सीएम योगी ने स्कूल चलो अभियान का वाराणसी से किया शुभारंभ, शिक्षकों के योगदान को सराहते हुए स्कूल ड्रॉपआउट को जीरो पर लाने का किया आह्वान

सीएम योगी ने स्कूल चलो अभियान का वाराणसी से किया शुभारंभ, शिक्षकों के योगदान को सराहते हुए स्कूल ड्रॉपआउट को जीरो पर लाने का किया आह्वान 


शिक्षकों के योगदान से स्कूलों में ड्रॉप आउट तीन फीसदी पर आया : योगी

सीएम ने कहा, 2017 से पहले की सरकार के एजेंडे में नहीं थी शिक्षा

05 अप्रैल 2026
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूलों में ड्रॉप आउट रेट 19 से अब 3 फीसदी पर आया है। इसे शून्य करने की जरूरत है। इसमें शिक्षकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। 2017 से पहले शिक्षा की स्थिति खराब थी। पहले की सरकार के एजेंडे में न तो शिक्षा थी, न सामान्य या किसी बच्चे के बारे में चिंता थी क्योंकि उनके लोग नकल कराते थे। नकल कराने के लिए आवश्यक था कि विद्यालयों में पठन-पाठन न हो, भले ही बच्चों के भविष्य पर इसका गलत असर पड़े। सीएम ने ये बातें शनिवार को वाराणसी में स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ के मौके पर कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्था से समाज की उन्नति नहीं होती है। राष्ट्र सशक्त नहीं होता है। समृद्धि की नई ऊंचाइयां नहीं प्राप्त की जा सकतीं। सामाजिक एवं आर्थिक समानता लानी है, सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में जमीनी स्तर पर उतारना है, तो सबको शिक्षित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं थे, वहां के लिए बजट का प्रावधान किया गया। बेसिक शिक्षा में दाखिला लेने पर बच्चे बच्चियों को 15 अप्रैल को पहले और 15 जुलाई को दूसरे चरण में निशुल्क ड्रेस, कॉपी-किताब दी जा रही है। बच्चों के बैंक अकाउंट में ही रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं। प्रदेश में 25 लाख बच्चियों को सुमंगला योजना का लाभ दिया गया है।

जब बच्चे निरक्षर होंगे, तो समाज निर्धन और प्रदेश बीमारु होगा
सीएम ने कहा कि शिक्षा की अलख घर-घर तक पहुंचाने के लिए 1 से 15 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान की शुरूआत की गई है। जब बच्चा साक्षर होता है, तो समाज का विकास होता है, प्रदेश समृद्ध होता है। लेकिन जब बच्चे निरक्षर होंगे, तो समाज निर्धन और प्रदेश बीमारु होगा। प्रत्येक विद्यालय में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट और पेयजल की समुचित व्यवस्था है।

यह बच्चों के भविष्य को संवारने का अभियान : संदीप सिंह
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि विद्या धन बांटने से बढ़ता है। स्कूल चलो अभियान मात्र एक अभियान नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने वाला अभियान है। पिछले 9 साल में परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदली है। 19 पैरामीटर में 97 फीसदी की उपलब्धि हासिल की गई जिससे बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों का विश्वास परिषदीय विद्यालयों के प्रति बढ़ा है। इससे ड्रॉप आउट रेट घटा है।



