शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज के साथ तबादले की भी सुविधा जल्द, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सभी जिलों में भी बढ़े मानदेय के बाद शिक्षामित्रों को समारोह आयोजित कर किया गया सम्मानित
शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज के साथ तबादले की भी सुविधा जल्द, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सभी जिलों में भी बढ़े मानदेय के बाद शिक्षामित्रों को समारोह आयोजित कर किया गया सम्मानित
डेढ़ लाख शिक्षामित्र परिवारों को हमारी सरकार ने संभाला – सीएम योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने नियमों के खिलाफ शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने की कोशिश की, जिसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि उस समय डेढ़ लाख परिवारों पर संकट आ गया था, क्योंकि ये लोग कई वर्षों से काम कर रहे थे। तब हमने मंत्रिमंडल में फैसला किया कि इनकी सेवाएं समाप्त नहीं करेंगे, बल्कि इनका सहयोग लेंगे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को बाबा योगिराज गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया और उन्हें बढ़े मानदेय का चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा के साथ ही पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल) की सुविधा का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ट्रेड यूनियन वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग देना होगा। शिक्षक या शिक्षामित्र केवल मांगों पर अड़े रहेंगे, नकारात्मक सोच रखेंगे, तो न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र को क्षति पहुंचाएंगे। सकारात्मक भाव के साथ कार्य करने वाले ही अच्छी पीढ़ी तैयार कर सकते हैं। योगी ने कहा कि सभी शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के पास मिलेगी तैनाती
सरकार ने शिक्षामित्रों को उनके जिले व नजदीकी विद्यालय में तैनाती देने की व्यवस्था की है। खासकर विवाहित महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के निकट विद्यालय में म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी।
सीएम योगी कल शिक्षामित्रों का सम्मान करेंगे, मानदेय वृद्धि के बाद 5 मई को जिलों में और प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम गोरखपुर में होगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उनके सम्मान को भी प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
इस पहल को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए पांच मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय के साथ लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों को अब उचित पहचान और संबल मिल रहा है।
शिक्षामित्रों को अप्रैल से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है और अब पांच मई को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री इसके औपचारिक शुभारंभ के साथ शिक्षामित्रों से संवाद भी करेंगे। सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के समानांतर सभी जनपदों में भी आयोजन कर इसे व्यापक रूप दिया जाएगा।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए लिया गया यह निर्णय अब पूरी तरह लागू हो चुका है। एक अप्रैल 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के तहत बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है।
मानदेय में वृद्धि और यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। गोरखपुर में होने वाला यह आयोजन शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
लाइव प्रसारण और व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किया जाएगा, जिससे प्रदेशभर के शिक्षामित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।
5 मई को शिक्षामित्रों को बढ़ा मानदेय वितरण का होगा औपचारिक शुभारम्भ, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगा राज्यस्तरीय सम्मान समारोह। जनपदीय आयोजन के लिए 2.5 लाख का बजट स्वीकृत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर के बीच 5 मई 2026 को एक भव्य राज्यस्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गोरखपुर के बाबा गोरखनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा, जहां शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के वितरण का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन के आदेश के तहत शिक्षामित्रों को अब 18,000 रुपये प्रतिमाह की दर से 11 माह का मानदेय प्रदान किया जाएगा, जिसका लाभ 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया है। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में शिक्षामित्रों के बीच उत्साह का माहौल है।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा। साथ ही, सभी जनपदों में भी इस अवसर पर समानांतर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करें और वहां बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई जाए। इसके अतिरिक्त, शिक्षामित्रों को मानदेय के प्रतीकात्मक चेक वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनप्रतिनिधियों के संबोधन का भी आयोजन किया जाएगा।
प्रत्येक जनपद को इस आयोजन के लिए 2.50 लाख रुपये तक की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि कार्यक्रम भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करें और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस आयोजन के माध्यम से न केवल शिक्षामित्रों के योगदान को सम्मानित किया जाएगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में उनके मनोबल को भी सशक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज के साथ तबादले की भी सुविधा जल्द, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सभी जिलों में भी बढ़े मानदेय के बाद शिक्षामित्रों को समारोह आयोजित कर किया गया सम्मानित
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
on
5:52 AM
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