यू-डायस 2026-27 में अंकित शिक्षक / शिक्षामित्र / अनुदेशक / शिक्षणेत्तर कर्मियों की संख्या तथा मानव सम्पदा पोर्टल पर अंकित शिक्षक/शिक्षामित्र / अनुदेशक की संख्या में भिन्नता के सम्बन्ध में
मानव संपदा और यू-डायस किसके आंकड़े सही? महानिदेशक ने आंकड़ों का मिलान कराने के दिए निर्देश
लखनऊ । यू-डायस 2026-27 पर दर्ज परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षणेत्तर कर्मियों की संख्या, मानव संपदा पोर्टल पर अंकित शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों की संख्या का मिलान करने पर कई विद्यालयों में भिन्नता पाई गई हैं। निदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर दोनों पोर्टल पर दर्ज विवरणों का गंभीरता से सत्यापन करने व जिन कार्मिकों का नाम किसी एक पोर्टल पर दर्ज है, लेकिन दूसरे पर नहीं है, अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
शिक्षकों की संख्या और यू-डायस पर दर्ज शिक्षकों के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनका विवरण एक पोर्टल पर सक्रिय है, लेकिन दूसरे पोर्टल से गायब है। आंकड़ों में यह असमानता विभाग के लिए चिंता का कारण बन गई है। शासन स्तर पर शिक्षकों की तैनाती, पदों के निर्धारण और विभिन्न विभागीय योजनाओं की रूपरेखा वास्तविक कार्मिक संख्या के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे में दोनों पोर्टल पर अलग-अलग आंकड़े होने से न सिर्फ नियोजन प्रभावित हो सकता है, बल्कि भविष्य में प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को मानव संपदा पोर्टल और यू-डायस के आंकड़ों का मिलान कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 15 दिन की समय सीमा तय की गई है। अधिकारियों को दोनों पोर्टल पर दर्ज शिक्षकों के विवरण की बारीकी से जांच कर वजह तलाशने और संशोधन कराने को कहा गया है।
यू-डायस और मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के आंकड़ों में मिला अंतर, 15 दिनों में संशोधन के कड़े निर्देश
डेटा में भिन्नता उजागर: यू-डायस (U-DISE) 2026-27 और मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व शिक्षणेत्तर कर्मियों की संख्या में अंतर पाया गया है।
15 दिन की समय-सीमा: महानिदेशक, स्कूल शिक्षा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को विद्यालयवार विवरण का सत्यापन कर 15 दिनों में अपडेशन/संशोधन पूरा करने का आदेश दिया है।
डेटा में एकरूपता का लक्ष्य: आदेश का उद्देश्य यू-डायस और मानव संपदा दोनों पोर्टल्स पर कर्मियों की कुल संख्या व प्रोफाइल में शत-प्रतिशत एकरूपता सुनिश्चित करना है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के विवरण में दो अलग-अलग सरकारी पोर्टल्स पर भिन्नता सामने आई है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा प्रदेश के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
आदेश पत्र के अनुसार, यू-डायस 2026-27 के ‘टीचर मॉड्यूल’ में भरे जा रहे विवरण का जब मानव संपदा पोर्टल के आंकड़ों से मिलान किया गया, तो दोनों पोर्टल्स पर दर्ज शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षणेत्तर कर्मियों की कुल संख्या में अंतर पाया गया।
महानिदेशक ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी बीएसए को निर्देशित किया है कि वे विद्यालयवार टीचर प्रोफाइल और मानव संपदा पोर्टल के डेटा का गहन परीक्षण कराएं। किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर 15 कार्यदिवसों के भीतर आवश्यक संशोधन व अपडेशन सुनिश्चित करें, ताकि दोनों पोर्टल्स पर शिक्षक संख्या व विवरण पूरी तरह समान हो सके। साथ ही मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यू-डायस 2026-27 में अंकित शिक्षक / शिक्षामित्र / अनुदेशक / शिक्षणेत्तर कर्मियों की संख्या तथा मानव सम्पदा पोर्टल पर अंकित शिक्षक/शिक्षामित्र / अनुदेशक की संख्या में भिन्नता के सम्बन्ध में।
यू-डायस 2026-27 में अंकित शिक्षक / शिक्षामित्र / अनुदेशक / शिक्षणेत्तर कर्मियों की संख्या तथा मानव सम्पदा पोर्टल पर अंकित शिक्षक/शिक्षामित्र / अनुदेशक की संख्या में भिन्नता के सम्बन्ध में
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:33 AM
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