चहक कार्यक्रम के आयोजन हेतु प्रति प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय 2700₹ का बजट जारी, विस्तृत निर्देश देखें

चहक कार्यक्रम के आयोजन हेतु प्रति प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय 2700₹ का बजट जारी, विस्तृत निर्देश देखें।

CHAHAK : UP’s Parent-Teacher Festival: यूपी में चहक की शुरुआत दिवाली बाद

ये उत्सव एक अभिभावक-शिक्षक उत्सव की नई पहल है. आइए जानते है इसका मकसद और इसके फायदों के बारे में.

चहक उत्सव के जरिए अभिभावकों के सामने होगा बच्चों के अर्जित ज्ञान का प्रस्तुतीकरण


माता-पिता को शिक्षक स्कूल में अपने बच्चे द्वारा की गई प्रगति के बारे में जानकारी दी जाएगी। बच्चे अपने अर्जित ज्ञान का प्रदर्शन भी उसी समय करेंगे।

 इसका मकसद बच्चे की प्रगति में माता-पिता को शामिल करना है। माता-पिता को छात्रों की उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा, माता-पिता के सामने बच्चे भाषा कौशल जैसे कविता पाठ, कहानी, रोल प्ले आदि से संबंधित प्रदर्शन भी होंगे। इस पहल में शिक्षक के साथ नियमित रूप से बच्चे की प्रगति पर चर्चा करने वाले माता-पिता को सम्मानित किया जाएगा। इसमें स्कूल में नामांकित सभी बच्चे और उनके माता-पिता शामिल होंगे.


लखनऊ। अब परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक व प्री प्राइमरी के बच्चों का क्लासरूम प्रस्तुतीकरण होगा। वहीं ऐसे अभिभावकों को सम्मानित भी किया जाएगा जो शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चे की प्रगति के बारे में जानकारी लेते हों।

 बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। इस चहक उत्सव कार्यक्रम के तहत अभिभावकों के सामने बच्चों द्वारा कविता पाठ, कहानी सुनाना, रोल प्ले आदि का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा खेल, विज्ञान से संबंधित गतिविधियां और 1 से 10 की संख्या से संबंधित विभिन्न पैटर्न की पहचान करेंगे। इसके अलावा अभिभावकों व बच्चों के साथ खेल का आयोजन भी होगा मसलन रिले या नींबू रेस आदि। इस कार्यक्रम में कक्षा एक प्री प्राइमरी में नामांकित बच्चों को शामिल किया जाएगा।


CHAHAK, UP’s Parent-Teacher Festival: उत्तर प्रदेश में राज्य के बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है. ये नई पहल त्योहार के रूप में मनाई जाएगी.  आयोजित किए जा रहे इस त्योहार का नाम 'चहक' (CHAHAK) है. जिसे दिवाली के बाद मनाया जाएगा.


 नई पहल, 'चहक- चिल्ड्रन हैप्पीनेस इन एंबियंस एंड एक्वायरिंग नॉलेज' ( Children Having Happiness in Ambience and Acquiring Knowledge) एक तरह की अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी, जिसमें माता-पिता को शिक्षकों द्वारा स्कूल में अपने बच्चे द्वारा की गई प्रगति के बारे में जानकारी दी जाएगी. बच्चे अपने अर्जित ज्ञान का प्रदर्शन करेंगे.



क्या है इस नई पहल का मकसद?

बेसिक एजुकेशन के प्रधान सचिव दीपक कुमार ने कहा, इसका मकसद बच्चे की प्रगति में माता-पिता को शामिल करना है. माता-पिता को छात्रों की उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा. माता-पिता के सामने बच्चों द्वारा भाषा कौशल जैसे कविता पाठ, कहानी, रोल प्ले आदि से संबंधित प्रदर्शन भी होंगे. स्कूल में बच्चों के लिए क्विज और गेम्स का आयोजन होगा. इस पहल में शिक्षक के साथ नियमित रूप से बच्चे की प्रगति पर चर्चा करने वाले माता-पिता को सम्मानित किया जाएगा. इसमें स्कूल में नामांकित सभी बच्चे और उनके माता-पिता शामिल होंगे. 


भारत के मिशन का हिस्सा है चहक

'चहक' शिक्षा योजना के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए 'निपुण' भारत मिशन का हिस्सा है. अधिकारी ने कहा, प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के लिए बुनियादी ज्ञान होना जरूरी है. निपुण भारत मिशन शिक्षकों को एक अध्ययन योजना तैयार करने का निर्देश देता है, जो छात्रों के साहित्यिक और बुनियादी भाषा कौशल को विकसित करता है.














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चहक कार्यक्रम के आयोजन हेतु प्रति प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय 2700₹ का बजट जारी, विस्तृत निर्देश देखें Reviewed by sankalp gupta on 4:11 PM Rating: 5

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