शिक्षा सिर्फ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं

सीएम योगी ने वाराणसी से शुरू हुए 'स्कूल चलो अभियान' के बारे में कहा

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने इसे जनांदोलन बनाने की मौके पर मौजूद लोगों से अपील की। इससे पहले उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियां पुस्तिका का विमोचन किया और विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिए।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मील योजना के तहत बने भोजन को अपने हाथों से परोसकर खिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति और समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चा स्कूल जाए, नियमित रूप से पढ़ाई करे और एक सशक्त नागरिक के रूप में विकसित हो। यदि कोई बच्चा स्कूल से बाहर है, तो यह केवल उस परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि उसे शिक्षा से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने स्कूल चलो अभियान के लिए शिक्षा विभाग को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 2017 में सरकार बनने पर 01 जुलाई को जब इस अभियान की शुरुआत की गई थी, तब उससे पहले कई जिलों में विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण किया। उस समय विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति थी, विद्यालय बंदी के कगार पर थे। एक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया था कि उनके विद्यालय में बच्चे लगातार कम हो रहे हैं, बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं, मात्र 10 बच्चे हैं, ये अगले सत्र में शायद ही आएं। तब मैंने पूछा कि ये बच्चे फिर कहां जा रहे हैं। तब उन्होंने बताया कि बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है, तो हमने कहा था कि पढ़ने में रुचि नहीं है या पढ़ाने की रुचि नहीं है। इन दोनों में अंतर है। बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाना हमारा काम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है। यह मनुष्य को मनुष्य बनाने, उसे संस्कारी बनाने, समाज और राष्ट्र को गढ़ने का सशक्त माध्यम है।


पहले की सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले शिक्षा की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि पहले की सरकार के एजेंडे में न तो शिक्षा थी, न सामान्य या किसी बच्चे के बारे में चिंता थी, क्योंकि उनके लोग नकल कराते थे। नकल कराने के लिए उनके लिए आवश्यक था कि विद्यालयों में पठन-पाठन न हो, भले ही बच्चों के भविष्य पर इसका गलत असर पड़े। उन्हें कोई चिंता नहीं थी, उनका काम चलता था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्था से समाज का उन्नयन नहीं होता है। राष्ट्र सशक्त नहीं होता है। समृद्धि की नई ऊंचाइयां प्राप्त नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक समानता लानी है, सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में जमीनी स्तर पर उतारना है, तो हम सबको शिक्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट रेट 19 से अब 3 फीसदी पर आ गया है। उन्होंने इसे शून्य किए जाने हेतु शिक्षकों से अपील की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 80 हजार करोड़ से अधिक धनराशि बेसिक शिक्षा पर व्यय की जा रही है। जहां पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं थे, वहां उन ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय खोलने की व्यवस्था इस बार बजट में की गई है। बेसिक शिक्षा में दाखिला होने पर बच्चे बच्चियों को दो बार, क्रमशः 15 अप्रैल को प्रथम और 15 जुलाई को द्वितीय चरण में निःशुल्क ड्रेस, पाठ्य पुस्तक आदि सामग्री दी जा रही है





सीएम आज वाराणसी से करेंगे स्कूल चलो अभियान की शुरुआत, सभी जिलों और विद्यालयों में किया जाएगा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

03 अप्रैल 2026
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में एक अप्रैल से नया सत्र 2026-27 शुरू हुआ है। इस क्रम में एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक पहले चरण में स्कूल चलो अभियान चलना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह 9.30 वाराणसी के कंपोजिट विद्यालय, शिवपुर से इस अभियान विधिवत शुरुआत करेंगे।

इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन व मुख्यमंत्री के विभिन्न सोशल मीडिया माध्यम से किया जाएगा। साथ ही सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में भी यह कार्यक्रम किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन आदि की सहभागिता होगी। सभी बीआरसी पर ब्लॉक प्रमुख व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में, विद्यालयों में ग्राम प्रधान व आम लोगों के साथ इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा जाएगा।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक व शिक्षकों को इसके लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक ने यह भी कहा है कि सीएम के कार्यक्रम के समापन के बाद जिलों में, बीआरसी व विद्यालयों के द्वारा अभियान के लिए रैली भी निकाली जाए। 



सीएम योगी ने स्कूल चलो अभियान का वाराणसी से किया शुभारंभ, शिक्षकों के योगदान को सराहते हुए स्कूल ड्रॉपआउट को जीरो पर लाने का किया आह्वान Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 7:41 AM Rating: 5

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