों में नए सत्र में शिक्षकों की तैनाती प्राथमिकता है।



शिक्षक दंपती में जो करेगा आवेदन उसका ही किया जाएगा तबादला, शासन ने दूर किया भ्रम, छात्र-शिक्षक अनुपात की जिलावार सूची जारी

बेसिक शिक्षा में तबादले के लिए मिले 6000 आवेदन,  केवल आवेदन करने वाले शिक्षक का ही होगा तबादला,  25 जिलों में मानक से कम शिक्षक

24 जून 2026
लखनऊ/प्रयागराज। प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के एक से दूसरे जिल में तबादले की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। अब तक 6000 से ज्यादा शिक्षकों ने तबादले के लिए आवेदन किया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि दंपती मामले में केवल आवेदन करने वाले का ही तबादला किया जाएगा। दोनों में से किसी एक का नहीं।

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि चार जून को जारी शासनादेश में तबादले केलिए पांच बिंदु दिए गए हैं। इसमें यह स्पष्ट किया जा रहा है पति और पत्नी यदि दोनों बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में शिक्षक हैं। तो पति व पत्नी में से जिसके द्वारा तबादले के लिए आवेदन किया जाएगा, केवल उसी के तबादले पर विचार किया जाएगा।

आवेदन न करने वाले पति-पत्नी का तबादला नहीं किया जाएगा। बता दें कि पूर्व में जारी आदेश को लेकर शिक्षकों के बीच यह संदेश गया कि आवेदन के बाद जिस जिले का शिक्षक-छात्र अनुपात कम होगा, पति-पत्नी दोनों में से किसी को भी वहां भेजा जाएगा। इसकी वजह से काफी शिक्षकों ने तबादले के बाद अपना आवेदन भी निरस्त करा लिया था। इसके बाद भी सर्वाधिक आवेदन इसी के तहत हुए हैं। तबादले की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी होगी।

25 जिलों में मानक से कम शिक्षक

शासन ने प्रदेश के परिषदीय व कंपोजिट स्कूलों का पीपुल्स-टीचर्स रेशियो (पीटीआर) जारी किया गया है। इसमें श्रावस्ती में 71 छात्रों पर सिर्फ एक शिक्षक हैं। 25 जिलों में प्राथमिक स्तर पर 30 छात्रों पर एक शिक्षक के मानक से कम अध्यापक हैं। इटावा में 17 छात्रों पर एक शिक्षक है। मथुरा में 20 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। वहीं श्रावस्ती के अलावा बहराइच ऐसा जिला है, जहां पर 58 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। बदायूं में 50 छात्रों पर एक, संभल में 48 पर एक, लखीमपुर खीरी में 47 पर एक, सोनभद्र में 46 पर एक, बलरामपुर में 45 पर एक, पीलीभीत में 44 पर एक और मिर्जापुर में 42 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात हैं। यहां मानक से बहुत कम शिक्षक हैं। उधर, औरैया में 20 पर एक, कानपुर में 21 पर एक, बिजनौर, प्रतापगढ़ व वाराणसी में 23 पर एक, आगरा, सुल्तानपुर, उन्नाव, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, अयोध्या व आजमगढ़ में 24 पर एक, एटा में 27 पर एक, रायबरेली में 28 पर एक और रामपुर व सहारनपुर में 29-29 छात्रों पर एक शिक्षक है। यहां मानक के अनुसार शिक्षक ज्यादा हैं।



पति-पत्नी शिक्षक तो आवेदन करने वाले का ही तबादला, शासन ने जारी किया स्पष्टीकरण, जिलेवार शिक्षक-छात्र अनुपात भी जारी

लखनऊ: बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले को लेकर शासन ने नया स्पष्टीकरण जारी किया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा है कि यदि पति और पत्नी दोनों परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो केवल उसी शिक्षक के तबादले पर विचार किया जाएगा जिसने आवेदन किया होगा। ।। आवेदन न करने वाले पति या पत्नी का तबादला नहीं किया जाएगा।

शासन की ओर से यह निर्देश 4 जून को जारी अंतरजनपदीय स्थानांतरण संबंधी शासनादेश के क्रम में जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि स्थानांतरण के लिए निर्धारित पांचों मापदंड पहले ही स्पष्ट किए जा चुके हैं, लेकिन विभिन्न स्तरों पर उत्पन्न हो रही शंकाओं को देखते हुए यह स्थिति फिर से स्पष्ट की जा रही है।

विशेष परिस्थितियों में ही तबादले की अनुमतिः दरअसल, वर्तमान शैक्षिक सत्र 2026-27 में परिषदीय शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण को विशेष परिस्थितियों तक सीमित रखा गया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार जनगणना कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षक लगाए गए हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर तबादले किए जाने से जनगणना कार्य प्रभावित होने की आशंका है। इसी कारण शासन ने केवल विशेष परिस्थितियों में ही तबादले की अनुमति दी है। इनमें शिक्षक, उनके जीवनसाथी या अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने, कैंसर से पीड़ित होने अथवा डायलिसिस पर होने जैसी स्थितियां शामिल हैं। यूपी बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि संगठन की ओर से भी यह मांग की थी कि पति या पत्नी में एक का ही आवेदन के आधार पर तबादला किया जाए। अब स्पष्टीकरण जारी होने से भ्रम नहीं रहेगा।

