बेसिक शिक्षा : न बनी नियमावली और न बदले जा सके पटल, एक साल बाद भी जिम्मेदार नहीं हटा सके वर्षों से जमे बाबूओं को

बेसिक शिक्षा : न बनी नियमावली और न बदले जा सके पटल,  एक साल बाद भी जिम्मेदार नहीं हटा सके वर्षों से जमे बाबूओं को


लखनऊ। बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में लंबे समय से एक ही पटल पर जमे बाबुओं को हटाने की कार्यवाही एक साल बाद भी नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी न तो बाबुओं को एक जिले से दूसरे जिले में तबादला करने की नियमावली बनी और न ही सभी जिलों में पटल बदले गए। 


मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गत वर्ष आनन-फानन में बाबुओं का तबादला तो शुरू किया गया था, लेकिन जारी पहली सूची को ही अगले दिन रोक दिया गया था। इसके बाद विभाग ने सभी जिलों से वर्षों से एक ही सीट पर जमे बाबुओं का ब्योरा मांगा। जिलों से मिली रिपोर्ट में पता चला कि जिलों में बाबू एक ही सीट पर दस साल से भी अधिक समय से जमे हैं। 


बेसिक शिक्षा महानिदेशालय ने सभी बीएसए को पत्र लिखकर बाबुओं का पटल बदलने के निर्देश भी दिए, लेकिन बीएसएफ और खंड शिक्षा अधिकारियों ने बाबुओं की कमी होने और काम प्रभावित होने का बहाना बनाकर पटल तक नहीं बदला। 
बेसिक शिक्षा : न बनी नियमावली और न बदले जा सके पटल, एक साल बाद भी जिम्मेदार नहीं हटा सके वर्षों से जमे बाबूओं को Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 7:15 AM Rating: 5

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