हफ्ते में एक दिन ‘नो-बैग डे’, खेल-खेल में सीखेंगे सबक, आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूलों में जाएगा बदला

हफ्ते में एक दिन ‘नो-बैग डे’, खेल-खेल में सीखेंगे सबक, आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूलों में जाएगा बदला

आँगनबाड़ी और प्राथमिक स्कूलों के मध्य स्थापित हो समन्वय, NEP 2020 को लागू करने हेतु टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षा विभाग की एकीकृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश


नई शिक्षा नीति 2020 के तहत नए बदलावों को लागू कराने के लिए आयोजित टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया निर्णय


लखनऊ : सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने और खेल-खेल में रोचक ढंग से पढ़ाई कराने पर जोर दिया जाएगा। प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों के लिए हफ्ते में एक दिन नो-बैग डे होगा। उस दिन विद्यार्थी बिना बस्ता लिए स्कूल आएंगे और खेल-खेल में मनोरंजन के माध्यम से सबक सीखेंगे।

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत नए बदलावों को लागू कराने के लिए गुरुवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में विद्यार्थियों को रोचक ढंग से पढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने के निर्देश दिए गए। वहीं बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक किए जाने वाले बदलावों को लेकर एक समग्र रिपोर्ट भी तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने प्री-प्राइमरी एजुकेशन को लेकर एक प्रस्तुतिकरण दिया। प्री-प्राइमरी स्तर पर विद्यार्थियों को रोचक ढंग से पाठ पढ़ाने के लिए बदलाव किए जाने पर जोर दिया। वहीं सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक दिन विद्यार्थियों के लिए नो-बैग डे निर्धारित करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत विद्यार्थियों को खेल-खेल में रोचक गतिविधियों के माध्यम से कठिन से कठिन पाठ आसानी से समझाया जाएगा।

प्राविधिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के बीच सामंजस्य स्थापित हो और प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थी आंगनबाड़ी से लाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में काम करें। वहीं आइटीआइ, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए तैयार किए गए यू-राइज पोर्टल पर उन्हें दाखिले से लेकर रोजगार तक की पूरी जानकारी दी जा रही है।

अब इसमें कक्षा मूल्यांकन, ऑनलाइन उपस्थिति, क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम और जीवन पर्यन्त शिक्षा आदि की सुविधाएं मिलेंगी। अभी प्रवेश, फीस और परीक्षा आदि की ऑनलाइन सुविधाएं दी जा रही हैं। बैठक में राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस गर्ग और माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व निदेशक कृष्ण मोहन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।


उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षा विभाग की एकीकृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वे बृहस्पतिवार को विधानभवन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की चौथी बैठक में बोल रहे थे।

उन्होंने  विभागों की स्टीयरिंग कमेटी के प्रस्तुतीकरण पर चर्चा की। प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एस. राधा चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आईसीडीएस और आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के जरिए आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों के सशक्तीकरण व एकीकृत पुनर्जागरण नवाचार के लिए बनी यू राइज वेबसाइट की जानकारी भी दी। बताया यह एक पारदर्शी व्यवस्था है जिससे काउंसिलिंग, परीक्षा, प्रवेश, मूल्यांकन, शुल्क जमा और पुनर्मूल्यांकन की ऑनलाइन सुविधा है। यू राइज लोगों को उचित और बेहतर अवसर देता है।
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