अनुपात न जारी होने से था असमंजस
आदेश में कहा गया था कि पति-पत्नी दोनों के परिषदीय शिक्षक होने पर शिक्षक-छात्र अनुपात (पीटीआर) को ध्यान में रखते हुए किसी एक के स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है। लेकिन, शिक्षक-छात्र अनुपात जारी ही नहीं किया गया। इससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति थी कि अनुपात की जानकारी के अभाव में तबादला प्रभावित न हो जाए। NBT ने सोमवार के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शासन ने स्पष्टीकरण के साथ ही शिक्षक-छात्र अनुपात भी जिलेवार जारी कर दिया है। शासन ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक बेसिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को निर्देश दिया है कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करें।







छात्र-शिक्षक अनुपात जारी ही नहीं किया तो शिक्षकों को कैसे पता चले ?

लखनऊ: अंतरजनपदीय तबादलों के लिए जारी आदेश में कहा गया था कि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षक हैं और एक आवेदन करता है तो वहां छात्र-शिक्षक अनुपात न्यून होने पर ही तबादला किया जाएगा। आवेदन की तारीख बीत गई, लेकिन किसी भी जिले का छात्र-शिक्षक अनुपात जारी नहीं किया गया। विशेष परिस्थितियों में किए जा रहे इन तबादलों में इसी तरह की खामियों के कारण शिक्षक असमंजस में हैं। यह भी आशंका बढ़ रही है कि ऐसी ही खामियों के कारण कहीं तबादले फंस न जाएं।

अंतरजनपदीय तबादले: पति-पत्नी दोनों के शिक्षक होने पर एक जिले में तबादले के लिए शर्त तो रखी, लेकिन आकडे जारी नहीं किए

ये हैं तबादले की शर्तें: जनगणना की वजह से 31 मार्च 2027 तक सामान्य तबादलों पर रोक लगा दी गई है। चार जून को अपर मुख्य सचिव ने और फिर पांच जून को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने आदेश जारी किया। इसमें शिक्षक और उनके पुत्र-पुत्री के कैंसर पीड़ित होने, डायलिसिस पर होने और कम से कम 40% विकलांग होने पर ही तबादले किए जाएंगे। वहीं, एक अन्य बिंदु यह था कि पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं और जहां आवेदन किया जाता है, वहां छात्र-शिक्षक अनुपात न्यून होने पर ही तबादला किया जाएगा। इसके लिए 20 जून तक आवेदन मांगे गए। पति-पत्नी दोनों शिक्षक होने पर छात्र-शिक्षक अनुपात न्यून होने की शर्त तो रखी गई, लेकिन यह अनुपात जारी नहीं किया गया। पहले तो शिक्षक इंतजार करते रहे। जब आखिरी तारीख नजदीक आई तो अनुमान से उन्होंने आवेदन कर दिया। शिक्षकों का कहना है कि यदि अनुपात जारी किया जाता तो पति-पत्नी में से उसका आवेदन करते, जहां तबादले की संभावना है।

प्रमाण पत्रों पर भी सवाल
कैंसर या डायलिसिस की स्थिति में भी शिक्षकों ने साक्ष्य लगाए है। हाल ही में सिद्धार्थनगर में एक शिक्षिका के दस्तावेज फर्जी पाए गए है। बहराइच, देवरिया सहित कुछ जिलों ने गभीर बीमारी और विकलांगता के साक्ष्यों की जाच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। वहीं, कई जिलों ने इस बारे में अभी कोई पहल ही नहीं की है। इस तरह जिले अलग-अलग जांच करवाएंगे तो काफी वक्त लग सकता है। जिलों से जांच करवाने के बाद प्रदेश स्तर पर इनका परीक्षण होगा। तबादलो की आखिरी तारीख 30 जून है।

'जांच की अवधि तय हो'
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते है कि पारदर्शिता के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात जारी करना चाहिए था। सही जानकारी के अभाव में शिक्षको के आवेदन निरस्त होगे तो फिर विवाद खड़ा होगा और वे कोर्ट भी जा सकते है। प्रमाणपत्रों की जाच के लिए भी प्रदेशभर में तारीख तय करनी चाहिए ताकि निश्चित समय में जोच हो जाती। इस बारे में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी और डीजी स्कूल शिक्षा से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया और मेसेज भी भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।



आदेश के फेर में फंसा शिक्षक दंपतियों का अंतर्जनपदीय तबादला

लखनऊ । यूपी के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक दंपत्तियों का स्थानांतरण छात्र-अध्यापक अनुपात के कारण फंस गया है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से बीते चार जून को जो आदेश जारी किया गया, उसके बिंदु संख्या चार में स्पष्ट लिखा है कि यदि पति व पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों के शिक्षक हैं और उसमें से किसी ने भी तबादले के लिए आवेदन किया तो जहां पर शिक्षक-छात्र अनुपात कम होगा, उस जिले में उन दोनों में से किसी एक का स्थानांतरण किया जाएगा।

