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यूपी : दिसम्बर में एक और टीईटी

  •  शिक्षा मंत्री का अफसरों को जरूरी तैयारी करने का निर्देश
लखनऊ। प्रदेश के बीटीसी व बीएड अभ्यर्थियों के लिए है खुशखबरी। प्राथमिक स्कूलों में भर्ती के लिए दिसम्बर में एक और अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) करायी जाएगी। विभागीय शिक्षा मंत्री ने इस बाबत अफसरों को जरूरी तैयारी के निर्देश दे दिये हैं। दिसम्बर में होने वाली टीईटी के लिए भी शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा। टीईटी का शुल्क सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 300 व एससी-एसटी के लिए 150 रुपये रखा जाएगा। विकलांगों के लिए नि:शुल्क आवेदन की व्यवस्था बहाल होगी। टीईटी के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने कवायद शुरू कर दी है, लेकिन अफसरों को गत दिनों हुई टीईटी के रिजल्ट का इंतजार है। परिषद के आला अफसरों का कहना है कि सैद्धान्तिक सहमति बन गयी है, लेकिन एक टीईटी का रिजल्ट आने के बाद शासन से अगली टीईटी की अनुमति मांगी जाएगी। उल्लेखनीय है कि टीईटी बेहद चुनौती भरा काम हो गया है। टीईटी की पहली परीक्षा कराने का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा परिषद ने लिया। परीक्षा निपट गयी, लेकिन भर्ती के फर्जीवाड़ा में आये तत्कालीन निदेशक को नौकरी के अंतिम दिन जेल में बिताने पड़े। इसके बाद टीईटी परीक्षा की कमान एससीईआरटी ने संभाली। वह एक परीक्षा आयोजितभी करा चुका है, इसका रिजल्ट आना है। इसी बीच विभाग को इसी कैलेण्डर वर्ष में एक और परीक्षा कराने के लिए कह दिया गया है। टीईटी कराने में यूपी भले ही अग्रणी हो गया है, लेकिन इस परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों के लिए अभी तक नौकरी की राह नहीं खुल पायी है। जल्दी-जल्दी पात्रता परीक्षा कराने के सवाल पर यहां के निदेशक ने कहा कि जब हर वर्ष बीटीसी व बीएड अभ्यर्थी निकल रहे हैं तो हमें टीईटी कराना ही पड़ेगा, ताकि शिक्षकों के लिए अर्ह अभ्यर्थियों की कमी न पड़े। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में करीब तीन लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए पिछले दो वर्ष से प्रयास किये गये, लेकिन सरकार कामयाब नहीं हो पायी। पहली बार शिक्षक भर्ती में इसी टीईटी का पेंच फंसा तो दूसरी बार फिर शुरू की गयी भर्ती का मामला भी हाईकोर्ट में लम्बित है। अफसरों का कहना है कि एक बार भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गयी तो हमारे पास अभ्यर्थियों की कमी नहीं रहेगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी को अर्हता में शामिल कर दिया है। इसके बाद से शिक्षक पदों पर भर्ती सिर्फ बीटीसी व बीएड कर चुके टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की होगी। टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों के लिए विभाग की ओर से जारी होने वाला प्रमाणपत्र पांच वर्ष के लिए मान्य है, लेकिन हर छह महीने पर टीईटी परीक्षा आयोजित कर नये बीटीसी व बीएड अभ्यर्थियों को मौका दिया जा सकेगा। (साभार-:-राष्ट्रीय सहारा)


यूपी : दिसम्बर में एक और टीईटी Reviewed by Brijesh Shrivastava on 9:26 am Rating: 5

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