मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों के नियमित अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में।
सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का 18 महीने में पूरा होगा निर्माण, गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डीएम की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन
लखनऊ। प्रदेश में प्री प्राइमरी से कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में पढ़ाई कराने के लिए हर जिले की दो तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इन विद्यालयों के निर्माण के लिए शासन ने 18 महीने की समय सीमा निर्धारित की है। साथ ही डीएम की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को प्री प्राइमरी से कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी व भविष्य के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए इन विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पर स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशाला, डिजिटल पुस्तकालय, आईसीटी लैब, खेल सुविधाएं व कौशल विकास से जुड़ी व्यवस्था होगी।
इसके साथ ही सीएम अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों का भी निर्माण कराया जा रहा है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इन विद्यालयों के समय से गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा कराने के लिए डीएम की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें सीडीओ, डीएम द्वारा नामित दो अभियंता, डीआईओएस, बीएसए व वित्त एवं लेखाधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों के नियमित अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में।
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Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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