अब शिक्षक आरोप लगा रहे हैं कि जो आदेश जारी किया गया, उसमें लिखा गया कि यदि पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं और उनमें से किसी एक की ओर से आवेदन किया जाता है तो वांछित जनपद में यदि छात्र-शिक्षक अनुपात कम है तो उनका स्थानांतरण किया जा सकेगा। यहां यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पति या पत्नी दोनों का कम छात्र-शिक्षक अनुपात वाले जिलों में तबादला हो जाएगा।



परिषदीय शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के आवेदन हर हाल में 20 जून तक भेजने के निर्देश

प्रयागराज। परिषदीय शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के आवेदन हर हाल में 20 जून तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है।

पत्र में सचिव ने कहा है कि शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के लिए जारी नीति के क्रम में निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पूरा कराकर 20 जून तक भेजने के निर्देश पूर्व में हीदिए गए हैं। लिहाजा प्रत्येक आवेदन करने वाले की अलग-अलग पीडीएफ फाइल तथा जिले की सभी फाइल 20 जून की रात 12 बजे के पूर्व तक हर हाल में भेजना सुनिश्चित करें। किसी भी अन्य माध्यम या 20 जून की रात 12 बजे के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर किसी भी दशा में विचार नहीं किया जाएगा।


शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के अन्तर्जनदीय स्थानान्तरण के सम्बन्ध में निर्देश 

15 जून 2026





परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षिकाओं के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रणाली हेतु संशोधित आदेश और आवेदन पत्र का प्रारूप जारी,  करें डाउनलोड
 
08 जून 2026



परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक तबादले के लिए बीएसए के यहां करेंगे आवेदन, शासन के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए दिशानिर्देश

बीएसए 20 जून तक ऑनलाइन भेजेंगे आवेदनों की जानकारी

लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने 5 जून 2026 को परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, इच्छुक शिक्षक बीएसए कार्यालय में आवेदन करेंगे। बीएसए इन आवेदनों को 20 जून तक बेसिक शिक्षा परिषद को ऑनलाइन भेजेंगे।

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने तबादले के लिए कई शर्तें बताई हैं। शिक्षक या उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने पर तबादला संभव होगा। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी से न्यूनतम 40 फीसद दिव्यांगता का प्रमाण पत्र अनिवार्य है। कैंसर या डायलिसिस से पीड़ित होने पर भी तबादला किया जा सकेगा। सरकारी या निजी अस्पताल का प्रमाण पत्र देना होगा। यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो भी तबादला हो सकेगा। इसके लिए विवाह प्रमाण पत्र और सेवा संबंधी अन्य दस्तावेज आवश्यक होंगे।

आवेदन प्रक्रिया और शर्तें
अविवाहित पुत्र-पुत्री के लिए 100 रुपये के स्टांप पर शपथ पत्र देना होगा। सभी आवेदन परिषद की ईमेल interdistricttransfer2627@gmail.com पर 20 जून तक भेजे जाएंगे। अन्य किसी माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं होगा। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए सेवावधि की कोई बाध्यता नहीं होगी। शिक्षकों को स्वेच्छा से तबादला लेने का शपथ पत्र देना होगा और वे नए जिले में वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे होंगे।



जनगणना को ध्यान में रखकर होगा बेसिक शिक्षकों का एक से दूसरे जिले में तबादला, गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को मिलेगी वरीयता

लखनऊ। प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के एक से दूसरे जिले में तबादले जनगणना को ध्यान में रखते हुए चालू शैक्षिक सत्र 2026-27 में किए जाएंगे। यही वजह है कि इस बार सीमित शिक्षकों को ही तबादले का लाभमिल सकेगा। इसके लिए शासन ने बृहस्पतिवार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने जनगणना में लगे कार्मिकों के 31 मार्च 2027 तक तबादले न करने की अपेक्षा की है। बड़ी संख्या में शिक्षक भी जनगणना कार्य में लगे हैं। इस वर्ष विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण की अनुमति दी गई है।

उन्होंने बताया कि शिक्षक-शिक्षिका के खुद, उनके पति या पत्नी, अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने पर स्थानांतरण किया जा सकेगा। जिन शिक्षक व उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर होने या डायलिसिस पर होने की स्थिति में भी तबादले के आवेदन पर विचार किया जाएगा।

छात्र-शिक्षक अनुपात का रखा जाएगा ध्यान
उन्होंने बताया कि यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं तो छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए ऐसे जिले में तबादला किया जा सकेगा जहां शिक्षक-छात्र अनुपात कम होगा। उस जिले में उन दोनों में से किसी एक का तबादला किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त किसी विषम परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से तबादला किया जा सकेगा। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को निर्देश दिया है कि इस क्रम में आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करें।



शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिका के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के सम्बन्ध में




परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षिकाओं के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रणाली हेतु संशोधित आदेश और आवेदन पत्र का प्रारूप जारी, करें डाउनलोड Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:58 AM Rating: 5

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