20 जून तक कक्षा 3 से 5 के लिए दक्षताओं और लक्ष्यों को अनुमोदन के लिए जायेगा भेजा, निपुण भारत मिशन को अब कक्षा पांच तक करने की तैयारी

कक्षा 3 से 5 में चार प्रमुख विषयों के लिए तय होंगी नई दक्षताएं, 20 जून तक अंतिम रूप पाएगा नया शैक्षणिक ढांचा

20 जून तक कक्षा 3 से 5 के लिए दक्षताओं और लक्ष्यों को अनुमोदन के लिए जायेगा भेजा, निपुण भारत मिशन को अब कक्षा पांच तक करने की तैयारी

अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के सामने प्रस्तुत की गई कार्य योजना

7 जून 2026
लखनऊ। प्रदेश में बुनियादी शिक्षा में सुधार के तहत निपुण भारत मिशन को अब कक्षा पांच तक करने की तैयारी है। इससे बच्चों की आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत किया जा सकेगा। इसके लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों के लिए नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं तय की जा रही हैं।

कार्ययोजना के अनुसार इन दक्षताओं और लक्ष्यों को 20 जून तक अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए पेश किया जाएगा। हाल में यह कार्ययोजना अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा के सामने प्रस्तुत की गई। 


बैठक में निपुण भारत मिशन के विस्तार कक्षा 3 से 5 तक करने, अधिगम लक्ष्यों के निर्धारण, शिक्षक परामर्श प्रक्रिया तथा क्रियान्वयन रणनीति की प्रगति की चर्चा की गई। इसी आधार पर रूपरेखा को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में अभी कक्षा 1 और दो में निपुण भारत मिशन चल रहा है। इसके माध्यम से बच्चों की सीखने की मजबूत बुनियाद की जा रही है। इसी क्रम में निपुण भारत मिशन का विस्तार कर कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने का प्रयास है।

हिंदी-गणित के लिए तैयार हुए प्रारूप

हिंदी और गणित विषयों के लिए प्रारूप अधिगम लक्ष्य तैयार किए गए हैं। आगामी चरण में अंग्रेजी और ईवीएस विषयों के लिए भी लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इनके माध्यम से बच्चों की कक्षावार सीखने की उपलब्धियों को परिभाषित किया जाएगा।




यूपी में अब कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए भी तैयार होंगे सीखने के लक्ष्य

यूपी में कक्षा 3 से 5 के लिए बनेगा नया शैक्षिक रोडमैप, शासन स्तर पर समिति गठित


18 मई 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में “निपुण भारत मिशन” को और प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए सीखने के लक्ष्यों, मूल्यांकन व्यवस्था और शैक्षिक गतिविधियों को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

16 मई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-FS) के तहत निपुण भारत मिशन का क्रियान्वयन प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक किया जा रहा है। अब इसी क्रम में कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों के लिए भी लक्ष्य आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

इसके लिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, शैक्षिक विशेषज्ञों, जिला स्तरीय अधिकारियों और पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह कक्षा 3 से 5 तक के लिए विषयवार लक्ष्य, सीखने की सूचियां, मूल्यांकन प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन की रूपरेखा तैयार करे।

पत्र के अनुसार समिति को यह भी तय करना होगा कि प्रस्तावित कार्यक्रम को मिशन मोड में लागू करने के लिए किन संसाधनों और व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी। साथ ही, विद्यार्थियों में अपेक्षित दक्षताओं की प्राप्ति के लिए प्रभावी रणनीति भी तैयार की जाएगी। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि गठित समिति को दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और निपुण भारत मिशन को कक्षा 2 से आगे भी मजबूत आधार मिलेगा।

शिक्षा विशेषज्ञ इस पहल को नई शिक्षा नीति के जमीनी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे केवल रटने की संस्कृति पर नहीं, बल्कि बच्चों की वास्तविक समझ, भाषा दक्षता और गणितीय क्षमता के विकास पर अधिक जोर दिया जाएगा।


20 जून तक कक्षा 3 से 5 के लिए दक्षताओं और लक्ष्यों को अनुमोदन के लिए जायेगा भेजा, निपुण भारत मिशन को अब कक्षा पांच तक करने की तैयारी Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 7:16 AM Rating: 5

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