शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 62 वर्ष किये जाने के सम्बन्ध में शासन स्तर पर प्राप्त विभिन्न पत्रों के सम्बन्ध में मांगी गई आख्या

1.43 लाख शिक्षामित्रों की रिटायरमेंट उम्र 62 हो सकती है, BSA से मांगे सुझाव; 26 लोगों ने सरकार को लिखा था लेटर


यूपी में शिक्षा मित्रों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। कई शिक्षा मित्रों ने सहायक शिक्षकों की तरह सेवा विस्तार देने की मांग शासन से की थी। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने संबंधित बीएसए से सुझाव मांगे हैं।

अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 21 मई को औरैया, बस्ती, बलिया, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली, जौनपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर समेत कई जिलों के बीएसए को पत्र भेजा है। इसमें 60 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षा मित्रों के सेवाकाल बढ़ाने पर राय मांगी गई है। यूपी में 1.43 लाख शिक्षा मित्र हैं। 1 अप्रैल से शिक्षा मित्रों का मानदेय मौजूदा सरकार ने 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 मई को एक समारोह में शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के चेक सौंपे थे। सहायक शिक्षकों की तर्ज पर मांग शिक्षा मित्रों की नियुक्ति आदेश में 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर रिटायरमेंट देने का जिक्र है। 26 शिक्षा मित्रों ने शासन को पत्र लिखा।

 उन्होंने तर्क दिया है कि सहायक शिक्षकों को भी पहले 60 वर्ष की आयु में रिटायर किया जाता था। शासन ने उन्हें सेवा विस्तार देते हुए अब 62 वर्ष की आयु में रिटायर करने का नियम बनाया है। शिक्षा मित्र भी सहायक शिक्षक की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में उनके रिटायरमेंट की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जानी चाहिए।

 इन 26 शिक्षा मित्रों ने लिखा लेटर गोंडा से इमरा खातून, लखनऊ से अंजू द्विवेदी, उन्नाव से निजामुद्दीन, अंबेडकर नगर से कौशिल्या, जौनपुर से गायत्री सिंह, हाथरस से देवेंद्र कुमार, लखनऊ बीकेटी से सीमा मिश्रा ने शासन को लेटर लिखा है। इनके अलावा लखीमपुर खीरी से शारदा प्रसाद, गोंडा से रामनाथ सिंह, बदायूं से नाजिम अली, ललितपुर से शशि प्रभा, शाहजहांपुर से सुरेश चंद, कानपुर देहात से देवकी देवी, महाराजगंज से रामजतन प्रसाद, फिरोजाबाद से शांता देवी, मुरादाबाद से ईश्वर सिंह, जौनपुर से हिरावती, शिकोहाबाद से लाखन सिंह, गोंडा से उर्मिला, बदायूं से राजपाल, बस्ती से राजेंद्र, जौनपुर से राजेश कुमार, हमीरपुर से लालमन, औरैया से प्रेमवती और महाराजगंज से हरिप्रकाश शामिल हैं। इन शिक्षा मित्रों ने कहा कि उनकी तरह कई अन्य शिक्षा मित्र भी हैं, जो 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले हैं।



शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाये जाने के बाद अब उनकी आयु सीमा बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर हलचल तेज

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किए जाने के बाद अब उनकी आयु सीमा बढ़ाने को लेकर भी शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है। फिलहाल शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सेवा अवधि 60 वर्ष निर्धारित है, लेकिन लंबे समय से इसे 62 वर्ष करने की मांग उठ रही है।

इसी मांग को लेकर शासन को मिले विभिन्न प्रत्यावेदनों और पत्रों के आधार पर अब कई जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। राज्य परियोजना कार्यालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जनपद से जुड़े मामलों की आख्या तत्काल ई-मेल के माध्यम से भेजें।

अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 की ओर से इस संबंध में पत्र भेजे गए थे। इन पत्रों के साथ शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 62 वर्ष करने की मांग से जुड़े प्रत्यावेदनों की सूची भी भेजी गई थी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

इसके बाद अब औरैया, बस्ती, बलिया, ललितपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, मुरादाबाद, जौनपुर, बिजनौर, महाराजगंज, बदायूं, फिरोजाबाद, मऊ, उन्नाव, लखनऊ, मथुरा, रायबरेली, गोंडा, अंबेडकर नगर, हाथरस, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हमीरपुर समेत कई जिलों के बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। शासन स्तर पर लगातार पत्राचार होने से शिक्षामित्रों की सेवा अवधि बढ़ाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 62 वर्ष किये जाने के सम्बन्ध में शासन स्तर पर प्राप्त विभिन्न पत्रों के सम्बन्ध में मांगी गई आख्या




शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 62 वर्ष किये जाने के सम्बन्ध में शासन स्तर पर प्राप्त विभिन्न पत्रों के सम्बन्ध में मांगी गई आख्या Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 10:29 PM Rating: 5

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