सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बम्पर भर्तियों के बाद भी शिक्षकों के बहुत पद खाली, शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य हो रहा प्रभावित

सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बम्पर भर्तियों के बाद भी शिक्षकों के 22 हजार से ज्यादा पद खाली हैं।  बेसिक शिक्षा परिषद के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के मौजूदा ब्यौरे के बाद यह तथ्य सामने आया है। संतकबीर नगर, मऊ, शामली, गाजियाबाद, रायबरेली में सृजित पदों से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। वहीं डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिले ऐसे हैं जहां शिक्षकों की ज्यादा कमी है। ग्रामीण क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 4 लाख से ज्यादा पद सृजित हैं और इन पर साढ़े तीन लाख से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। 



शिक्षकों के 46560 पर रिक्त हैं और इन पर 12540 सहायक अध्यापक, 4000 उर्दू शिक्षक, 6500 प्रशिक्षु शिक्षकों की तैनाती की कार्रवाई चल रही है। संतकबीर नगर ऐसा जिला है जहां 900 शिक्षक सरप्लस हैं। मऊ और रायबरेली में 500 से ज्यादा शिक्षक सरप्लस हैं। वहीं गाजीपुर, बांदा, सुलतानपुर, महाराजगंज, रामपुर, सोनभद्र, बहराइच, बलरामपुर, हरदोई, कुशीनगर, लखीमपुर, गोण्डा, जौनपुर, बदायूं, सीतापुर ऐसे जिले हैं जहां शिक्षकों की अत्याधिक कमी है। सीतापुर में 3 हजार से ज्यादा शिक्षकों की कमी है वहीं बदायूं व जौनपुर में 2 हजार से ज्यादा शिक्षक कम हैं। पिछली भर्तियों में सीतापुर व लखीमपुर में 6-6 हजार पद थे इसके बावजूद अब भी यहां शिक्षकों की कमी है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।


सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बम्पर भर्तियों के बाद भी शिक्षकों के बहुत पद खाली, शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य हो रहा प्रभावित Reviewed by प्रवीण त्रिवेदी on 9:37 AM Rating: 5

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